लगातार दो दिन की गिरावट झेलने के बाद ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले फिर दम दिखाया है। लेकिन यह वापसी किसी शांत माहौल में नहीं हो रही, बल्कि ठीक उस मोड़ पर आई है जब ब्रिटेन में एक के बाद एक बड़े आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं। यही वजह है कि करेंसी बाजार में कारोबारी अभी से खुद को तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार कर रहे हैं।
इस हफ्ते जो नौकरी और महंगाई से जुड़े आंकड़े सामने आएंगे, उनका सीधा असर बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगले हफ्ते होने वाली मौद्रिक नीति घोषणा पर बाजार की उम्मीदों पर पड़ने वाला है। यानी पाउंड की चाल इन नंबरों के इर्द-गिर्द घूमेगी।
मंगलवार को आएंगे रोजगार के आंकड़े
मंगलवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी होने वाले आंकड़ों में ILO बेरोजगारी दर के 4.9% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। वहीं वेतन बढ़ोतरी का एक अहम पैमाना माने जाने वाले बोनस को छोड़कर औसत कमाई में सालाना आधार पर 3.4% की स्थिर बढ़ोतरी का अनुमान है। मजदूरी में इस तरह की चाल यह बताती है कि अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव कितना बना हुआ है।
इसके अलावा ब्रिटेन के कोर CPI पर सबकी निगाहें रहेंगी। कोर CPI में खाने-पीने की चीजों, ऊर्जा, शराब और तंबाकू जैसे उतार-चढ़ाव वाले हिस्सों को शामिल नहीं किया जाता, इसलिए इसे महंगाई की असली तस्वीर का ज्यादा भरोसेमंद संकेत माना जाता है। अनुमान है कि यह मामूली रफ्तार से बढ़कर 2.5% रह सकता है, जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 2.6% था।
महंगाई और पाउंड का रिश्ता
बैंक ऑफ इंग्लैंड की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही है कि वह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी हेडलाइन CPI से मापी जाने वाली महंगाई को करीब 2% के आसपास बनाए रखे। इसी वजह से हर महीने आने वाला यह आंकड़ा बेहद अहम हो जाता है। जब महंगाई तेजी से बढ़ती है तो इसका मतलब होता है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें जल्दी और तेजी से बढ़ा सकता है, या बॉन्ड खरीदना घटा सकता है, जिससे बाजार में पाउंड की आपूर्ति कस जाती है। इसके उलट, अगर कीमतों के बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ती है तो यह ढीली मौद्रिक नीति की ओर इशारा करता है। यही कारण है कि उम्मीद से ज्यादा महंगाई का आंकड़ा आमतौर पर पाउंड के लिए तेजी वाला साबित होता है।
ताजा कारोबार में पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 1.34 के स्तर पर घूम रहा है और पिछले बंद भाव से लगभग सपाट है। तकनीकी मोर्चे पर 14 दिन का RSI 55 पर है, जो न ज्यादा गर्म और न ज्यादा ठंडा, यानी संतुलित तस्वीर दिखाता है।
बैंक ऑफ जापान से क्या उम्मीद
दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान से अगले हफ्ते होने वाली नीति बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने की उम्मीद जताई जा रही है। दरों में किसी बदलाव न होने का यह अनुमान भी येन के मुकाबले पाउंड की चाल तय करने में भूमिका निभाएगा।
क्रिप्टो बाजार में इथेरियम आगे
करेंसी बाजार से हटकर क्रिप्टो की ओर देखें तो बीते हफ्ते इथेरियम ने बाकी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले ज्यादा मजबूती दिखाई है। पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच ETH ने दहाई अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि गुरुवार से पूरे बाजार में गिरावट शुरू हो गई, जिससे साफ है कि इथेरियम की यह बढ़त ऊपर से जितनी दमदार दिखती है, अंदर से उतनी ही नाजुक बनी हुई है।
कार्डानो का हार्ड फोर्क
वहीं कार्डानो (ADA) पिछले हफ्ते हल्की वापसी के बाद 0.165 डॉलर पर अटक गया है। शनिवार को वैन रॉसेम हार्ड फोर्क सक्रिय हुआ, जो कार्डानो का पहला ऐसा प्रोटोकॉल अपग्रेड रहा जिसे पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस के जरिए मंजूरी मिली। इस अपग्रेड के साथ प्रोटोकॉल वर्जन 11 आया, जिसका मकसद स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लागत घटाना है।
जून की महंगाई में तेज गिरावट
महंगाई के मोर्चे पर जून का CPI महीने-दर-महीने 0.4% गिर गया, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट ने सालाना दर को मई के 4.2% से घटाकर 3.5% पर ला दिया और लगातार तीन महीने से चली आ रही तेजी की कड़ी तोड़ दी। कोर कीमतें महीने के दौरान कहीं नहीं हिलीं, यानी सपाट रहीं, और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं। दोनों ही आंकड़े बाजार की आम राय से नीचे रहे, जो महंगाई के नरम पड़ने की ओर एक और इशारा है।



















