अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में वित्तीय वर्ष के समापन दौर के साथ ही सरकारी बजट घाटों की चिंताएं एक बार फिर केंद्रीय चर्चा का हिस्सा बन गई हैं। कमर्शबैंक के वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते राजकोषीय घाटे के केंद्र में आने से सुरक्षित निवेश के रूप में स्विस फ्रैंक को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि आने वाले हफ्तों में मुद्रा विनिमय दरों में स्थिरता के कुछ दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे फ्रैंक पर अस्थायी दबाव बन सकता है, लेकिन बैंक का यह भी मानना है कि फ्रैंक संभवतः हाल के सप्ताहों में अपना निचला स्तर छू चुका है और निकट भविष्य में इसमें और गिरावट आने की संभावना नहीं है।
अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली और एशियाई सत्र का रुख
शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में व्यापक उठापटक दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर अपने 17 महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हट गया क्योंकि महत्वपूर्ण अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट जारी होने से पहले कारोबारियों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। इस डॉलर नरमी का असर अन्य मुद्रा जोड़ों पर साफ दिखा। AUD/USD जोड़ी शुक्रवार को एशियाई सत्र में तेजी के साथ 0.6950 के स्तर की ओर लौट आई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी तथा मुद्रास्फीति के जोखिमों के बीच नवंबर महीने में संभावित ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों से अतिरिक्त मजबूती मिली है।
टोक्यो मुद्रास्फीति के बाद जापानी येन और डॉलर की चाल
दूसरी तरफ USD/JPY जोड़ी शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में नई दिशा पाने के लिए संघर्ष करती नजर आई और 158.00 के करीब टिकी रही। डॉलर की कमजोरी और टोक्यो कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई के अनुमान से अधिक गर्म रहने के बाद यह विनिमय दर अपनी साप्ताहिक सीमा के ऊपरी स्तर से फिसल गई। टोक्यो में महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों का ध्यान खींचा, जिसके बाद ट्रेडर अमेरिकी रोजगार बाजार के नए आंकड़ों की घोषणा से पहले अपनी पुरानी पोजीशन को तेजी से समेटते और संतुलित करते देखे गए।
सोने की कीमतों में सुस्ती और पेरोल अनुमान
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने में शुक्रवार को भी सीमित दायरे का उतार-चढ़ाव जारी रहा। यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक बहुमूल्य धातु 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे कारोबार कर रही थी। सोने के ट्रेडर अमेरिकी रोजगार बाजार से जुड़े पूरे ब्योरे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पूर्वानुमानों के मुताबिक सितंबर महीने की अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट में यह सामने आ सकता है कि अर्थव्यवस्था ने केवल 90K नई नौकरियां जोड़ी हैं। यदि यह आंकड़ा सच साबित होता है, तो यह पिछले महीने दर्ज की गई 162K की वृद्धि से काफी कम होगा और इसका सीधा असर डॉलर तथा सोने की भावी चाल पर पड़ सकता है।
पाई नेटवर्क में उतार-चढ़ाव और तकनीकी दबाव
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क की कीमत निकट अवधि में अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है। पिछले कारोबारी दिन 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद शुक्रवार को पाई नेटवर्क लगभग 0.0900 डॉलर के आसपास मंडराता नजर आया। चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर बढ़ती वेज संरचना के नीचे टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जो कीमतों में और तेज गिरावट या सुधार का संकेत देता है। इसके अलावा टोकन 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसके चलते स्थिर रिकवरी बनाए रखने में इसे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

















