फेडरल रिज़र्व की 25 bps की बढ़ोती के कुछ घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी ब्याज दरों को 1% या उससे कम रखने की मांग कर दी। इस बीच डॉलर मजबूत बना रहा और सोने ने दिनभर की कमाई गंवाकर नकारात्मक रुख अपना लिया, क्योंकि चेयर केविन वार्श के कड़े रवैये ने साल के अंत तक अतिरिक्त दर वृद्धि की संभावनाएं बढ़ा दीं।
ट्रंप की मांग और फेड का ताज़ा कदम
ट्रंप ने अपने पोस्ट में अमेरिकी दरों के लिए 1% या उससे कम का स्तर रखा। बयान फेड की 25 bps की बढ़ोती के कुछ घंटे बाद आया, और यह कदम बाजार की उम्मीद के अनुसार था। इसलिए नीति निर्णय से जुड़ी प्रतिक्रिया ट्रंप के पोस्ट से पहले ही बाजार में दिखने लगी थी।
DXY 100.00 से ऊपर बना रहा और उसका सत्र का उच्च स्तर ट्रंप के पोस्ट से पहले ही बन चुका था। उसके बाद के उपलब्ध बाजार संकेत में सूचक ने कोई आगे की चाल नहीं दिखाई। नीतिनिर्माताओं ने महंगाई को लेकर चिंता जताई, जबकि वार्श ने फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में काफी कड़े सुर अपनाए।
इन बयानों ने साल के अंत से पहले और बढ़ोती की संभावनाओं को मजबूत किया। उधर उधार की लागत का सवाल विदेशी फंडिंग के बड़े समीकरण से जुड़ा है। जून तक के 12 महीनों में अमेरिकियों की विदेशी खरीदारी उनकी बिक्री से लगभग $743 बिलियन अधिक रही।
यही अंतर विदेशियों के पास डॉलर जमा कराने का रास्ता बनता है, और वही डॉलर वे अमेरिकी खज़ाना विभाग को वापस उधार दे सकते हैं। अगर यह अंतर बंद हुआ, तो उस बाज़ार से खरीदार निकल जाएंगे जो उन उधार लागतों को तय करने में मदद करता है जिन्हें ट्रंप कम देखना चाहते हैं। अमेरिकी कर्ज़ को सर्वोच्च रेटिंग देने वाली आखिरी एजेंसी ने मई 2025 में यह रेटिंग छोड़ दी थी।
सोने में उलटफेर और मौजूदा तकनीकी तस्वीर
फेड के 25 bps के फैसले के बाद सोने ने दिनभर के लाभ मिटा दिए और नकारात्मक हो गया। XAU/USD कुछ देर के लिए $4,360 से ऊपर चला गया, लेकिन उस समय की चाल $4,250 क्षेत्र की ओर तेज़ गिरावट दिखा रही थी। 16 सितंबर 2026 के क्लोज-बेल लाइव डेटा में सोना $4,303 पर था, जबकि पिछला क्लोज़ $4,333 था और बदलाव -0.70% था।
यह कीमत $3,661–$5,586 की 52 सप्ताह रेंज के भीतर है। वॉल्यूम 20 दिन के औसत से 1.27x रहा। RSI(14) 40 पर था। MACD -6.60 था और सिग्नल 29.94 था, जबकि हिस्टोग्राम -36.53 था; तकनीकी संकेत नकारात्मक था।
मूविंग एवरेज भी कमजोर संरचना दिखा रहे थे। EMA20 $4,425, EMA50 $4,388 और EMA200 $4,416 पर थे। SMA50 $4,312 और SMA200 $4,551 पर रहा, जबकि मौजूदा कीमत $4,303 इन सभी स्तरों से नीचे थी। इसलिए लंबे समय की नीचे की प्रवृत्ति साफ थी और EMA50 का मान EMA200 से नीचे होने से डेथ क्रॉस बना था।
बोलिंजर (20,2) ने $4,258 और $4,747 की सीमाएं दीं, जिनका मध्य बिंदु $4,502 था; सोना इन्हीं सीमाओं के भीतर कारोबार कर रहा था। ADX(14) 19 था, जो कमजोर या रेंज वाले बाजार की ओर इशारा करता है। स्टोकैस्टिक की फास्ट लाइन 7 और सिग्नल लाइन 10 थी। ATR(14) 110.54 रहा, जिसे दैनिक अस्थिरता के हिसाब से स्टॉप-लॉस बफर के रूप में लिया गया है। 20 दिन का समर्थन ~$4,273 और प्रतिरोध ~$4,755 था।
अगले संकेतों में पिवट $4,330, पहला प्रतिरोध R1 $4,386, दूसरा प्रतिरोध R2 $4,469, पहला समर्थन S1 $4,246 और दूसरा समर्थन S2 $4,190 शामिल थे। ट्रंप के पोस्ट के आसपास स्टोकैस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स ने टूटने पर अपनी पट्टी के शीर्ष तक पहुंचने, कीमत ऊंचे स्तर के पास रहने पर निचले हिस्से तक गिरने और फिर मुड़कर ऊपर आने का सिलसिला दिखाया। वह ऊंचाई पोस्ट से पहले ही बन चुकी थी, और उसके बाद सूचक आगे नहीं बढ़ा।
मुद्रा बाजार में डॉलर का प्रभाव
