इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में आई मजबूती के बावजूद थाई बाहत को बड़ा सहारा मिलना मुश्किल दिख रहा है। एमयूएफजी ने THB को लेकर सावधानी बनाए रखते हुए वर्षांत के लिए USD/THB का पूर्वानुमान 34.00 ही रखा है, क्योंकि कमजोर वृद्धि, निम्न ब्याज दरें, लगातार पोर्टफोलियो निकास, बिगड़ती व्यापार शर्तें और बढ़ती राजकोषीय पाबंदियाँ निर्यात लाभ पर भारी पड़ रही हैं।
34.00 के पूर्वानुमान के पीछे कारण
एमयूएफजी के मुताबिक थॉयलैंड को तकनीकी चक्र से लाभ मिल रहा है, लेकिन इससे बढ़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को समग्र नुकसानों के मुकाबले पर्याप्त नहीं माना गया। विकास की रफ्तार धीमी है, नीतिगत दरें निम्न हैं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश लगातार बाहर जा रहा है और राजकोष पर पाबंदियाँ बढ़ रही हैं।
यह संयोजन अहम है क्योंकि किसी मुद्रा की बाहरी स्थिति केवल सकल निर्यात बिक्री से नहीं तय होती। जरूरी इनपुट बड़े पैमाने पर बाहर से खरीदने पर निर्यात में तेजी के बावजूद बाहरी हिसाब तनाव में रह सकते हैं। आयर्त लागत, निवेश प्रवाह, मिलने वाली ब्याज दरें और झटकों को संभालने की सरकारी क्षमता तय करती है कि अंततः बाहत को कितना सहारा मिलता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स लाभ आयर्त बिल में कैसे घटता है
थॉयलैंड जरूरी सेमीकंडक्टर का शुद्ध आयर्तकारक है और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिए इन चिपों की भारी जरूरत होती है। निर्यात बढ़ने पर भी उत्पादकों को आयर्त इनपुट खरीदने के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकता बनी रहती है।
चिप कीमतें बढ़ने और उत्पादों में आयर्त सामग्री की हिस्सेदारी बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स आयर्त बिल बढ़ रहा है। नतीजे के तौर पर शुद्ध व्यापार लाभ निर्यात के शीर्षक आंकड़ों से छोटा रह जाता है और बाहत को विदेशी मुद्रा का उतना समर्थन नहीं मिलता।
कमोडिटी दबाव और बाहरी संतुलन
चुनौती सेमीकंडक्टर तक सीमित नहीं है। ऊर्जा, धातु और बीच की सामग्री की ऊँची कीमतों ने व्यापक कमोडिटी झटका पैदा किया है, जिससे थॉयलैंड के बाहरी संतुलन पर बोझ पड़ रहा है।
इसी कारण व्यापार की शर्तें 27 साल के निम्न स्तर तक गिर गई हैं। तेल झटके को संभालना खासा कठिन है क्योंकि राजकोषीय गुंजाइश सीमित है और सरकार के पास इसके असर को घटाने की कम जगह है। कमजोर वृद्धि के माहौल में व्यापार से मिलने वाला सहारा और घटता है, भले इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ रहा हो।
ब्याज दरों का अंतर और पूंजी का निकास
थॉयलैंड केंद्रीय बैंक की नीतिगत दर 1.0% पर है और शुरुआती 2027 तक यह वहीं बनी रह सकती है। फेड ने दरें बढ़ा दी हैं और आने वाले महीनों में और कसाव ला सकता है।
निम्न घरेलू दरें, बाहत का अधिमूल्यांकन और लगातार शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निकास एक-दूसरे के दबाव को बढ़ाते हैं। राजकोषीय जगह भी सीमित होने से तेल झटके का असर घटाना कठिन है। इसलिए यह आकलन सकल निर्यात की बजाय शुद्ध प्रवाह और खरीद शक्ति को अधिक महत्व देता है और THB को लेकर सावधानी बनाए रखता है।
एशियाई सत्र में मुद्राएँ और सोना
AUD/USD को गुरुवार के एशियाई सत्र में नए खरीदार मिले और जोड़े ने 0.7100 स्तर फिर हासिल कर लिया। अमेरिकी डॉलर ने हॉकिश फेड से प्रेरित तेजी के बाद विराम लिया; यह चढ़ाव डॉलर को जुलाई के अंत के बाद सबसे ऊँचे स्तर तक ले गया था। RBA से दर बढ़ने की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान कूटनीतिक पहल की आशा से जोखिम भाव में सुधार हुआ, जिसने जोखिम संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और AUD/USD को सहायता दी।
USD/JPY गुरुवार के एशियाई कारोबार में 156.00 के नीचे आई छोटी गिरावट से संभल रहा है और तीन दिन की जीत की लड़ी खत्म कर सकता है। पिछले दिन यह लड़ी लगभग दो सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुँची थी। फेड के फैसले के बाद सात सप्ताह के उच्च स्तर तक आने के बाद अमेरिकी डॉलर रुका, जबकि बैंक ऑफ जापान के नीति सामान्यीकरण को लेकर बाजार ने अधिक हॉकिश मूल्यांकन किया और जापानी येन मजबूत हुआ। इससे जोड़े की ऊपरी दिशा सीमित रही और नज़र शुक्रवार के BoJ नीति निर्णय पर चली गई।
सोना गुरुवार को तेजी से बढ़ा और सप्ताह के नए शीर्ष बनाए, लेकिन प्रति ट्रॉय औंस $4,400 के आसपास शुरुआती अड़चन मिली। इस वापसी ने लगातार तीन दैनिक गिरावट को पलट दिया। अमेरिकी डॉलर की सीमित वापसी और कच्चे तेल के फिर से नकारात्मक प्रदर्शन ने भी धातु को सहारा दिया।
केंद्रीय बैंकों के संकेत और दरों का फर्क
बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 3.75% पर बैंक दर को वहीं रखा, मगर महंगाई का अनुमान तेजी से खराब होने पर उसका संदेश साफ तौर पर हॉकिश था।
फेडरल रिज़र्व ने सर्वसम्मति से फेड फंड टार्गेट रेंज (FFTR) में 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की और इसे 3.75%-4.00% पर रखा। अधिकारियों ने कहा कि इससे महंगाई को 2% लक्ष्य तक जल्दी लौटाने में मदद मिलेगी।
एक दशक से अधिक समय तक जापान की बेहद निम्न दरों ने दुनिया भर के निवेशों के लिए ट्रिलियनों डॉलर की फंडिंग उपलब्ध कराई। इससे जापानी येन दुनिया की सबसे सस्ती फंडिंग मुद्राओं में शामिल हो गया। बैंक ऑफ जापान से इस सप्ताह फिर कसाव की उम्मीद है, इसलिए यह फायदा नए चरण में प्रवेश कर सकता है; अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने दरें बढ़ाईं, जबकि जापान अपवाद बना रहा।
निवेशकों के लिए समग्र संकेत
इन बाजारों में नीतिगत दरों की उम्मीदें और डॉलर की चाल निवेशकों की स्थितियों को बदल रही हैं। थॉयलैंड में निर्यात से आने वाला लाभ आयर्त चिप और कमोडिटी खर्च में घट जाता है, जबकि निम्न दरें और पूंजी निकास जारी हैं। विपरीत दिशा में, जापानी येन को BoJ के संभावित कसाव से सहारा मिल रहा है, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को RBA दर वृद्धि की उम्मीद और कूटनीतिक आशा से मदद मिली, और सोने ने नरम डॉलर तथा कमजोर कच्चे तेल से प्रेरणा ली। इन संकेतों से एमयूएफजी का 34.00 USD/THB पूर्वानुमान नहीं बदलता, लेकिन यह साफ है कि मुद्रा निवेशकों को केंद्रीय बैंक, आयर्त लागत और विदेशी पूंजी प्रवाह को मिलाकर देखना होगा।


















