डीबीएस के करेंसी विश्लेषकों का कहना है कि यूरो-येन जोड़ी में गिरावट अभी तय नहीं मानी जा सकती, भले ही उन्होंने चार्ट पर 180 के स्तर को एक अहम मनोवैज्ञानिक सपोर्ट बताया है। यह टिप्पणी ऐसे हफ्ते में आई है जब यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान दोनों की बैठकें कुछ ही दिनों के अंतराल पर होने वाली हैं।
कमजोर डॉलर से यूरो को मिल रहा सहारा
यूरो-येन जोड़ी के आसानी से न फिसलने की एक बड़ी वजह डॉलर खुद है। यूरो को अभी भी कमजोर होते डॉलर के मुकाबले पसंदीदा दांव माने जाने का फायदा मिल रहा है, जिसे बाजार में डॉलर डिबेजमेंट थीम कहा जाता है। जब भी अमेरिकी करेंसी को लेकर भरोसा कमजोर पड़ता है, निवेशक यूरो की तरफ रुख करते हैं, क्योंकि यह उस दांव के दूसरे छोर पर बैठी करेंसी है। यही प्रवाह यूरो-येन जोड़ी को संभाले हुए है, भले ही येन को लेकर अलग दबाव बन रहा हो।
स्विस फ्रैंक और पाउंड की मजबूती भी यूरो के काम आ रही
एक और कम चर्चित वजह यह है कि यूरो अपने यूरोपीय पड़ोसियों के मुकाबले कैसा प्रदर्शन कर रहा है। हाल के दिनों में EUR/CHF और EUR/GBP दोनों मजबूत बने हुए हैं, और डीबीएस इसे यूरो के लिए एक तरह का परोक्ष सहारा मानता है। तर्क सीधा है, यूरोपीय सेंट्रल बैंक इस समय स्विस नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुकाबले कहीं ज्यादा सख्त रुख वाला माना जा रहा है, इसलिए यूरो स्विस फ्रैंक और पाउंड के सामने बढ़त बना रहा है, और यही मजबूती येन के सामने यूरो के प्रदर्शन में भी झलकती है।
एक हफ्ते में दो बड़े ब्याज दर फैसले
समय का पहलू भी इस पूरी कहानी में अहम है। बाजार गुरुवार को होने वाली यूरोपीय सेंट्रल बैंक की बैठक में ब्याज दर बढ़ोतरी की 95 से 100 प्रतिशत संभावना मान रहे हैं, और अगले हफ्ते होने वाली बैंक ऑफ जापान की बैठक को लेकर भी लगभग वैसी ही उम्मीद है। दोनों तरफ की यह लगभग तय संभावना ही वजह है कि डीबीएस यूरो-येन में गिरावट की दलील को उतना सीधा नहीं मानता। अगर दोनों केंद्रीय बैंक बाजार की उम्मीद के मुताबिक ही सख्ती दिखाते हैं, तो दोनों की नीतियों के बीच का फासला उतना ज्यादा नहीं बदलेगा जितना सुर्खियों में लग सकता है।
180 का स्तर डीबीएस के लिए क्यों अहम है
यूरो के लिए असली खतरा ब्याज दर बढ़ोतरी से ज्यादा बैंक ऑफ जापान के रुख से जुड़ा है।
डीबीएस ने कहा, "अगर बीओजे तेज गति से सामान्यीकरण की पुष्टि करता है, तो येन को बढ़त मिल सकती है, जिससे यूरो-येन 180 के मनोवैज्ञानिक सपोर्ट से नीचे जा सकता है।"
यानी बैंक ऑफ जापान की सीधी ब्याज दर बढ़ोतरी को बाजार पहले से ही अपने अनुमान में शामिल कर चुका है। लेकिन अगर केंद्रीय बैंक यह संकेत देता है कि वह आगे भी तेज और लगातार सख्ती जारी रखेगा, तो यही बदला हुआ रुख येन को अचानक मजबूत करने और यूरो-येन को 180 के पार धकेलने के लिए काफी हो सकता है। कारोबारी इस स्तर को तकनीकी से ज्यादा मनोवैज्ञानिक निशान मानते हैं, लेकिन फिर भी यह वह गोल आंकड़ा है जहां हर बार भारी खरीद-बिक्री देखने को मिलती है।
बड़ी डॉलर कहानी में यह कहां फिट बैठता है
यूरो-येन का यह समीकरण अकेले नहीं चल रहा। जो डॉलर डिबेजमेंट थीम यूरो को सहारा दे रही है, वही थीम हाल में डॉलर की दूसरी जोड़ियों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि कारोबारी यह अंदाजा लगाने में जुटे हैं कि डॉलर और कितना कमजोर हो सकता है, इससे पहले कि दूसरे केंद्रीय बैंकों को जवाबी कदम उठाने पड़ें। यूरो-येन के लिए यह व्यापक डॉलर पृष्ठभूमि इसलिए मायने रखती है क्योंकि यह सीधे उस पहले सहारे से जुड़ी है जिसका जिक्र डीबीएस ने किया है। जब तक डॉलर विरोधी दांव चलन में रहेगा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के फैसलों का असर आने से पहले ही यूरो को एक बाहरी सहारा मिला रहेगा।
इस हफ्ते कारोबारियों की नजर किस पर रहेगी
दोनों बैठकें कुछ ही दिनों के अंतर पर होने की वजह से यह हफ्ता बाजार को यूरो-येन जोखिम को नए सिरे से आंकने के दो अलग मौके दे रहा है। अगर गुरुवार को यूरोपीय सेंट्रल बैंक उम्मीद के मुताबिक ही सख्त रुख दिखाता है और कोई चौंकाने वाला फैसला नहीं आता, तो यूरो को मिल रहा मौजूदा सहारा बना रह सकता है, क्योंकि यह नतीजा पहले से ही बाजार में शामिल माना जा रहा है। वहीं अगर बैंक ऑफ जापान सिर्फ ब्याज दर बढ़ाने से आगे बढ़कर तेज सामान्यीकरण का संकेत देता है, तो डीबीएस के मुताबिक यही वह स्थिति होगी जो यूरो-येन को जल्दी 180 के सपोर्ट से नीचे धकेल सकती है।
180 का स्तर टिकेगा या टूटेगा, यह किसी एक वजह से नहीं बल्कि इन दोनों फैसलों के नतीजे पर निर्भर करेगा। डीबीएस का यह नोट असल में यही याद दिलाता है कि मामला दोनों तरफ से खुला है, एक तरफ डॉलर और यूरोपीय करेंसी जोड़ियों से मिल रहा सहारा है, तो दूसरी तरफ बैंक ऑफ जापान के रुख का जोखिम बना हुआ है।



