गुरुवार को एशियाई सत्र की शुरुआत में AUD/USD 0.7100 से नीचे कारोबार कर रहा था, क्योंकि फेडरल रिज़र्व की मुद्रानीति घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर उछला। फेड ने 25 bps की बढ़ोती की, जो पहले से अपेक्षित थी, और महंगाई को लेकर चिंता ने डॉलर के पक्ष में माहौल बनाया।
USD/JPY गुरुवार शुरुआत में ताज़ा साप्ताहिक उच्च स्तर पर 156.00 के आसपास था। यह चाल वही 25 bps कदम और वार्श की कड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई। दोनों मुद्रा जोड़ों ने दिखाया कि डॉलर की मजबूती केवल DXY तक सीमित नहीं थी।
ब्याज दरें अर्थव्यवस्था में कैसे असर डालती हैं
वित्तीय संस्थाएं उधार लेने वालों से ऋण पर ब्याज लेती हैं, जबकि बचतकर्ताओं और जमाकर्ताओं को उनके पास रखे धन पर ब्याज मिलता है। इन उधार लागतों पर बेस लेंडिंग रेट्स का असर पड़ता है, जिन्हें केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की स्थिति बदलने पर समायोजित करते हैं। उनका सामान्य काम कीमतों में स्थिरता रखना है, और अधिकांश मामलों में इसका अर्थ कोर महंगाई को लगभग 2% पर रखना है।
महंगाई लक्ष्य से नीचे जाए तो केंद्रीय बैंक बेस रेट घटा सकता है, ताकि उधार बढ़े और आर्थिक गतिविधि को सहारा मिले। महंगाई 2% से काफी ऊपर जाए तो आमतौर पर महंगाई ठंडी करने के लिए बेस रेट बढ़ाए जाते हैं। फेड का ताज़ा कदम इसी कसाव वाले हिस्से में आता है, जबकि ट्रंप की 1% या उससे कम की मांग बहुत नीचे की दर की दिशा दिखाती है।
मजबूत डॉलर सोने पर दबाव क्यों बनाता है
दरें बढ़ने पर वैश्विक निवेशकों को प्रभावित मुद्रा में पैसा रखना अधिक आकर्षक लग सकता है, क्योंकि वहां उन्हें फंड पर अधिक उपज मिलती है। इसलिए ऐसा पूंजी प्रवाह आमतौर पर मुद्रा के विनिमय दर को सहारा देता है।
सोने पर इसका उल्टा असर पड़ता है, क्योंकि धातु पकड़े रखने पर ब्याज वाली संपत्ति या बैंक जमा से मिलने वाली कमाई छूट जाती है। ऊंची दरों पर यह अवसर लागत बढ़ जाती है। ऊंची दरें आमतौर पर अमेरिकी डॉलर (USD) को मजबूत करती हैं, और डॉलर में मूल्य निर्धारित सोने पर इससे नीचे का दबाव बनता है।
फेड फंड्स रेट और बाजार की तैयारी
मूल रूप से फेड फंड्स रेट वह ओवरनाइट दर है जिस पर अमेरिकी बैंक एक-दूसरे को उधार देते हैं। फेडरल रिज़र्व इसे FOMC बैठकों में एक ही आंकड़े के बजाय सीमा के रूप में घोषित करता है। मसलन 4.75%-5.00% की सीमा में ऊपरी सीमा 5.00% को उद्धृत आंकड़ा माना जाता है।
भविष्य की फेड फंड्स दरों की बाजार उम्मीदों को CME फेडवॉच टूल ट्रैक करता है। यही उम्मीदें तय करती हैं कि कई वित्तीय बाजार भविष्य के फेडरल रिज़र्व निर्णयों से पहले कैसे पोजीशन बनाते हैं। इस बैठक के बाद मुख्य उम्मीद साल के अंत से पहले अतिरिक्त बढ़ोती की थी।
जापान की सस्ती फंडिंग में बदलाव की आशंका
एक दशक से अधिक समय तक जापान की अत्यंत निम्न दरों ने दुनिया भर के ट्रिलियन डॉलर के निवेश को सस्ता धन उपलब्ध कराया। इससे जापानी येन दुनिया की सबसे सस्ती फंडिंग मुद्राओं में शामिल हो गया, जबकि अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने दरें बढ़ाईं और जापान एक अपवाद बना रहा।
बैंक ऑफ जापान से इस हफ्ते फिर नीति कसाव की उम्मीद है, इसलिए येन का फंडिंग लाभ एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है। वैश्विक निवेशकों के लिए मुख्य सवाल यह है कि जापानी दरों का जो अंतर येन फंडिंग को असामान्य रूप से सस्ता बनाता था, अपेक्षित कदम के बाद वह स्थिर रहेगा या नहीं।
दरों और बाजारों का अगला मोड़
अब निगाहें ट्रंप की 1% या उससे कम की मांग और फेड के ताज़ा कसाव के बीच की दूरी पर होंगी। साल के अंत से पहले महंगाई को लेकर और कदम, सोने के लाइव समर्थन स्तर, डॉलर की मजबूती और जापानी फंडिंग की स्थिति अहम रहेंगे। ये कारक अमेरिकी डॉलर, सोना और उधार लागत का समीकरण बदल सकते हैं, लेकिन फेड की 25 bps की ताज़ा बढ़ोती पहले से ही हो चुकी है।


















