फेडरल रिजर्व की आने वाली जुलाई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में केंद्रीय बैंक फेडरल फंड्स रेट को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रख सकता है, हालांकि इस फैसले को लेकर स्थिति काफी कांटे की टक्कर जैसी बनी हुई है। जानकारों के मुताबिक, बाजार में इस बात की पूरी उम्मीद लगाई जा रही है कि सितंबर तक कम से कम एक बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है, और आने वाले समय में नीतिगत कदम पूरी तरह से अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों तथा मध्य पूर्व के तनावों से जुड़े ऊर्जा झटकों पर निर्भर करेंगे।
ब्याज दरों और बाजार की उम्मीदों का समीकरण
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस हफ्ते होने वाली बैठक में दरों में बदलाव की संभावना बेहद कम है, भले ही इसके पक्ष और विपक्ष में कड़े तर्क मौजूद हों। यदि यह आकलन सही साबित होता है और दरें स्थिर रखी जाती हैं, तो बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों की ओर से आक्रामक असहमति यानी हॉकश डिसेंट देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि FOMC दरों में सख्ती बरतता है, तो दरों को यथावत रखने के पक्ष में भी कुछ असहमति के स्वर सुनाई दे सकते हैं। मौजूदा समय में बाजार की उम्मीदें इस हफ्ते दरों में बढ़ोतरी की संभावना एक तिहाई से थोड़ी अधिक आंक रही हैं, जबकि सितंबर के लिए यह अनुमान लगभग तीन-चौथाई तक पहुंच चुका है।
महंगाई के आंकड़े तय करेंगे आगे की दिशा
मध्य पूर्व में नए सिरे से उपजे तनावों के कारण ऊर्जा से जुड़े कई घटकों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है, जिनमें परिवहन जैसे सुपरकोर तत्व भी शामिल हैं जो सप्लाई चेन के व्यवधानों से सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। हालांकि, ऊर्जा की कीमतों से परे अन्य कई श्रेणियों में राहत मिलने की भी उम्मीद है। आगामी 16 सितंबर से पहले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI और पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी PCE के आंकड़े जारी किए जाने हैं, जो आने वाले समय में नीतिगत रुख को पूरी तरह से एक दिशा देने का काम करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व के लिए यह समझदारी भरा कदम होगा कि वह यह देखे कि नई ऊर्जा कीमतों का व्यापक सूचकांकों पर गहराई और चौड़ाई के लिहाज से क्या और कितना असर पड़ता है।
मुद्रा बाजारों की चाल और सतर्क रुख
इस बीच, यूरोपीय सत्र के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में विभिन्न मुद्रा जोड़ियों की चाल पर इसका साफ असर दिख रहा है। जीबीपी/एसडी यानी GBP/USD जोड़ी मंगलवार को यूरोपीय सत्र में 1.3300 के आसपास रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है। इस जोड़ी को अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण संघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि दो दिवसीय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक शुरू होने से पहले बाजार में भारी सतर्कता का माहौल है और डॉलर मासिक उच्च स्तर के करीब बना हुआ है। इसी तरह, ईयूआर/एसडी यानी EUR/USD जोड़ी भी मासिक निचले स्तर के आसपास समेकित हो रही है और यूरोपीय सुबह के समय 1.1300 के मध्य भाग के करीब कारोबार कर रही है, जिसे अमेरिकी डॉलर की निरंतर मांग से दबाव मिल रहा है। व्यापारी किसी भी तरह का आक्रामक दिशात्मक दांव लगाने से पहले दो दिवसीय FOMC नीति बैठक के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।



















