वैश्विक मुद्रा बाजार में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यह 0.6940 के स्तर के पास कारोबार करता दिखा। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान भी इसमें 0.6950 के दायरे तक वापसी देखने को मिली थी। हालांकि, निचले स्तरों से आई इस तेजी के बावजूद बाजार में व्यापक रुझान अभी भी कमजोरी की तरफ बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI के अत्यधिक बिकवाली वाले क्षेत्र में चले जाने के कारण तकनीकी तौर पर शॉर्ट कवरिंग और सीमित उछाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ताजा बाजार आंकड़ों में AUD/USD की कीमत 0.6944 के करीब दर्ज की गई है, जो पिछले बंद स्तर 0.6946 से मामूली 0.02 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है, जबकि 14 दिनों का RSI 26 पर बना हुआ है जो स्पष्ट रूप से ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है।
अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की निगाहें
विदेशी मुद्रा बाजार में काम करने वाले ट्रेडर अब पूरी तरह से सितंबर महीने के अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट यानी नॉनफार्म पेरोल के आंकड़े आने से पहले बाजार में भारी सतर्कता देखी जा रही है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि सितंबर में रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी पड़ी है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में केवल 90,000 नए रोजगार जुड़ने की उम्मीद है, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 162,000 दर्ज किया गया था। वहीं, बेरोजगारी दर लगातार तीसरे महीने 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत सामने आते हैं, तो इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखने या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने के रुख को मजबूती मिलेगी। ऐसी स्थिति में अमेरिकी डॉलर को नया समर्थन मिल सकता है और मुद्रा सूचकांक में फिर से तेजी आ सकती है। इसके विपरीत, रोजगार आंकड़े आने से पहले ट्रेडर 17 महीने के उच्चतम स्तर से डॉलर में मुनाफावसूली करते देखे गए हैं।
फेडरल रिजर्व और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की नीतियों का असर
केंद्रीय बैंकों के स्तर पर नीतियों का टकराव साफ दिखाई दे रहा है। फेडरल रिजर्व की अधिकारी लोगन की ओर से सख्त मौद्रिक नीति का समर्थन करने वाले संकेत मिले हैं। उनके बयानों में स्पष्ट रूप से कम से कम 50 बेसिस प्वाइंट्स की और बढ़ोतरी करने तथा मूल्य स्थिरता बहाल करने के लिए कई कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया गया है। उनका मानना है कि मजबूत आर्थिक विस्तार और संतुलित श्रम बाजार के बावजूद मौजूदा नीति पर्याप्त रूप से प्रतिबंधात्मक नहीं है। फेडरल रिजर्व जब तक मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर लाने को लेकर आश्वस्त नहीं हो जाता, तब तक दरों को ऊंचा बनाए रखने के पक्ष में है। यह स्थिति अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर के लिए अनुकूल बनी हुई है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया में नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI के आंकड़े उम्मीद के अनुरूप आने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना काफी घट गई है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में दर वृद्धि की संभावना गिरकर लगभग 20 प्रतिशत रह गई है और मनी मार्केट मान रहा है कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक आगामी बैठक में नीतिगत दरों को स्थिर रख सकता है।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर अहम सपोर्ट व रेजिस्टेंस
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से AUD/USD जोड़ी के सामने कई अहम पड़ाव मौजूद हैं। नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 0.6905 से 0.6900 के क्षेत्र में स्थित है, जो बॉलिंजर बैंड के निचले स्तर 0.6905 के करीब आता है। यदि ओवरसोल्ड स्थितियों के कारण मुनाफावसूली शुरू होती है, तो इस दायरे में बिकवाली की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक, पिवट बिंदु 0.6935 पर है, जबकि पहला सपोर्ट S1 0.6926 और दूसरा सपोर्ट S2 0.6907 पर आंका गया है। इसके अलावा 20 दिनों का अहम सपोर्ट लगभग 0.6905 के आसपास दिखता है। ऊपर की ओर, पहला तात्कालिक प्रतिरोध 0.6954 और 0.6964 के स्तर पर है, जिसके बाद मनोवैज्ञानिक बाधा 0.7000 पर आती है। लंबी अवधि के चार्ट पर 100 दिनों का मूविंग एवरेज 0.7060 पर और बॉलिंजर बैंड का मध्य दायरा 0.7085 पर प्रतिरोध का काम करेगा। मौजूदा मंदी के रुझान को पूरी तरह पलटने के लिए बॉलिंजर बैंड के ऊपरी स्तर 0.7265 को पार करना आवश्यक होगा। तकनीकी संकेतकों में 14 दिनों का ADX 37 पर ट्रेंडिंग बाजार की पुष्टि कर रहा है, जबकि फास्ट स्टोकेस्टिक 17 और सिग्नल लाइन 16 पर दर्ज की गई है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का रुख
मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के अन्य हिस्सों में भी व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। टोक्यो में उम्मीद से अधिक गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के सामने आने और अमेरिकी डॉलर में आई हल्की नरमी के चलते USD/JPY शुक्रवार को अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से फिसलकर 158.00 के करीब संघर्ष करता दिखा। निवेशक अमेरिकी पेरोल रिपोर्ट से पहले अपनी पोजीशन को नए सिरे से संतुलित कर रहे हैं। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में एशियाई सत्र की शुरुआती गिरावट के बाद सुधार देखा गया और यह 4,200 डॉलर के करीब पहुंचने में कामयाब रहा। हालांकि, मजबूत डॉलर के माहौल में सोने में किसी भी बड़ी बढ़त की संभावना सीमित नजर आ रही है। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में, पाई नेटवर्क की कीमत में अत्यधिक उतार-चढ़ाव बना हुआ है और पिछले दिन 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद यह 0.0900 डॉलर के आसपास घूम रहा है। चार घंटे के चार्ट पर राइजिंग वेज पैटर्न के नीचे टूटने का जोखिम मंडरा रहा है और जब तक कीमत 0.1000 डॉलर के स्तर को पार नहीं करती, तब तक सुधार की राह कठिन बनी रहेगी।


















