उदयपुर नगर निगम में उप महापौर चुनाव: भाजपा के दिनेश भट्ट 56 वोटों के साथ विजयी, कांग्रेस प्रत्याशी को 24 मतछोटे बच्चों को फलों का रस पिलाना कितना सुरक्षित, जानिए सही उम्र और 120 मिलीलीटर की सीमा का नियमगोप्रो मिशन 1 प्रो आईएलएस बना सिनेमा एक्शन कैमरा, बदले जा सकेंगे लेंसपुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस में पिता ने मंगेतर के पूरे परिवार पर जताया हत्या की साजिश का शकपाली में डीएपी खाद के संकट से जूझ रहे किसान, सहकारी समिति पर कतारों के बावजूद लौटना पड़ रहा खाली हाथराजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का परचम, यूपी में चुनावी बिसात पर जातिगत दांवपेंच तेजउदयपुर की मां-बेटी ने हस्तशिल्प को दिया नया रूप, 18 देशों के मेले में छाया रंगौरीहंगेरियन फोरिंट के सामने यूरो 360 के दायरे में टिका, बैंक ऑफ जापान ने बढ़ाई ब्याज दरेंपहली छह पारियों में पांच बार शून्य पर आउट होने के बाद कैसे टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज बने मार्वन अटापट्टूतुला राशि में बुध गोचर से अगले 68 दिन इन राशियों के लिए रहेंगे बेहद फलदायी
कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को दी 7 दिन की अंतरिम जमानत, पारिवारिक विवाह में होंगे शामिलदिल्ली
22 सित॰ 2026, 6:10 pm (38 मिनट पहले)· 0

कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को दी 7 दिन की अंतरिम जमानत, पारिवारिक विवाह में होंगे शामिल

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने शरजील इमाम को 4 से 10 अक्टूबर तक सात दिनों की अंतरिम जमानत दी है, जिससे वह अपने चचेरे भाई-बहन के विवाह समारोहों में हिस्सा ले सकेंगे।

वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में बंद शरजील इमाम को राजधानी की एक स्थानीय अदालत से फौरी राहत मिली है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें सात दिनों की सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया। यह अनुमति 4 अक्टूबर से प्रभावी होकर 10 अक्टूबर तक लागू रहेगी, ताकि वह अपने परिवार के मांगलिक आयोजनों में शिरकत कर सकें।

विवाह आयोजनों में शामिल होने के लिए मिली राहत

अदालत में दायर याचिका के अनुसार, शरजील इमाम के दो चचेरे भाई-बहनों का विवाह तय हुआ है। इन पारिवारिक आयोजनों का कार्यक्रम दिल्ली के अलावा बिहार में भी आयोजित किया जा रहा है। शादी से जुड़े विभिन्न रस्मों-रिवाजों के बाद बिहार के जहानाबाद में 9 अक्टूबर को एक भव्य रिसेप्शन समारोह तय किया गया है। शरजील के वकील ने अदालत के समक्ष दलील रखी कि अलग-अलग शहरों में आयोजित हो रहे इन समारोहों में भाग लेने के लिए उन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जानी चाहिए, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

ये भी पढ़ें

अवधि समाप्त होते ही लौटना होगा जेल

अदालत के निर्देशानुसार शरजील इमाम 4 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर तक ही कारागार से बाहर रह सकेंगे। यह आदेश उनकी नियमित जमानत नहीं है, बल्कि एक अत्यंत सीमित और तयशुदा पारिवारिक कार्य के लिए दी गई फौरी रियायत है। तय समय सीमा खत्म होते ही उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में संबंधित जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। इससे पहले मार्च 2026 में भी अदालत ने उन्हें उनके भाई के निकाह में शामिल होने के लिए 10 दिनों की अंतरिम राहत प्रदान की थी।

साजिश से जुड़ा मुकदमा और यूएपीए की धाराएं

शरजील इमाम वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित व्यापक साजिश के गंभीर मामले में आरोपी हैं। इस प्रकरण में जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए समेत कई अन्य आपराधिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर रखा है। इसी केस के चलते वह लंबे अरसे से सलाखों के पीछे हैं।

हाईकोर्ट में नियमित जमानत की अर्जी पर 30 सितंबर को सुनवाई

जहां एक ओर पारिवारिक समारोह के लिए उन्हें कुछ दिनों की अंतरिम राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर उनकी नियमित जमानत का मुख्य मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। शरजील इमाम और उमर खालिद की नियमित रिहाई से जुड़ी याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट 30 सितंबर 2026 को सुनवाई करेगा। दिल्ली पुलिस लगातार इन दोनों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध कर रही है। इससे पूर्व जुलाई के महीने में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के एक आदेश को आधार बनाते हुए दोनों आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

सवाल-जवाब

शरजील इमाम को कितने दिनों की अंतरिम जमानत मिली है?
कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक कुल 7 दिनों की अंतरिम जमानत दी है।
अदालत ने उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति किस कारण से दी?
उन्हें अपने दो चचेरे भाई-बहनों के विवाह समारोहों और 9 अक्टूबर को बिहार के जहानाबाद में होने वाले रिसेप्शन में शामिल होने के लिए यह राहत मिली है।
क्या यह शरजील इमाम की नियमित जमानत है?
नहीं, यह केवल सीमित समय के लिए दी गई अंतरिम जमानत है और अवधि समाप्त होते ही उन्हें वापस जेल लौटना होगा।
नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
दिल्ली हाईकोर्ट में शरजील इमाम और उमर खालिद की नियमित जमानत याचिकाओं पर 30 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित है।
शरजील इमाम पर मुख्य रूप से किस मामले में मुकदमा चल रहा है?
उन पर वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में यूएपीए सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 3

Arjun Mehta@arjun-mehta·अभी

परिवार की शादियों के लिए ऐसे सात दिन की मोहलत तो मिल जाती है, पर क्या दिल्ली हाईकोर्ट इस बार 30 सितंबर को नियमित जमानत पर कुछ राहत देगा?

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

परिवार की शादी में शामिल होने के लिए सात दिन की राहत मिली है, पर मुख्य मामले की सुनवाई अभी बाकी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 मिनट पहले

रोहन भाई, यूएपीए के मामलों में अंतरिम जमानत मिलना आम बात नहीं है, पर पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए अदालतें मानवीय आधार पर विचार कर लेती हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp