अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान स्विस फ्रैंक और अमेरिकी डॉलर के बीच का विनिमय दर काफी हद तक स्थिर दायरे में बना रहा। स्विट्जरलैंड में उपभोक्ता कीमतों के हालिया आंकड़ों से स्विस फ्रैंक को सहारा मिला, जिसके चलते डॉलर के मुकाबले इसमें तेज गिरावट नहीं देखी गई। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की व्यापक खरीदारी ने इस करेंसी जोड़ी को मई 2025 के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों के करीब बनाए रखा। ताजा सौदों के दौरान USD/CHF लगभग 0.8354 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि दिन के कारोबार में यह 0.8382 के ऊपरी स्तर तक जा पहुंचा था।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और डॉलर की तेजी
अमेरिकी डॉलर ने गुरुवार को साल के नए उच्चतम स्तर को छू लिया। इस तेजी को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई मजबूती से बड़ा समर्थन मिला। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े ताजा आंकड़ों के सामने आने के बाद ट्रेडर फेडरल रिजर्व के आगामी मौद्रिक नीतिगत कदमों का आकलन करने में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही, अमेरिका के राजकोषीय घाटे और कर्ज से जुड़े दीर्घकालिक दृष्टिकोण को लेकर जारी चिंताओं ने बॉन्ड बाजार पर खासा दबाव बना रखा है।
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा के मूल्य को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स 101.75 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में इस इंडेक्स ने 101.99 का नया सालाना उच्च स्तर छू लिया था। सरकारी बॉन्ड बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिली, जहां मानक 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.34 प्रतिशत के स्तर तक उछलने के बाद 5.32 प्रतिशत के करीब बनी रही। ट्रेजरी यील्ड का यह स्तर वर्ष 2002 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर दर्ज किया गया है।
मुद्रास्फीति और ऊर्जा कीमतों पर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की चिंता
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीति निर्माता इस बात को लेकर सतर्क रुख बनाए हुए हैं कि देश में महंगाई दर अभी भी उनके 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई का जोखिम और बढ़ गया है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे बिना रुकी हुई है।
कैनसस सिटी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेफ श्मिड ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि नीति निर्माताओं को महंगाई पर काबू पाने के लिए अभी अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। उनका कहना था कि वर्तमान मौद्रिक नीति के सामने ऊर्जा की बढ़ती कीमतें सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनी हुई हैं। दूसरी तरफ, बोस्टन फेडरल रिजर्व की अध्यक्ष सुसान कॉलिन्स ने आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्थिक वृद्धि दर अपने सामान्य रुझान के आसपास या उससे भी कुछ बेहतर है और श्रम बाजार लगभग पूर्ण रोजगार के करीब बना हुआ है, परंतु महंगाई अभी भी काफी ऊंची है।
स्विट्जरलैंड में महंगाई के आंकड़े और मौद्रिक नीति
यूरोपीय मोर्चे पर स्विट्जरलैंड की वार्षिक उपभोक्ता मुद्रास्फीति दर अगस्त के 0.8 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 1.0 प्रतिशत पर पहुंच गई। मुद्रास्फीति की यह रफ्तार बाजार के जानकारों के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रही। मासिक आधार पर देखा जाए तो पहले के महीने में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद सितंबर में उपभोक्ता कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और वे स्थिर रहीं।
इन आंकड़ों ने स्विस फ्रैंक को तात्कालिक मजबूती प्रदान की है। हालांकि, इससे स्विस नेशनल बैंक की ओर से ब्याज दरों में तुरंत किसी बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है, क्योंकि महंगाई की मौजूदा दर स्विस नेशनल बैंक के 0 प्रतिशत से 2 प्रतिशत के मूल्य स्थिरता दायरे के भीतर ही है। उल्लेखनीय है कि स्विस नेशनल बैंक ने सितंबर में हुई अपनी पिछली बैठक में प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था।
वैश्विक मुद्राओं का प्रदर्शन: येन, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
डॉलर की व्यापक तेजी का असर अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर भी स्पष्ट रूप से नजर आया। एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD लगभग दो महीने के निचले स्तर के पास कंसोलिडेशन के दौर में रहा और 0.6900 के मध्य स्तर पर कारोबार करता दिखा। अमेरिका के पीसीई महंगाई आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं को कुछ हद तक ठंडा जरूर किया है, लेकिन तेल कीमतों के कारण महंगाई का डर अभी भी बॉन्ड यील्ड को ऊपर बनाए हुए है। इसी बीच, ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से घटकर 495 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रह गया, हालांकि इस आंकड़े का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बहुत सीमित असर देखा गया।
जापानी येन के मुकाबले डॉलर का दबदबा कायम रहा और USD/JPY एशियाई सत्र में अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी छोर पर 158.00 से ऊपर टिका रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश वाली संपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ी, जिससे इस जोड़ी को समर्थन मिला। डॉलर की इस चौतरफा तेजी ने बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों को फिलहाल बेअसर कर दिया।
यूरोपीय मुद्रा EUR/USD भी मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक फिसल गई। यह जोड़ी बुधवार को 1.1312 के स्तर तक गिर गई थी, जो कि जनवरी के 1.2082 के उच्च स्तर से काफी नीचे है। हालांकि, यूरो क्षेत्र में महंगाई से जुड़ा कोई नया झटका यूरो को अप्रत्याशित सहारा भी दे सकता है। सितंबर के गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों के आने से पहले डॉलर अपने सालाना उच्च स्तर के आसपास मजबूती से डटा हुआ है। बाजार के विश्लेषक इस रिपोर्ट को लेकर बंटे हुए हैं, जहां कुछ का मानना है कि डॉलर में ऊपर की ओर नया ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है, वहीं अन्य विश्लेषकों का तर्क है कि हालिया तेजी अपनी सीमा से अधिक आगे निकल चुकी है।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर बढ़ता दबाव
मजबूत डॉलर और बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंची अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ने सोने की कीमतों पर भी लगाम लगा दी। गुरुवार को सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। XAU/USD लगभग 4,167 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसमें दिन के आधार पर 0.26 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती सुधार के बाद कीमती धातु इस बढ़त को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती नजर आई।
डिजिटल एसेट बाजार में भी सुस्ती और दबाव का माहौल बना रहा। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 82,500 डॉलर के सपोर्ट और 85,000 डॉलर के रेजिस्टेंस के बीच कारोबार करती रही। इसी तरह, एथेरियम भी बिकवाली के दबाव में रहा और 2,700 डॉलर के नीचे कारोबार करता दिखा, जहां 2,600 डॉलर का स्तर उसके लिए तात्कालिक सपोर्ट बना हुआ है। वहीं, रिपल भी अपने महत्वपूर्ण 1.50 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया।



















