अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त का दायरा बढ़ाया है। पिछले हफ्ते 108.65 से 108.60 के दायरे में आठ महीने के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद, इस मुद्रा जोड़ी ने मजबूत वापसी करते हुए 110.00 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को फिर से हासिल कर लिया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक यह क्रॉस 110.27 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 109.40 की तुलना में 0.79 प्रतिशत की मजबूती दर्शाता है। इस उछाल को चीन के बेहतर आर्थिक आंकड़ों और ऑस्ट्रेलियाई नीति निर्माताओं की सख्त टिप्पणियों से सीधा सहारा मिला है, जबकि बैंक ऑफ जापान के रुख को लेकर अनिश्चितता ने येन पर दबाव बनाया है।
चीन के मजबूत आंकड़ों और आरबीए के बयानों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को संजीवनी
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की इस नई ताकत के पीछे सबसे प्रमुख वजह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन से आए तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के आंकड़े हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की दर से विस्तार दर्ज किया है, जो विश्लेषकों के अनुमानों से बेहतर साबित हुआ। इसके साथ ही सितंबर महीने के औद्योगिक और कारोबारी गतिविधि आंकड़ों ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया का चीन के साथ गहरा व्यापारिक संबंध होने के कारण, चीनी अर्थव्यवस्था में स्थिरता का सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मिलता है।
दूसरी ओर, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की तीखी टिप्पणियों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पक्ष में माहौल तैयार किया। उनके नीतिगत बयानों से स्पष्ट संकेत मिले कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए कड़े रुख पर कायम रह सकता है। इस नीतिगत सख्ती की उम्मीद ने खरीदारों को दोबारा आकर्षित किया। यही वजह रही कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भी मजबूती दिखाते हुए एशियाई कारोबार में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करता दिखा।
जापानी येन पर दबाव लेकिन मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका
जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बाहरी और घरेलू दोनों मोर्चों पर समर्थन मिल रहा है, वहीं जापानी येन बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। बैंक ऑफ जापान की सतर्क नीति और ब्याज दरों में सामान्यीकरण की धीमी गति येन के लिए बाधा बनी हुई है। हालांकि, येन में कमजोरी के बावजूद ट्रेडर्स बहुत आक्रामक होकर बिकवाली करने से बच रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि जापानी वित्त मंत्रालय और बैंक ऑफ जापान पहले भी घरेलू मुद्रा में तेज गिरावट को थामने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप कर चुके हैं।
टोक्यो के नीति निर्माताओं की ओर से संभावित हस्तक्षेप का डर किसी भी तेज उछाल को सीमित रखने का काम कर रहा है। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा की टिप्पणियों में सख्त रुख की झलक दिखने के बावजूद बाजार प्रतिभागी यह मान रहे हैं कि 158.00 के करीब संघर्ष कर रहे यूएसडी/जेपीवाई और 110.00 के पार पहुंचे एयूडी/जेपीवाई में येन का रुख कभी भी बदल सकता है। जब तक जापानी अधिकारियों का रुख स्पष्ट नहीं होता, तब तक येन की कमजोरी पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
तकनीकी स्तर और आगे की दिशा
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एयूडी/जेपीवाई के लिए 110.04 का दैनिक पिवट स्तर काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है। जोड़ी वर्तमान में अपने 200-दिवसीय ईएमए यानी 110.03 से ऊपर बनी हुई है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 110.41 और 50-दिवसीय ईएमए 111.21 पर प्रतिरोध के रूप में खड़े हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 47 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि बाजार न तो अत्यधिक खरीदा गया है और न ही अत्यधिक बिका हुआ। एमएसीडी हिस्टोग्राम 0.07 पर सकारात्मक है, जो अल्पकालिक तेजी का संकेत देता है, जबकि एडीएक्स 26 पर रहते हुए ट्रेंड की मौजूदगी की पुष्टि करता है।
ऊपर की ओर, 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 111.10 पर स्थित है, जो आगे की तेजी पर कड़ा ब्रेक लगा सकता है। यदि यह बाधा पार होती है, तो अगला लक्ष्य 111.76 और फिर 112.61 का दायरा हो सकता है। दूसरी तरफ, गिरावट की स्थिति में 23.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 109.59 पर पहला मजबूत सहारा है। इसके टूटने पर 109.26 का एस2 स्तर और हालिया स्विंग लो 108.66 से 108.65 का क्षेत्र परीक्षण के दायरे में आ सकता है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 98.83 से 114.96 के बीच रहा है।
वैश्विक बाजारों, सोने और क्रिप्टो परिसंपत्तियों की चाल
करेंसी बाजार से परे अन्य संपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर बॉन्ड यील्ड में हालिया नरमी के चलते दो हफ्तों के निचले स्तरों के पास दबाव में रहा, जिससे यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के पास रक्षात्मक मुद्रा में बना रहा। सोने की कीमतें 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे टिकी रहीं और अपनी पिछली तेजी को बनाए रखने के लिए जूझती दिखीं। तेल की गिरती कीमतों और भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ राहत के बीच सोने में तेजी सीमित रही।
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में, बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल पिछले सप्ताह अमेरिकी मुद्रास्फीति के चिपचिपे आंकड़ों और संस्थागत पूंजी निकासी के बाद संभलते दिखे। बिटकॉइन 80,607 डॉलर के 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर उछलने में कामयाब रहा, जबकि एथेरियम और एक्सआरपी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों की परीक्षा ले रहे हैं। कुल मिलाकर वित्तीय बाजार ब्याज दरों के भविष्य और केंद्रीय बैंकों के अगले कदमों को तौलने में व्यस्त हैं।


















