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ईरान संघर्ष और वित्तीय दबाव के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.3200 के करीब लुढ़का, तकनीकी चार्ट पर गिरावट के संकेतबाज़ार
25 सित॰ 2026, 11:04 am (16 मिनट पहले)· 0

ईरान संघर्ष और वित्तीय दबाव के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.3200 के करीब लुढ़का, तकनीकी चार्ट पर गिरावट के संकेत

ईरान युद्ध के चलते बढ़ती उधारी लागत और सरकारी खजाने पर पड़े 12 अरब पाउंड के दबाव के कारण ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी दर्ज की गई है।

GBP/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण25 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.32 पर है, जबकि EMA20 1.34, EMA50 1.35 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.34) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 25 है।

आगे संभावित चाल

30 के ऊपर वापसी उछाल की पुष्टि करती है।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का बैंड दायरा 1.33–1.37 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड (1.35) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 1.3210 के स्तर के आसपास पहुंच गया। लंबे समय से बने दबाव और वैश्विक वित्तीय चिंताओं के कारण इस मुद्रा जोड़ी में मंदी का रुख बना हुआ है। 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे लगातार बने रहने और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स के ओवरसोल्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद बिकवाली का दबाव खत्म नहीं हुआ है। मौजूदा कारोबारी दायरे में तुरंत के लिए 1.3215 पर कड़ा प्रतिरोध देखा जा रहा है, जबकि नीचे की तरफ 1.3140 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बनकर उभरा है। इस गिरावट के पीछे केवल तकनीकी कारण ही नहीं हैं, बल्कि ब्रिटेन की आंतरिक वित्तीय स्थिति और पश्चिम एशिया के तनाव से जुड़े व्यापक आर्थिक कारक भी सीधे तौर पर असर डाल रहे हैं।

ब्रिटेन के बजट पर मंडराता 12 अरब पाउंड का वित्तीय संकट

ब्रिटेन के चांसलर जॉन हीली को अगले महीने पेश होने वाले राष्ट्रीय बजट में कर बढ़ाने अथवा सार्वजनिक खर्च में भारी कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उधारी की लागत काफी बढ़ गई है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मची है। इसके साथ ही देश की आर्थिक वृद्धि दर सुस्त पड़ने की वजह से ब्रिटेन सरकार के वित्तीय हेडरूम से लगभग 12 अरब पाउंड साफ हो चुके हैं। इस भारी वित्तीय अंतर को पाटने के लिए सरकार के पास कड़े राजकोषीय फैसले लेने के अलावा बेहद सीमित विकल्प बचे हैं। इस तरह के वित्तीय दबाव का सीधा नकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय मुद्रा पर पड़ता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय निवेशक देश के राजकोषीय स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क हो जाते हैं।

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मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के मोर्चे पर भी चुनौतियां बरकरार हैं। एलएसईजी के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार इस बात की 67% संभावना मानकर चल रहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड नवंबर की अपनी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इतना ही नहीं, दिसंबर में भी दरों में एक और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर बढ़ती ब्याज दरें मुद्रा को समर्थन देती हैं, लेकिन जब वृद्धि दर कमजोर हो और उधारी लागत अनियंत्रित रूप से बढ़ रही हो, तो ऐसी स्थिति में दरों में आक्रामक बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाओं को गहरा देती है, जिससे पाउंड पर दबाव बना हुआ है।

दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और प्रमुख स्तर

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी 20-दिन के बोलिंगर मिडल बैंड और 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे लगातार बना हुआ है। चार्ट पर कई प्रतिरोध स्तर एक साथ मौजूद होने के कारण अल्पकालिक रुझान पूरी तरह से मंदी का बना हुआ है। हालिया गिरावट इतनी तीव्र रही है कि कीमत बोलिंगर लोअर बैंड के ठीक आसपास दबाव बना रही है, जो अत्यधिक अस्थिरता को दर्शाती है। 14-पीरियड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 24 के स्तर के आसपास आ चुका है, जो बाजार के अत्यधिक ओवरसोल्ड होने का स्पष्ट संकेत है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि इतना कम आरएसआई स्तर तत्काल तेज गिरावट की गति को कुछ समय के लिए धीमा जरूर कर सकता है, लेकिन यह किसी बड़े और तत्काल ट्रेंड रिवर्सल की गारंटी नहीं देता।

ऊपर की ओर सुधार की स्थिति में पहला तात्कालिक प्रतिरोध 20-दिन के बोलिंगर लोअर बैंड के समीप 1.3215 पर स्थित है, जो मौजूदा मूल्य के ठीक ऊपर एक छोटा पिवट बिंदु है। यदि कीमत इस स्तर को पार करने में सफल होती है, तो अगला बड़ा अवरोध 28 जुलाई के निचले स्तर 1.3273 पर मिलेगा। इसके आगे 1.3425 पर स्थित 100-दिवसीय एसएमए और 1.3438 पर स्थित बोलिंगर मिडल बैंड एक मजबूत संयुक्त छत बनाते हैं। किसी भी व्यापक तेजी की स्थिति में 1.3660 पर स्थित बोलिंगर अपर बैंड एक दूरस्थ बाधा के रूप में काम करेगा। इसके विपरीत, यदि बिकवाली जारी रहती है, तो 24 जून का निचला स्तर 1.3140 तत्काल सपोर्ट प्रदान करेगा। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो 21 नवंबर 2025 का निचला स्तर 1.3038 और उसके बाद 5 नवंबर 2025 का निचला स्तर 1.3010 परीक्षण के दायरे में आ सकता है।

वैश्विक व्यापार में पाउंड स्टर्लिंग की भूमिका और केंद्रीय बैंक की नीतियां

पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी सक्रिय मुद्रा है, जिसका इतिहास वर्ष 886 ईस्वी से जुड़ा हुआ है। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली इकाई है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के सभी विदेशी मुद्रा लेन-देन में इसकी 12% हिस्सेदारी है, जिसमें प्रतिदिन औसतन 630 अरब डॉलर का कारोबार दर्ज होता है। इसके प्रमुख ट्रेडिंग पेयर्स में जीबीपी/यूएसडी शामिल है, जिसे मुद्रा बाजार में 'केबल' कहा जाता है और यह कुल एफएक्स बाजार के 11% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा जीबीपी/जेपीवाई, जिसे ट्रेडर्स 'ड्रैगन' के नाम से जानते हैं, 3% हिस्सेदारी रखता है, जबकि ईयूआर/जीबीपी का हिस्सा 2% है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने का आधिकारिक दायित्व बैंक ऑफ इंग्लैंड संभालता है।

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक अपने सभी निर्णय मूल्य स्थिरता के प्राथमिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर लेता है, जिसका उद्देश्य मुद्रास्फीति को लगभग 2% की स्थिर दर पर बनाए रखना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों के समायोजन को अपने प्राथमिक हथियार के रूप में उपयोग करता है। जब मुद्रास्फीति अनियंत्रित होकर बहुत अधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में बढ़ोतरी करके इसे नियंत्रित करने का प्रयास करता है। दरों के बढ़ने से आम नागरिकों और व्यवसायों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में यह पाउंड के लिए सकारात्मक होता है, क्योंकि उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को यूनाइटेड किंगडम में पूंजी लगाने के लिए आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति बहुत नीचे गिर जाती है, तो यह सुस्त आर्थिक वृद्धि का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि ऋण सस्ता हो सके और कंपनियां विकास कार्यों में अधिक निवेश कर सकें।

आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव

अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को मापने वाले आंकड़े सीधे तौर पर स्टर्लिंग के उतार-चढ़ाव को संचालित करते हैं। सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई तथा रोजगार से जुड़े आंकड़े पाउंड की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था हमेशा ही स्टर्लिंग के लिए लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि यह न केवल विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करती है बल्कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरों में वृद्धि करने के लिए भी प्रोत्साहित करती है, जिससे पाउंड मजबूत होता है। वहीं दूसरी ओर, यदि आर्थिक आंकड़े निराशाजनक आते हैं, तो पाउंड स्टर्लिंग में स्वाभाविक रूप से गिरावट देखने को मिलती है।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में देश का व्यापार संतुलन भी एक बेहद अहम संकेतक है। यह पैमाना एक निश्चित समयावधि के दौरान किसी देश द्वारा अपने निर्यात से की गई कुल कमाई और आयात पर किए गए खर्च के अंतर को मापता है। यदि कोई देश ऐसी वस्तुओं का उत्पादन करता है जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं की खरीदारी के लिए बनाई जाने वाली मांग से सीधे तौर पर घरेलू मुद्रा को बल मिलता है। इसलिए, सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन किसी भी देश की मुद्रा को मजबूती प्रदान करता है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा पर दबाव बढ़ाता है।

वैश्विक बाजारों में अन्य मुद्राओं, कच्चे तेल और बॉन्ड का रुख

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार के व्यापक परिदृश्य पर नजर डालें तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने डॉलर को व्यापक मजबूती दी है। शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर फिसलकर अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और रात में 200-दिन के एसएमए से नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के पास अत्यधिक कमजोर नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने ऊर्जा की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति का डर फिर से गहरा गया है। इसने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके अतिरिक्त, भू-राजनीतिक जोखिमों ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी का असर फीका पड़ गया और यह मुद्रा जोड़ी दबाव में आ गई।

उधर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन में शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान हल्की नरमी देखी गई और यह 159.00 के अपने तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर जाकर थम गया, क्योंकि जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप की आशंका से येन बिकवाल सतर्क हो गए। हालांकि, फेड के कड़े रुख और तेल से उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबाव के चलते अमेरिकी डॉलर की तेजी का आधार मजबूत बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के बावजूद जापानी मुद्रा को कोई विशेष सहारा नहीं मिला है, क्योंकि यह नीतिगत सामान्यीकरण का एक ऐसा कदम था जिसकी बाजार को पहले से पूरी उम्मीद थी। इस बीच, ट्रेजरी नोट्स जो सभी विपणन योग्य अमेरिकी ट्रेजरी का लगभग 52% हिस्सा हैं, उनके प्रतिफल में भारी वृद्धि ने अमेरिकी राजकोषीय परिदृश्य के लिए भी जटिलताएं खड़ी कर दी हैं। कमोडिटी बाजार में, सोना गुरुवार को दर्ज 4,244 डॉलर के साप्ताहिक निचले स्तर से उबरकर शुक्रवार को एशिया में सुधरा जरूर, लेकिन यह 4,300 डॉलर के नीचे बना हुआ है और केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख के बीच चार हफ्तों में अपने सबसे खराब सप्ताह की ओर बढ़ रहा है।

सवाल-जवाब

जीबीपी/यूएसडी जोड़ी में गिरावट के पीछे मुख्य कारण क्या है?
ईरान संघर्ष के कारण बढ़ी उधारी लागत से ब्रिटेन के सरकारी खजाने पर 12 अरब पाउंड का दबाव पड़ा है और अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मजबूती ने पाउंड को नीचे धकेला है।
चार्ट पर पाउंड के लिए तत्काल सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
तात्कालिक रेजिस्टेंस 1.3215 पर स्थित है, जबकि नीचे की तरफ शुरुआती सपोर्ट स्तर 1.3140 पर नजर आ रहा है।
क्या बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना है?
एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, बाजार नवंबर में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 67% संभावना मानकर चल रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग का कितना हिस्सा है?
पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जो 2022 के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना 630 अरब डॉलर के औसत कारोबार के साथ कुल विदेशी मुद्रा व्यापार का 12% हिस्सा रखती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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