कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले आंकड़े राहत की खबर लेकर आ सकते हैं। जून और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी आंकड़ों में सुस्ती के बाद तेज वापसी दर्ज होने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि सर्दियों के दौरान विकास की गति धीमी पड़ने के बाद अब आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। जून महीने में जीडीपी में 0.2% की बढ़ोतरी का अनुमान व्यक्त किया गया है, जो स्टैटिस्टिक्स कनाडा के शुरुआती अग्रिम अनुमानों के बिल्कुल अनुकूल है। अप्रैल और मई के महीनों में दर्ज हुई वृद्धि को मिलाकर यह पूरे एक प्रतिशत अंक की बढ़त के करीब पहुंच जाता है।
कनाडा की जीडीपी और ऑटो क्षेत्र का प्रदर्शन
हालांकि महीने-दर-महीने जारी होने वाले आंकड़ों में लगातार संशोधन देखने को मिलते रहते हैं, फिर भी दूसरी तिमाही में समग्र रूप से वार्षिक विकास दर 3% से अधिक रहने का अनुमान है। इस सकारात्मक सुधार में शुद्ध व्यापार का बड़ा योगदान माना जा रहा है, क्योंकि निर्यात की रफ्तार आयात से कहीं अधिक रही है। सर्दियों के मौसम में उत्पादन में आई रुकावटों के बाद ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आई तेजी ने इस बढ़त को मुख्य रूप से सहारा दिया है। लेकिन बाजार विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि दूसरी तिमाही में ऑटो उत्पादन और शुद्ध व्यापार से मिला यह बल आने वाली अगली तिमाहियों में दोबारा मिलना काफी मुश्किल हो सकता है, जिससे आगे चलकर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
फॉरेक्स मार्केट में पाउंड और यूरो की चाल
विदेशी मुद्रा बाजार की बात करें तो जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की जोड़ी 1.3670 से ऊपर फरवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद थोड़ा सुस्त होकर 1.3650 के नीचे कारोबार कर रही है। ब्रिटेन से आए बेहतर पीएमआई (PMI) आंकड़ों ने शुरुआत में ब्रिटिश पाउंड को सहारा दिया था। हालांकि, अमेरिका के निजी क्षेत्र में स्वस्थ व्यावसायिक गतिविधियों को दर्शाने वाले पीएमआई आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर (USD) ने मजबूती दिखाई, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित हो गई। इसके बावजूद, जीबीपी/यूएसडी लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त के साथ बंद होने की राह पर बना हुआ है।
दूसरी ओर, ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) की जोड़ी यूरोपीय सत्र की तेजी के बाद सुधरकर 1.1700 के नीचे आ गई है। जर्मनी और पूरे यूरोज़ोन से मिले-जुले पीएमआई आंकड़े आने के बावजूद यह गिरावट देखी गई। सप्ताहांत से पहले अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा है, जिसे अमेरिका के मजबूत पीएमआई आंकड़ों का समर्थन मिला है। इसके बावजूद यूरो और डॉलर की जोड़ी साप्ताहिक आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज करने की स्थिति में बनी हुई है।
सोने की चमक और अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी योजना
कीमती धातुओं के बाजार में तेजी का माहौल देखा जा रहा है। शुक्रवार को सोने की कीमतों में लगातार उछाल आया और बुलियन निवेशक $4,600 प्रति औंस के प्रतिरोध स्तर को दोबारा परखने का लक्ष्य बना रहे हैं। यह स्तर पिछले छह महीनों के कारोबारी दायरे का ऊपरी सिरा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा दीर्घकालिक प्रतिभूतियों को वापस खरीदने के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर में आई तेज बिकवाली ने सोने और अन्य कीमती धातुओं को काफी बल प्रदान किया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन्स की उड़ान
डिजिटल एसेट और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शुक्रवार को मजबूत तेजी देखने को मिली है। इस तेजी की अगुवाई बिटकॉइन (BTC) ने की, जो $77,000 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर निकल गया है। बिटकॉइन के इस सकारात्मक रुख का असर प्रमुख ऑल्टकॉइन्स पर भी साफ नजर आया। इथेरियम (ETH) $2,400 के करीब कारोबार करता दिखा, जबकि रिपल (XRP) $1.35 के स्तर के पास मजबूती से डटा हुआ है। क्रिप्टो निवेशकों में ट्रेजरी के तरलता उपायों के बाद जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती हुई दिख रही है।
जैक्सन होल सम्मेलन, केविन वॉश और एनवीडिया के नतीजे
वित्तीय बाजारों की नजर अब आगामी प्रमुख घटनाओं पर टिकी हुई है। केविन वॉश (Kevin Warsh) जैक्सन होल (Jackson Hole) सम्मेलन में अपनी शुरुआत करने जा रहे हैं, जहां केंद्रीय बैंक के बयानों को लेकर अस्पष्ट संकेत बने हुए हैं। हालांकि, हाल ही में बांड बाजार में किए गए हस्तक्षेप के बाद किसी बड़े कड़े या हॉकिश फैसले की संभावना कम जताई जा रही है। इसके साथ ही, एनवीडिया (Nvidia) के आगामी तिमाही नतीजे भी शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, खासकर ऐसे समय में जब टेक शेयरों की हालिया तेजी में थोड़ा ठहराव आया है।
अमेरिकी ट्रेजरी का अभूतपूर्व बायबैक कार्यक्रम
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपने पूर्व निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा फैसला लिया। 12:32 जीएमटी पर विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक संचालन का आकार कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दी गई है। यह नया बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा। इस कदम से अमेरिकी बांड बाजार में तरलता को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।



















