रेड बॉल क्रिकेट में खास प्रतिद्वंद्वियों के सामने चला इन 5 दिग्गजों का बल्ला, ब्रैडमैन का शिखर आज भी अजेयभोपाल में युवाओं के महाकुंभ में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान: साल में 2 बार होगी पीएससी, 12 मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी खुलेंगीपहाड़ी सफर में भटक गए और फोन में नेटवर्क भी नहीं? अपनाएं ये 5 जरूरी सुरक्षा कदमफेड की ब्याज दरों पर नरमी के संकेत के बीच डॉलर की तेजी थमी, यूरो और सोने में हलचलदिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नया एक्शन प्लान: बिना वैध पीयूसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 10,000 रुपये का चालानकटिहार में वकील अजीजुद्दीन अंसारी की हत्या के मामले में पांच लोग गिरफ्तार, 12 घंटे में कार्रवाईबिना किसी शुल्क के टेलीविजन पर देखें लखनऊ टी20 मुकाबला, जानिए लाइव प्रसारण की पूरी जानकारीचीन के सी919 विमान पर अमेरिकी पाबंदी का साया, जेट इंजन सप्लाई रोककर दबाव बनाने की तैयारीकड़ाके की ठंड में घर के पेड़-पौधों को मुरझाने से कैसे बचाएं, जानिए जरूरी बागवानी उपायहिमाचल दौरे पर मनाली पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, सर्किट हाउस में रात्रि ठहराव और अटल टनल का बदला ट्रैफिक प्लान
फ्रांस के राजकोषीय संकट और बॉन्ड बाजार में बिकवाली से यूरो पर बढ़ा भारी दबाव, प्रमुख स्तरों पर टिकी नजरेंबाज़ार
6 अक्तू॰ 2026, 5:33 pm (52 मिनट पहले)· 0

फ्रांस के राजकोषीय संकट और बॉन्ड बाजार में बिकवाली से यूरो पर बढ़ा भारी दबाव, प्रमुख स्तरों पर टिकी नजरें

यूरोपीय संप्रभु बॉन्ड बाजार में तेज बिकवाली और फ्रांस के बजट संकट के गहराने से यूरो पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे प्रमुख तकनीकी स्तरों के टूटने की संभावना जताई जा रही है।

यूरोपीय वित्तीय बाजारों में सरकारी बॉन्डों की बिकवाली ने साझा मुद्रा यूरो की स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पेन में राजनीतिक घटनाक्रम के तहत 29 नवंबर को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा हुई है, लेकिन मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि यूरो के लिए वास्तविक और गंभीर चुनौती स्पेन की राजनीति के बजाय फ्रांस के सरकारी ऋण बाजार से आ रही है। फ्रांस के राजकोषीय असंतुलन के कारण पूरे यूरोज़ोन में फैल रहा तनाव वर्ष के अंत तक मुद्रा के प्रदर्शन की दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा कारक बन चुका है।

स्पेन के चुनाव और यूरोज़ोन ऋण बाजार का दबाव

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ द्वारा 29 नवंबर के लिए मध्यावधि चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद अल्पकालिक राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हुई है। एमयूएफजी के ली हार्डमैन का आकलन है कि हालांकि चुनाव की इस घोषणा ने तात्कालिक चर्चाएं बढ़ा दी हैं, लेकिन EUR/USD के लिए सबसे बड़ा खतरा फ्रांस के सरकारी बॉन्ड बाजार में मची बिकवाली से पैदा हो रहा है। यूरोज़ोन के कर्ज बाजारों में इस संकट का विस्तार साल के अंत तक यूरो की चाल तय करेगा।

ये भी पढ़ें

सर्वेक्षणों के अनुसार, केंद्र-दक्षिणपंथी पीपुल्स पार्टी चुनाव के बाद सबसे बड़े दल के रूप में उभरने की स्थिति में दिख रही है, यद्यपि बिना स्पष्ट बहुमत के उसे अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इस चुनावी घटनाक्रम से यूरोज़ोन में थोड़े समय के लिए राजनीतिक अनिश्चितता तो बढ़ रही है, लेकिन इसके परिणाम से यूरो के लिए नीचे की ओर बड़ा जोखिम पैदा होने की संभावना नहीं है। इसके विपरीत, वर्ष के अंत तक मुद्रा की स्थिति पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि फ्रांस के सरकारी बॉन्ड बाजार की बिकवाली का दायरा कितना बढ़ता है और नीति निर्माता इस पर क्या कदम उठाते हैं, जबकि वर्तमान में जोखिम गिरावट की ओर ही झुके हुए हैं।

तकनीकी स्तरों पर गिरावट और अहम प्रतिरोध

मुद्रा जोड़ी EUR/USD में तकनीकी स्तरों पर कमजोरी साफ दिखाई दे रही है। यूओबी के क्वेक सेर लियांग और ली सू एन द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, मुद्रा जोड़ी 1.1160 के निचले स्तर को छूने के बाद 1.1220 की ओर संभली जरूर, लेकिन एक से तीन सप्ताह का व्यापक रुझान नकारात्मक बना हुआ है। जब तक हाजिर कीमतें 1.1285 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर को पार नहीं कर लेतीं, तब तक इस जोड़ी के 1.1145 के अगले समर्थन स्तर का परीक्षण करने का जोखिम बना रहेगा।

विश्लेषकों का कहना है कि यूरो ने 1.1180 के स्तर को तोड़ते हुए 1.1160 का निचला स्तर छुआ और फिर वापसी की। यद्यपि नीचे की ओर बढ़ता दबाव धीमा पड़ने के शुरुआती संकेत दे रहा है, लेकिन केवल 1.1285 के स्तर को पार करना ही इस बात का संकेत होगा कि गिरावट थम रही है, जो पहले 1.1315 पर एक मजबूत प्रतिरोध स्तर था। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक यूरो के 1.1145 के स्तर को छूने की पूरी संभावना बनी हुई है।

