ब्रिटिश पाउंड ने गुरुवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सकारात्मक बढ़त हासिल की। पाउंड-डॉलर की जोड़ी 1.3490 के स्तर के करीब पहुंची और 1.3500 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास अपनी पकड़ मजबूत की। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, इस विदेशी मुद्रा जोड़ी का भाव 1.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर से 0.22% की मामूली गिरावट दर्शाता है। 52-सप्ताह के दौरान यह जोड़ी 1.30 से 1.38 के दायरे में घूमती रही है, जबकि वर्तमान में कारोबारी मात्रा 20-दिवसीय औसत के बराबर बनी हुई है।
विदेशी मुद्रा बाजार में यह मुद्रा जोड़ी तकनीकी रूप से हल्की तेजी का रुख बनाए हुए है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों, विशेष रूप से रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में सुस्ती के कारण निकट भविष्य में कीमतों में सीमित दायरे के भीतर सुदृढ़ीकरण देखा जा सकता है। निवेशक और मुद्रा व्यापारी यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका से आने वाले आगामी मौद्रिक नीति संकेतों तथा वृहद आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी चार्ट संरचना और रणनीतिक मूल्य स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) में अल्पकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 1.3440 के स्तर पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। इसके अलावा, कीमत 1.3440 पर ही स्थित निचले बोलिंगर बैंड के ऊपर बनी हुई है, जो एक मजबूत मांग क्षेत्र का निर्माण करती है। यह तकनीकी संरेखण स्पष्ट करता है कि जब भी इंट्राडे कारोबार में गिरावट आती है, तो निचले स्तरों पर खरीदारी की मांग बनी रहती है।
इसके बावजूद, ऊपरी स्तरों पर तेजी 1.3550 पर स्थित मध्य बोलिंगर बैंड के नीचे रुकी हुई है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 46.8 अंक पर दर्ज किया गया है (और लाइव तकनीकी संकेतकों में RSI 45 के आसपास है), जो यह दर्शाता है कि बाजार में वर्तमान गति सपाट है और तत्काल बड़े ब्रेकआउट के लिए पर्याप्त बल की कमी है। स्वचालित लाइव तकनीकी संकेतकों से यह भी पता चलता है कि एमएसीडी (MACD) 0.00 के आसपास तटस्थ है, जबकि 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.35 के स्तर पर केंद्रित हैं। 200-दिवसीय EMA और 200-दिवसीय SMA 1.34 पर मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं। चार्ट पर 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर रहना गोल्डन क्रॉस संरचना को बनाए रखता है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करता है।
ऊपरी स्तरों की बात करें तो विदेशी मुद्रा व्यापारियों की पहली नजर 1.3550 के रेजिस्टेंस स्तर पर है, जो मध्य बोलिंगर बैंड से मेल खाता है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल रहते हैं, तो अगला मजबूत रेजिस्टेंस 8 मई के उच्चतम स्तर 1.3637 पर देखा जाएगा। यदि खरीदारी का दबाव और बढ़ता है, तो विनिमय दर 1.3665 के ऊपरी बोलिंगर बैंड की ओर बढ़ सकती है, जहां 20-दिवसीय ऊपरी रेजिस्टेंस 1.37 के करीब केंद्रित है।
दूसरी ओर, नीचे की तरफ मुख्य सपोर्ट स्तर 1.3440 के आसपास केंद्रित है, जो 100-दिवसीय एसएमए और निचले बोलिंगर बैंड का संगम है। यदि यह जोड़ी 1.3440 के स्तर से नीचे की ओर निर्णायक रूप से टूटती है, तो बाजार में गहरी गिरावट की संभावना बन सकती है। ऐसी मंदी की स्थिति में कीमत 13 जुलाई के निचले स्तर 1.3342 तक गिर सकती है, जबकि 1.34 का क्षेत्र द्वितीयक तकनीकी बफर के रूप में कार्य करेगा। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.01 पर है, जो ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस प्रबंधन के लिए स्पष्ट सीमा प्रदान करता है।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और ब्याज दर की उम्मीदें
ब्रिटिश पाउंड का मौलिक मूल्यांकन पूरी तरह से बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के मौद्रिक नीति निर्णयों पर निर्भर करता है। यूओबी (UOB) के विश्लेषकों ने कहा कि मुद्रास्फीति के जोखिमों पर ध्यान देने के साथ-साथ मूल्य स्थिरता प्राप्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता इस वर्ष नीतिगत सख्ती की संभावना को बढ़ाती है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बयान तत्काल कार्रवाई के बजाय रणनीतिक मौखिक मार्गदर्शन का हिस्सा भी हो सकते हैं।
ब्याज दर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय बाजार वर्ष के अंत तक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना जता रहे हैं। हालांकि, सितंबर की आगामी नीतिगत बैठक में दरें बढ़ाए जाने की संभावना केवल 15% के आसपास बनी हुई है।
