कनाडा की अर्थव्यवस्था में हाल ही में दिखाई देने वाले सुधार के संकेत अब अमेरिका के साथ गहराते व्यापार तनाव के साये में आते दिख रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता के शुक्रवार को विफल हो जाने के बाद हालात तेजी से बदलते नजर आए, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार से नए शुल्कों का नया दौर आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया। इस ताजा फैसले के तहत अमेरिका ने कनाडा से आयात होने वाले लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य के सामान पर 50 प्रतिशत का भारी शुल्क लगा दिया है, जो कनाडा के कुल सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.85 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
व्यापार शुल्क के दायरे में आने वाले उत्पाद और छूट
अमेरिका द्वारा लगाए गए इन नए शुल्कों के दायरे में कई प्रकार के उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें वाइन, हॉकी स्टिक और सीमेंट जैसे सामान प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि इस सूची में कुछ महत्वपूर्ण चीजों को इस कर से बाहर भी रखा गया है। ऊर्जा उत्पादों, पोटाश, सेक्शन 232 के तहत पहले से शुल्कों के दायरे में आने वाली वस्तुओं के साथ-साथ मछली और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे उत्पादों को इन नए शुल्कों से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। दूसरी ओर, कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए 8 सितंबर से अमेरिकी शुल्कों के बराबर ही डॉलर-फॉर-डॉलर शुल्क लागू करने की घोषणा की है।
कनाडा के केंद्रीय बैंक की नीतियां और मुद्रास्फीति
इन तमाम व्यापारिक अवरोधों के बीच एक सकारात्मक पहलू यह है कि बैंक ऑफ कनाडा आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने के लिए ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखने की स्थिति में है। इसका मुख्य कारण यह है कि देश में मुख्य मुद्रास्फीति लगातार 2 प्रतिशत के लक्ष्य के काफी करीब बनी हुई है। यही वजह है कि स्वैप कर्व में आने वाले समय में कुछ समायोजन की गुंजाइश बनी हुई है, जो आने वाले बारह महीनों में 75 आधार अंकों की सख्ती का संकेत देता है और निकट भविष्य में कैनेडियन डॉलर के मुकाबले अनुकूल स्थिति बना सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और कमोडिटी में हलचल
व्यापारिक तनाव के इस माहौल के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में विभिन्न मुद्राओं के रुझान भी अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ रहे हैं। हफ्ते की शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर के बीच का मुकाबला 1.3650 के दायरे के आसपास बना हुआ है, जहां पाउंड अपनी पिछली बढ़त के ऊपरी स्तरों को बनाए रखने में कामयाब रहा है। इसी तरह यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी भी 1.1670 के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में आई मामूली तेजी के बीच निवेशक अमेरिकी मनी मार्केट की गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी के कदम
वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं का प्रदर्शन खासा मजबूत बना हुआ है। सोना अपनी तेजी के सिलसिले को कायम रखते हुए शुरुआती मई के बाद पहली बार प्रति ट्रॉय औंस 4,700 डॉलर के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है। सोने की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय में देखने को मिल रहा है जब अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त दर्ज की गई है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने नियमित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया। विभाग ने दोपहर 12:32 जीएमटी पर घोषणा की कि वह 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में तरलता समर्थन के लिए बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा।



















