कनाडाई डॉलर ने गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के खिलाफ अपनी बढ़त बनाए रखी, जिससे USD/CAD मुद्रा जोड़ा गिरकर 1.3820 के आसपास आ गया। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में यह 1.3800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.3900 की तुलना में 0.56% की गिरावट दर्ज करता है। उत्तरी अमरीकी मुद्रा बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से यह लगातार दूसरा दिन है जब इस मुद्रा जोड़े में गिरावट देखी जा रही है। दैनिक टाइमफ्रेम पर चार्ट विश्लेषण से पता चलता है कि यह जोड़ी एक ढलान वाले डाउनवर्ड चैनल पैटर्न के भीतर बनी हुई है, जो निकट अवधि में मंदी के रुझान को मजबूत करती है।
तकनीकी मूविंग एवरेज और चार्ट पैटर्न का विश्लेषण
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो USD/CAD का निकट अवधि का रुझान मंदी की ओर बना हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि यह जोड़ी अपने 9-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) दोनों के नीचे ट्रेड कर रही है। 9-दिन का EMA वर्तमान में 1.3856 के स्तर पर मौजूद है, जो ऊपर की ओर किसी भी सुधार के लिए तात्कालिक रुकावट के रूप में काम कर रहा है। इसके ऊपर 50-दिन का EMA 1.3941 के आसपास है, जो डाउनवर्ड चैनल की ऊपरी सीमा के साथ मिलकर एक मजबूत रेजिस्टेंस ज़ोन बनाता है।
अल्पकालिक मूविंग एवरेज के अलावा, व्यापक संरचनात्मक संकेतक इस जोड़ी के दीर्घकालिक संदर्भ को स्पष्ट करते हैं। USD/CAD का 52-सप्ताह का दायरा 1.3500 के निचले स्तर से 1.4200 के उच्चतम स्तर के बीच रहा है। चार्ट पर 50-दिन का EMA 200-दिन के EMA (दोनों 1.3900 के पास) से ऊपर होने के कारण गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। फिर भी, मौजूदा कीमत 20-दिन के EMA (1.3900) और 50-दिन के SMA (1.4000) के नीचे बनी हुई है। 20-अवधि और 2-स्टैंडर्ड-डेवििएशन वाले बॉलिंजर बैंड 1.3800 और 1.4000 के बीच फैले हैं, जिसका मध्य बैंड 1.3900 पर है और कीमत निचले बैंड के पास टिकी है।
यदि खरीदार 1.3856 और 1.3941 के इस रेजिस्टेंस क्षेत्र को तोड़ने में सफल होते हैं, तो बियरिश दृष्टिकोण कमजोर हो सकता है। ऐसी स्थिति में यह जोड़ी 24 जून 2026 को दर्ज किए गए 17 महीने के उच्चतम स्तर 1.4248 की ओर दोबारा बढ़ सकती है। हालांकि, जब तक कीमत इन मूविंग एवरेज के नीचे बनी रहती है, तब तक गिरावट का रुख जारी रहने की संभावना है और यह जोड़ी 1.3640 के निचले चैनल समर्थन स्तर की ओर फिसल सकती है। दैनिक पिवट स्तरों में S1 और S2 सपोर्ट 1.3800 के पास हैं, जबकि 20-दिवसीय द्वितीयक सपोर्ट 1.3700 के करीब स्थित है।
आरएसआई और तकनीकी ऑसिलेटर के संकेत
तकनीकी इंडिकेटर भी बाजार में बिकवाली के जारी रहने का समर्थन कर रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 40.7 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि लाइव आंकड़े इसे 40 पर दर्शाते हैं। यह 50 के न्यूट्रल आंकड़े से नीचे है और नकारात्मक क्षेत्र में गिरावट का संकेत देता है। RSI का 40 का स्तर यह बताता है कि बाजार में बिकवाली का माहौल बना हुआ है, लेकिन अभी यह 30 से नीचे ओवरसोल्ड सीमा में नहीं पहुंचा है। इसका मतलब है कि संस्थागत खरीदारों के आने से पहले कीमतों में और गिरावट के लिए तकनीकी गुंजाइश अभी भी बनी हुई है।
अन्य तकनीकी संकेतकों की बात करें तो मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) -0.00 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.01 पर दर्ज की गई है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.01 पर है, जो दैनिक आधार पर मध्यम उतार-चढ़ाव को दर्शाता है और जोखिम प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट स्टॉप-लॉस बफर प्रदान करता है। इसके अलावा 14-दिवसीय एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 26 के स्तर पर है, जो यह पुष्टि करता है कि वर्तमान में नीचे की ओर जारी यह ट्रेंड काफी मजबूत है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 40 और सिग्नल लाइन 57 पर है, जो मंदी के दबाव की पुष्टि करती है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में कनाडाई डॉलर का प्रदर्शन