केंद्रीय बैंक का प्राथमिक वैधानिक उद्देश्य 2% के आसपास वार्षिक मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब मुद्रास्फीति स्वीकार्य सीमाओं से ऊपर जाने लगती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड क्रेडिट को महंगा बनाने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर पाउंड-मूल्यवर्ग वाली परिसंपत्तियों पर प्रतिफल बढ़ाती हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित होता है। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति अत्यधिक धीमी हो जाती है, तो केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती पर विचार करता है।
घरेलू राजनीतिक परिदृश्य और वृहद आर्थिक संकेतक
स्कोटियाबैंक के रणनीतिकारों का अवलोकन है कि यूनाइटेड किंगडम में घरेलू राजनीतिक माहौल काफी शांत बना हुआ है। नया राजनीतिक घटनाक्रम न होने से विदेशी मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों को नए प्रेरक तत्वों की कमी खल रही है।
रणनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जून के अंत में प्रधान मंत्री बर्नहाम के पद संभालने के बाद से पाउंड को राजनीतिक भावना से काफी मजबूती मिली थी। हालांकि, नई नीतिगत पहलों की कमी के कारण अब निवेशक तकनीकी संकेतकों और वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़ों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
केंद्रीय बैंक की नीतियों के अलावा, विभिन्न आर्थिक आंकड़े पाउंड की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (GDP), विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई (PMI) तथा रोजगार के आंकड़े अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को दर्शाते हैं। मजबूत आर्थिक आंकड़े विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा देते हैं और पाउंड को मजबूत करते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े विनिमय दर पर नकारात्मक असर डालते हैं।
व्यापार संतुलन (Trade Balance) भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो किसी देश के निर्यात और आयात के अंतर को मापता है। जब किसी देश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदार उन सामानों के भुगतान के लिए स्थानीय मुद्रा खरीदते हैं, जिससे पाउंड मजबूत होता है। सकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा को सहारा देता है, जबकि बढ़ता व्यापार घाटा कमजोरी लाता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वैश्विक मुद्रा बाजार में पाउंड की स्थिति
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी निरंतर चलने वाली मुद्रा है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी से मिलता है। यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा होने के नाते, यह वैश्विक फॉरेक्स बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में पाउंड की हिस्सेदारी लगभग 12% है, जिसका औसत दैनिक कारोबार $630 बिलियन का है। वैश्विक मुद्रा बाजार में इसका मुख्य ट्रेडिंग युग्म जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) है, जिसे बाजार की भाषा में 'केबल' कहा जाता है। यह कुल फॉरेक्स वॉल्यूम का 11% हिस्सा रखता है। अन्य प्रमुख जोड़ियों में जीबीपी/जेपीवाई (GBP/JPY), जिसे 'ड्रैगन' कहा जाता है (3% हिस्सा), और यूरो/जीबीपी (EUR/GBP, 2% हिस्सा) शामिल हैं। पाउंड का पूर्ण संचालन और निर्गमन बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकार क्षेत्र में आता है।
वैश्विक वित्तीय बाजार और अन्य परिसंपत्तियों की स्थिति
गुरुवार के यूरोपीय सत्र के दौरान अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी गई। अमेरिका के कमजोर एडीपी (ADP) रोजगार आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का व्यापक दबाव रहा। इसके जवाब में यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) टूटकर 157.00 के स्तर की ओर आ गया। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप की खबरों से समर्थन मिला।
दूसरी ओर, एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.7150 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापार आंकड़ों ने चीन के मजबूत रेटिंगडॉग (RatingDog) सर्विसेज पीएमआई के प्रभाव को कम कर दिया। अमेरिकी डॉलर में स्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी सीमित रही।
कमोडिटी बाजार में सोना यूरोपीय सत्र से पहले $4,450 प्रति औंस के नीचे मजबूती के साथ टिका रहा। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर रोजगार आंकड़ों ने सोने की रिकवरी में मदद की, हालांकि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से मुद्रास्फीति का खतरा बना हुआ है।
डिजिटल एसेट्स में रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) का तकनीकी रुझान अलग नजर आया। रिपल ने प्रमुख सपोर्ट ज़ोन पर अपनी पकड़ बनाई, जबकि स्टेलर मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गया। वहीं ऊर्जा बाजार में, अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड बढ़कर पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर चला गया और $102.00 का नया रिकॉर्ड स्तर छू गया।



















