मध्य और पूर्वी यूरोप के बाज़ारों के लिए यह हफ्ता आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से भरा हुआ है, और आईएनजी के विश्लेषक फ्रांटिसेक टाबोर्स्की का कहना है कि निवेशक कुछ केंद्रीय बैंकों के अगले कदम को लेकर गलत अंदाज़ा लगा रहे हैं। उनके मुताबिक बाज़ार जितनी ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठा है, असल में चेक गणराज्य और पोलैंड के केंद्रीय बैंक उतने आक्रामक रुख में नहीं दिखते।
चेक गणराज्य और हंगरी का औद्योगिक उत्पादन डेटा सबसे पहले
हफ्ते की शुरुआत सोमवार को चेक गणराज्य और हंगरी के जुलाई महीने के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों से हो रही है। फैक्ट्रियों का उत्पादन कितना बढ़ा या घटा, यह आंकड़ा दोनों अर्थव्यवस्थाओं की सेहत का शुरुआती संकेत देता है और आगे आने वाले महंगाई व ब्याज दर के आंकड़ों को समझने का आधार बनता है।
हंगरी में महीनों बाद महंगाई में हल्की बढ़त की आशंका
मंगलवार को हंगरी अगस्त महीने की महंगाई दर जारी करेगा। आईएनजी का अनुमान है कि यह पिछले महीने के 1.2% से बढ़कर 1.4% पर पहुंच सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि हंगरी में पिछले कई महीनों से महंगाई लगातार घट रही थी, तो यह मामूली बढ़त भी उस लंबे गिरावट के सिलसिले में एक बदलाव की तरह देखी जाएगी।
तुर्की का केंद्रीय बैंक गुरुवार को फिर रुक सकता है
गुरुवार को तुर्की का केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत दर की समीक्षा करेगा और आईएनजी को उम्मीद है कि बैंक दर को 37% पर बरकरार रखेगा। दो हफ्ते पहले बैंक ने रेपो नीलामी दोबारा शुरू की थी, जिससे बाज़ार में असरदार ब्याज दर पहले ही नीचे आ चुकी है। आईएनजी का मानना है कि बैंक इसी वजह से दरों में औपचारिक कटौती दोबारा शुरू करने से पहले कुछ समय और इंतज़ार करेगा, क्योंकि बाज़ार में असरदार दर तो पहले ही नरम हो चुकी है।
रोमानिया की सालाना महंगाई में तेज़ गिरावट की उम्मीद
शुक्रवार को रोमानिया का अगस्त महंगाई आंकड़ा आएगा। आईएनजी का अनुमान है कि यह पिछले 8.2% से घटकर सालाना आधार पर 6.5% पर आ सकता है। यह गिरावट मुख्य रूप से बेस इफेक्ट की वजह से होगी, यानी पिछले साल की उसी अवधि में कीमतें ज़्यादा तेज़ी से बढ़ी थीं, इसलिए इस साल का आंकड़ा तुलनात्मक रूप से कम दिखेगा, भले ही महीने-दर-महीने कीमतों में कुछ तेज़ी देखने को मिल रही हो।
चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड और नरम रुख की उम्मीद
चेक गणराज्य में गुरुवार से चेक नेशनल बैंक का ब्लैकआउट पीरियड शुरू हो जाएगा, यानी बैंक के बोर्ड सदस्य फैसले से पहले सार्वजनिक बयान देना बंद कर देंगे। इससे पहले अगले कुछ दिनों में बोर्ड की तरफ से और बयान आने की संभावना है। आईएनजी का कहना है कि बैंक का रुख उतना आक्रामक नहीं होगा जितना बाज़ार अभी मान कर चल रहा है, यानी बैंक बाज़ार की सख्त उम्मीदों के मुकाबले कहीं ज़्यादा नरम टोन अपना सकता है।
ब्याज दर के अंतर और करेंसी पर असर
पिछले हफ्ते वैश्विक स्तर पर राहत मिलने के बाद क्षेत्रीय बॉन्ड यील्ड में तेज़ी आई थी, जिससे चेक गणराज्य और पोलैंड में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कुछ कम हुई थीं। इसके बावजूद बाज़ार अब भी दोनों देशों में करीब 80 बेसिस पॉइंट की दर बढ़ोतरी को कीमत में शामिल किए हुए है, जिसे आईएनजी ज़्यादा और अवास्तविक मान रहा है। अगर यह उम्मीद आगे और कम होती है, तो इन मुद्राओं और बाकी दुनिया के बीच ब्याज दर का अंतर घटेगा, जिससे इन्हें पकड़कर रखने का आकर्षण भी कम होगा। इसका सीधा असर EUR/CZK और EUR/PLN जैसी करेंसी जोड़ियों पर पड़ेगा, जहां चेक कोरुना और पोलिश ज़्लोटी में यूरो के मुकाबले मामूली कमज़ोरी देखने को मिल सकती है।



