फ्रांस का बजटीय संकट और केंद्रीय बैंक की दुविधा

ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (बीबीएच) के एलियास हद्दाद के अनुसार, फ्रांस का बजटीय संकट यूरोज़ोन के अन्य सरकारी बॉन्ड बाजारों में भी फैल रहा है। इसके कारण जर्मनी की तुलना में यील्ड स्प्रेड बढ़ रहे हैं और वित्तीय स्थितियां सख्त हो रही हैं। फ्रांस के राजकोषीय हालात ईसीबी के ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट (टीपीआई) के इस्तेमाल को जटिल बना रहे हैं, जिसके चलते राजकोषीय संकट और ईसीबी द्वारा नीतिगत दरों में संभावित बदलावों के कारण यूरो 1.1111 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर की ओर बढ़ सकता है।

ईसीबी का टीपीआई तंत्र अनियंत्रित स्प्रेड विस्तार को रोकने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है, लेकिन इसे सक्रिय करने के लिए संबंधित सदस्य देश द्वारा मजबूत और टिकाऊ राजकोषीय तथा व्यापक आर्थिक नीतियां अपनाना अनिवार्य शर्त है। इसी बीच ईसीबी के मुख्य अर्थशास्त्री फिलिप लेन ने उल्लेख किया है कि लंबी अवधि की ब्याज दरों में वृद्धि वित्तीय स्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से सख्त बना रही है। EUR/USD के लिए तात्कालिक समर्थन स्तर 1.1200 और उसके बाद 1.1111 पर स्थित हैं। फ्रांस में आने वाले दिनों में यह देखना सबसे अहम होगा कि क्या सोशलिस्ट और मरीन ले पेन की नेशनल रैली बजट विवाद को लेकर सरकार गिराने का कदम उठाते हैं। आम तौर पर मुद्रास्फीति लक्ष्य से दोगुनी होने पर ईसीबी के पास ब्याज दरें बढ़ाने का सीधा रास्ता होता, लेकिन वर्तमान में बॉन्ड बाजार खुद वित्तीय सख्ती बढ़ा रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक के सामने नीतिगत गतिरोध खड़ा हो गया है।

अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक मुद्राओं की स्थिति

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय सुधार प्रक्रिया थम गई। फिक्स्ड इनकम बाजार में लगातार बिकवाली के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। इस स्थिति ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के साथ मिलकर अमेरिकी डॉलर को अपनी बढ़त बरकरार रखने में मदद की है, भले ही फेड द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं कम हो रही हों। दूसरी ओर, आरबीए द्वारा इसी महीने एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दे सकती है।

जापानी येन के मुकाबले मंगलवार की सुबह यूरोपीय सत्र में USD/JPY फिर से 158.00 के पार निकल गया। बीओजे की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद येन में मजबूती नहीं दिख रही है। भू-राजनीतिक तनाव और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के चलते अमेरिकी डॉलर साल के अपने उच्चतम स्तर के करीब टिका हुआ है, जिससे USD/JPY को मजबूती मिल रही है।

सोने में सुधार और कच्चे माल के बाजार का रुख

कीमती धातुओं के बाजार में सोने ने 4,100 डॉलर के दायरे यानी दो महीने के निचले स्तर से सुधार दर्ज किया और यूरोपीय सत्र के पहले भाग में यह 4,150 डॉलर के पार निकल गया। सितंबर के मासिक निचले स्तर से आई मजबूत तेजी के बाद अमेरिकी डॉलर की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, जिससे इस कीमती धातु को राहत मिली। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों ने बिना ब्याज वाले सोने को सहारा दिया है। वित्तीय बाजारों की नजरें यूरोप के ऋण बाजार के घटनाक्रमों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं, जहां किसी भी बड़े बदलाव का असर सीधे मुद्राओं और बॉन्ड प्रतिफल पर पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

EUR/USD के लिए कौन सा महत्वपूर्ण समर्थन स्तर नजर में है?
विश्लेषकों के अनुसार EUR/USD के लिए तात्कालिक समर्थन स्तर 1.1200 और 1.1145 हैं, जबकि बड़ा समर्थन स्तर 1.1111 पर स्थित है।
यूरो में आई कमजोरी का मुख्य कारण क्या है?
यूरो में गिरावट का मुख्य कारण फ्रांस के बजट संकट के चलते सरकारी बॉन्ड बाजार में भारी बिकवाली और जर्मनी के मुकाबले यील्ड स्प्रेड का बढ़ना है।
स्पेन के चुनावों का यूरो पर क्या असर पड़ने की उम्मीद है?
स्पेन में 29 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से अल्पकालिक अनिश्चितता तो है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इसके नतीजे से यूरो पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
ईसीबी का टीपीआई तंत्र क्या है और इसके इस्तेमाल में क्या रुकावट है?
टीपीआई अनियंत्रित बॉन्ड स्प्रेड को रोकने का तंत्र है, लेकिन इसे लागू करने के लिए सदस्य देश का टिकाऊ राजकोषीय नीति अपनाना आवश्यक है, जो फ्रांस की स्थिति को जटिल बनाता है।
सोने की कीमतों में हालिया बदलाव क्या रहा है?
सोना 4,100 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर से उबरकर यूरोपीय कारोबारी सत्र में 4,150 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया।
USD/JPY जोड़ी का हालिया स्तर क्या रहा है?
USD/JPY जोड़ी मंगलवार की सुबह यूरोपीय सत्र के दौरान दोबारा 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp