वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के दबाव के बीच देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने रोजगार के मोर्चे पर लगातार तीसरे महीने सकारात्मक रुख दिखाया है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने शुद्ध रूप से 4,258 कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा है। हालांकि यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जोड़े गए 9,279 कर्मचारियों की तुलना में कम है, लेकिन पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में हुई भारी कटौतियों की तुलना में यह एक मजबूत सुधार का संकेत देता है। इसके साथ ही इस तिमाही में कंपनी की एट्रिशन दर 13.3 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही।
कर्मचारियों की कुल संख्या और कार्यबल विविधता
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 4,258 नए कर्मियों के शामिल होने के बाद कंपनी का कुल कार्यबल बढ़कर 598,056 कर्मचारियों तक पहुंच गया है। कंपनी के भीतर विविधता का पैमाना भी काफी विस्तृत है, जिसमें 149 राष्ट्रीयताओं के पेशेवर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, इस कुल कार्यबल में महिला कर्मचारियों की भागीदारी 35 प्रतिशत दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 9,279 पदों को जोड़कर अपनी कुल संख्या 593,798 तक पहुंचाई थी, जिसके बाद दूसरी तिमाही में भी यह क्रमिक विस्तार जारी रहा।
प्रबंधन का दृष्टिकोण और कौशल विकास पर जोर
कार्यबल विस्तार और प्रशिक्षण पर बोलते हुए चीफ एचआर ऑफिसर सुदीप कुन्नुमल ने कहा, "हम अपने कर्मचारियों को अपस्किल करके और शीर्ष प्रतिभाओं को जोड़कर एक भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण जारी रखे हुए हैं।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सीखने और महत्वपूर्ण कौशल विकास में किए गए निवेश के चलते सीखने के घंटों में तिमाही आधार पर 17 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि हुई, जो बढ़कर 17.1 मिलियन घंटे हो गई। उनके अनुसार, इस तिमाही में कुल कार्यबल 598,000 के पार निकल गया, जबकि नौकरी छोड़ने की दर 13.3 प्रतिशत पर संतुलित रही।
वहीं वित्तीय और रणनीतिक स्थिति पर बात करते हुए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर समीर सेकसरिया ने कहा, "हमने अधिग्रहण, रणनीतिक साझेदारियों और विशिष्ट प्रतिभाओं में निवेश के माध्यम से अपनी क्षमताओं को मजबूत करना जारी रखा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी ने मजबूत नकदी प्रवाह और उद्योग जगत में अग्रणी लाभप्रदता बनाए रखी है, जिससे सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक टिकाऊ मूल्य सृजित करने पर ध्यान केंद्रित रखा जा सके।
छह लाख के स्तर से अब भी पीछे और छंटनी का दौर
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के कुल प्रदर्शन पर नजर डालें तो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अब तक 13,537 कर्मियों को जोड़ा है। वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी का कुल कार्यबल 584,519 कर्मचारियों का था। कंपनी का यह नया भर्ती चक्र वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही से आरंभ हुआ था और अब लगातार तीसरी तिमाही में भी बना हुआ है। अब उद्योग विशेषज्ञों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह गति आगे भी बनी रहती है या नहीं।
इस सतत विस्तार के बावजूद कंपनी अब भी अपने पूर्ववर्ती छह लाख कर्मचारियों के आंकड़े से नीचे बनी हुई है। इससे पहले कंपनी के पास 6 लाख से अधिक कर्मी वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में थे, जब कुल संख्या 613,069 दर्ज की गई थी। उस उच्च स्तर के बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 19,755 कर्मचारियों की और तीसरी तिमाही में 11,151 कर्मचारियों की बड़ी छंटनी की थी, जिससे कार्यबल में भारी संकुचन देखा गया था।
वैश्विक टेक छंटनी का व्यापक परिदृश्य
ट्रूअप के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में छंटनी का संकट अभी पूरी तरह थमा नहीं है। वर्ष 2026 में अब तक टेक कंपनियों में 633 छंटनी के दौर देखे गए हैं, जिनसे कुल 191,518 लोग प्रभावित हुए हैं। यह आंकड़ा प्रतिदिन औसतन 682 कर्मचारियों के प्रभावित होने के बराबर है। इसकी तुलना में वर्ष 2025 के दौरान तकनीकी कंपनियों में 783 अलग-अलग छंटनी के मामले दर्ज किए गए थे, जिसके चलते कुल 245,953 लोगों की नौकरियां गई थीं, जो औसतन 674 लोग प्रतिदिन था।
वित्तीय नतीजे और परिचालन मार्जिन
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 13,884 करोड़ रुपये रहा। यह पहली तिमाही के 13,349 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ की तुलना में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वहीं पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दर्ज 12,075 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के मुकाबले इसमें सालाना आधार पर 14.98 प्रतिशत का उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया, जिससे कंपनी ने वार्षिक स्तर पर बाजार के लाभ अनुमानों को पीछे छोड़ दिया।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध मार्जिन 19 पर आया, जबकि परिचालन मार्जिन 24 प्रतिशत दर्ज किया गया। परिचालन से शुद्ध नकदी प्रवाह 14,190 करोड़ रुपये रहा, जो कुल शुद्ध आय का 102.2 प्रतिशत बैठता है। राजस्व के मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में समेकित राजस्व 73,188 करोड़ रुपये रहा, जिसमें तिमाही आधार पर 1.26 प्रतिशत और सालाना आधार पर 11.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पहले पहली तिमाही में राजस्व 72,275 करोड़ रुपये और पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही में 65,799 करोड़ रुपये रहा था।



