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के आज के मैट्रिक्स आंकड़ों से पता चलता है कि कनाडाई डॉलर आज की प्रमुख मुद्राओं में सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली करेंसी रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई डॉलर ने सबसे ज्यादा बढ़त हासिल की है। कनाडाई अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक कारकों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आ रहे मंदी के संकेतों के कारण निवेशकों का रुझान कनाडाई डॉलर की ओर बढ़ा है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले भी इसका आधार मजबूत बना हुआ है।
फॉरेक्स हीट मैप आंकड़े विभिन्न मुद्राओं के बीच प्रतिशत बदलाव को दर्शाते हैं। जब बाएं कॉलम में कनाडाई डॉलर को बेस करेंसी और ऊपरी पंक्ति में अमेरिकी डॉलर को कोट करेंसी चुना जाता है, तो यह आंकड़ा कनाडाई डॉलर की मजबूत बढ़त को स्पष्ट करता है। इन मैट्रिक्स बदलावों पर नजर रखने वाले बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कनाडाई डॉलर की यह मजबूती क्रॉस-करेंसी जोड़ियों में भी ठोस आधार प्रदान कर रही है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव
USD/CAD में आई यह गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी का परिणाम है। अमेरिका के कमजोर ADP रोजगार रिपोर्ट के आंकड़ों ने बाजार को निराश किया है, जिससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। रोजगार के सुस्त आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को हवा दी है, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा है।
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY में भी भारी बिकवाली दर्ज की गई और यह 157.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। अमेरिकी आंकड़ों के अलावा बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की चेतावनियों ने जापानी येन को मजबूती प्रदान की। ट्रेडर्स ने अमेरिकी आंकड़ों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिससे येन के मुकाबले डॉलर की बिकवाली तेज हुई।
दूसरी ओर, एशियाई सत्र में AUD/USD 0.7150 के स्तर से ऊपर सीमित दायरे में कारोबार करता दिख। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों के बावजूद चीन के रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI के बेहतर आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सितंबर में फेडरल रिजर्व की बैठक को लेकर अनिश्चितता के कारण जोखिम वाली मुद्राओं की बढ़त सीमित रही।
कमोडिटी, सोना और क्रूड ऑयल बाजार की हलचल
वैश्विक कमोडिटी बाजारों में भी गुरुवार को काफी हलचल देखने को मिली। सोने की कीमतें यूरोपीय सत्र से पहले 4,450 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती के साथ टिकी रहीं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और कमजोर रोजगार आंकड़ों ने सोने की रिकवरी में मदद की। हालांकि, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के जोखिमों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण सोने की ऊपर की बढ़त पर कुछ अंकुश भी लगा रहा।
ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत शांत दिख रही हैं, लेकिन रिफाइंड उत्पादों के बाजार से एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड के बीच के अंतर को मापता है, इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और 102.00 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह रिफाइनरी मार्जिन में भारी उछाल और मध्यवर्ती ईंधन आपूर्ति में तंगी को दर्शाता है जो परिवहन लागत और मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकता है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मिश्रित तकनीकी रुख
डिजिटल एसेट बाजार में व्यापारियों के बीच मिश्रित भावनाएं देखी गईं। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी टोकन के तकनीकी चार्ट अलग-अलग दिशाओं का संकेत दे रहे हैं।
रिपल (XRP) ने हालिया गिरावट के बाद अपने प्रमुख समर्थन स्तर को बरकरार रखा है और खरीदारी के संकेत दे रहा है। इसके विपरीत, स्टेलर (XLM) कई प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के समूह से नीचे फिसल गया है, जो इस टोकन में आगे भी अल्पकालिक मंदी रहने का संकेत देता है।



















