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यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति में महंगाई का जोखिम बरकरार, दिसंबर और मार्च में ब्याज दरें बढ़ने के संकेतबाज़ार
8 अक्तू॰ 2026, 7:17 pm (1 घंटे पहले)· 0

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति में महंगाई का जोखिम बरकरार, दिसंबर और मार्च में ब्याज दरें बढ़ने के संकेत

यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सितंबर बैठक के ब्योरे से साफ है कि नीति नियंता अब भी महंगाई के जोखिम को लेकर सतर्क हैं, जिससे आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सितंबर महीने की मौद्रिक नीति बैठक के विवरण से यह संकेत मिलता है कि नीति नियंताओं का पूरा ध्यान महंगाई के बढ़ते जोखिमों पर बना हुआ है। नॉर्डिया के चीफ एनालिस्ट यान फॉन गेरिख के विश्लेषण के मुताबिक, बैंक की गवर्निंग काउंसिल ऊर्जा के झटकों और मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच बढ़ती कीमतों के दबाव को रोकने के लिए आगे भी ब्याज दरों में इजाफा कर सकती है। मौजूदा संकेतों को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि यूरोपीय केंद्रीय बैंक आने वाले दिसंबर और अगले साल मार्च में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का कदम उठा सकता है।

अनिश्चितता के बीच तटस्थ संचार और डेटा पर निर्भरता

गवर्निंग काउंसिल ने अपनी हालिया नीतिगत समीक्षा में इस बात पर जोर दिया है कि वह किसी भी पहले से तय फैसले से बच रही है। केंद्रीय बैंक ने तटस्थ संचार बनाए रखने और हर बैठक में नए आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ही निर्णय लेने की नीति अपनाई है। इसका मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में बनी भारी अनिश्चितता है, जिसके चलते पहले से कोई सख्त प्रतिबद्धता जताना जोखिम भरा हो सकता है।

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यान फॉन गेरिख ने रेखांकित किया कि ऊर्जा संकट से जुड़े अप्रत्यक्ष और दूसरे दौर के प्रभाव अब तक सीमित रहे हैं, लेकिन नीति निर्माताओं को डर है कि अर्थव्यवस्था के लचीले रुख से आने वाले दिनों में कीमतों का व्यापक दबाव उभर सकता है। इसी वजह से यूरोपीय सेंट्रल बैंक किसी भी स्पष्ट फॉरवर्ड गाइडेंस से बचते हुए अपने तमाम विकल्पों को खुला रख रहा है ताकि बदलती परिस्थितियों के अनुसार तुरंत कदम उठाया जा सके।

पश्चिम एशिया संकट और अमेरिकी डॉलर का दबदबा

वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक स्तर पर जारी उठापटक के बीच एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.6950 के ठीक ऊपर स्थिर रुख के साथ कारोबार करती दिखी। बाजार के कारोबारी पश्चिम एशिया संकट के घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। पेंटागन द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित हमलों के लिए सैन्य तैयारियों के आदेश दिए जाने की बात सामने आने के बाद बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही यूएस फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति यानी एफओएमसी के आक्रामक मिनट्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने ग्रीनबैक को सहारा दिया है, जिसका सीधा दबाव इस मुद्रा जोड़ी पर पड़ रहा है।

येन में हस्तक्षेप की अटकलों के बीच अमेरिकी डॉलर सुस्त

दूसरी तरफ गुरुवार के एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी फिसलकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गई। बाजार में ऐसी मजबूत अटकलें हैं कि जापानी अधिकारी अपनी गिरती मुद्रा येन को सहारा देने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर अपने 18 महीने के उच्च स्तर के करीब मुनाफावसूली का शिकार हुआ। डॉलर इंडेक्स ने एफओएमसी मिनट्स के सख्त रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की अनदेखी करते हुए मामूली कमजोरी दिखाई, जिससे इस जोड़ी में गिरावट दर्ज की गई।

सोने की कीमतों पर दबाव, दो महीने के निचले स्तर के करीब सीमित दायरा

कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी मामूली बढ़त गंवा दी और बिकवाली के दबाव में आ गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी ने पीली धातु की किसी भी बड़ी रिकवरी पर रोक लगा दी है। इसके परिणामस्वरूप सोना अपने दो महीने के निचले स्तर के करीब कमजोरी के दायरे में फंसा हुआ है। हाजिर सोने का भाव यानी XAU/USD 4,143 डॉलर के इंट्राडे उच्च स्तर से फिसलकर 4,119 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की संभावना और भू-राजनीतिक जोखिमों के टकराव ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।

सवाल-जवाब

यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा अगली ब्याज दर बढ़ोतरी कब की जा सकती है?
नॉर्डिया के मुख्य विश्लेषक के अनुसार, बैंक की गवर्निंग काउंसिल आने वाले दिसंबर और अगले साल मार्च में नीतिगत ब्याज दरें बढ़ा सकती है।
केंद्रीय बैंक स्पष्ट फॉरवर्ड गाइडेंस देने से क्यों बच रहा है?
उच्च भू-राजनीतिक और बाजार अनिश्चितता के कारण बैंक किसी निश्चित नीति पर पहले से प्रतिबद्ध नहीं होना चाहता और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहना पसंद करता है।
पश्चिम एशिया संकट का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ा?
पेंटागन द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित हमलों की तैयारियों के बाद डॉलर की मजबूती से AUD/USD जोड़ी पर दबाव रहा और यह 0.6950 के ठीक ऊपर स्थिर रही।
USD/JPY जोड़ी 158.00 के नीचे क्यों फिसल गई?
जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए संभावित हस्तक्षेप की अटकलों और डॉलर में मुनाफावसूली के चलते यह जोड़ी 158.00 के स्तर से नीचे आ गई।
सोने की कीमतों में हालिया गिरावट का क्या कारण है?
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण सोने की कीमत 4,143 डॉलर के उच्च स्तर से गिरकर 4,119 डॉलर के आसपास आ गई।
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