अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में यूरो और स्विस फ्रैंक की जोड़ी एक नाजुक तकनीकी मोड़ पर पहुंच गई है। बहु-महीनों की तेजी की ट्रेंड लाइन टूटने और 200 दिनों के मूविंग एवरेज से नीचे फिसलने के बाद यह करेंसी जोड़ी एक अस्थायी निचले स्तर 0.9195 तक गई थी। हालांकि बाजार में एक हल्की वापसी के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन करेंसी विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि जब तक यह जोड़ी 0.9335 और 0.9370 के हालिया पिवट हाई को निर्णायक रूप से पार नहीं कर लेती, तब तक गिरावट का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। यदि यह रेजिस्टेंस स्तर नहीं टूटा, तो बिकवाली का दौर दोबारा शुरू हो सकता है और भाव 0.9140 के अनुमानित स्तर तथा मई 2025 के निचले स्तर 0.9095 की तरफ फिसल सकते हैं।
यूरो के तकनीकी स्तर और व्यापक करेंसी हलचल
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ों के बीच तकनीकी दबाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी भी लंबे समय के दबाव में नजर आ रही है। बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD की कीमत 1.12 पर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 1.12 से 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.11 से 1.20 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14 दिनों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 32 पर दर्ज किया गया है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD -0.01 पर है जबकि इसका सिग्नल भी -0.01 पर है, जिसके हिस्टोग्राम में 0.00 का स्तर बुलिश क्रॉसिंग दिखाता है।
मूविंग एवरेज की संरचना पर नजर डालें तो 20 दिनों का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 1.13, EMA50 1.14 और EMA200 1.15 पर स्थित है। वहीं 50 दिनों का सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA50 1.14 और SMA200 1.16 पर है। जब 50 दिनों का मूविंग एवरेज 200 दिनों के मूविंग एवरेज से नीचे रहता है, तो इसे डेथ क्रॉस माना जाता है, जो दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति की पुष्टि करता है। 20 दिनों के बॉलिंजर बैंड्स 1.11 से 1.13 के बीच फैले हैं और मध्य रेखा 1.12 पर है, जिससे पता चलता है कि भाव फिलहाल बैंड्स के भीतर ही घूम रहा है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी ADX 47 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंड का संकेत देता है। इसके अलावा स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 46 और सिग्नल लाइन 62 पर है। बाजार में दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला एवरेज ट्रू रेंज यानी ATR(14) 0.01 पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देखा जाता है। 20 दिनों का सपोर्ट लगभग 1.11 और रेजिस्टेंस 1.14 के आसपास टिका है, जबकि पिवट स्तर 1.12, रेजिस्टेंस R1 1.12, R2 1.13 तथा सपोर्ट S1 1.12 और S2 1.11 पर मौजूद हैं।
एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन
सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकी रही। अमेरिकी डॉलर पर बने नए सिरे के बिकवाली दबाव के कारण यह जोड़ी एक महीने के उच्च स्तर के करीब कारोबार करती दिखी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार दर्ज की जा रही नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट ने अमेरिकी डॉलर की तीन हफ्तों के निचले स्तर से वापसी की संभावनाओं को सीमित कर दिया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA द्वारा नवंबर महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी है। हालांकि मंगलवार से शुरू हो रही दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की अहम नीतिगत बैठक को देखते हुए कारोबारियों ने बड़े दांव लगाने से परहेज किया, जिससे ऊपर की ओर बढ़त सीमित रही।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान नए बिकवाल सक्रिय हो गए। इस वजह से 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर से शुरू हुआ सुधार बीच में ही थम गया, जो शुक्रवार को छुआ गया था। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई कमजोरी डॉलर के लिए नकारात्मक साबित हुई। इसके विपरीत बैंक ऑफ जापान यानी BoJ के सख्त और आक्रामक रुख ने जापानी येन को अतिरिक्त समर्थन दिया, जिससे USD/JPY जोड़ी पर लगातार नीचे की ओर दबाव बना रहा। हालांकि इस हफ्ते होने वाली फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के मद्देनजर ट्रेडर्स सतर्क हैं, जिससे भारी गिरावट की गुंजाइश भी फिलहाल बंधी हुई दिखाई दे रही है।
सोना, कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स की स्थिति
कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव में सोमवार को मामूली बढ़त के बाद ठहराव देखा गया। पिछले सप्ताह आई भारी बिकवाली के चलते सोना 3,975 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था, जो अगस्त के बाद का इसका सबसे निचला स्तर था। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने सर्राफा बाजार को थोड़ा सहारा दिया है, क्योंकि निवेशक मध्य पूर्व में कूटनीतिक प्रयासों के जरिए भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में कार्डानो की कमजोरी जारी रही और यह 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। अक्टूबर की शुरुआत से अब तक कार्डानो लगातार तीन हफ्तों में 20 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट दर्ज कर चुका है। डेरिवेटिव्स बाजार के कमजोर होते आंकड़े, ब्लॉकचेन के मंदी के संकेत और बिगड़ती तकनीकी तस्वीर इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि बिकवाली का दबाव आगे भी बना रह सकता है। डेरिवेटिव्स डेटा पूरी तरह से मंदी के रुख की पुष्टि कर रहा है।
ट्रेजरी बॉन्ड, इक्विटी बाजार और अमेरिकी चुनाव का असर
अमेरिकी वित्तीय बाजारों में पिछले सप्ताह ट्रेजरी बॉन्ड्स में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली। इस जोरदार लिवाली के चलते 10 साल और 30 साल के बॉन्ड्स की यील्ड क्रमशः 5 प्रतिशत और 5.33 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे यील्ड कर्व काफी हद तक समतल हो गया। यह स्थिति तब बनी जब ब्रेंट क्रूड लगभग 7 प्रतिशत उछलकर 119.50 डॉलर के मार्च के शिखर के बिल्कुल करीब पहुंच गया था। दूसरी तरफ टेक शेयरों में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट आई, जिससे व्यापक शेयर बाजारों को संघर्ष करना पड़ा।
अमेरिकी डॉलर के लिए 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकते हैं। वित्तीय बाजार यह मानकर चल रहे हैं कि फेडरल रिजर्व दिसंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण को लेकर होने वाली चुनावी लड़ाई भविष्य की राजकोषीय नीतिगत उम्मीदों को नया आकार दे सकती है, जो परोक्ष रूप से 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


















