वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच उठापटक जारी है, जहां शुक्रवार के कारोबारी सत्र में डॉलर 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर निकलने में कामयाब रहा, हालांकि इसकी बढ़त 158.50 से नीचे ही सीमित बनी हुई है। जापानी अर्थव्यवस्था में घरेलू खर्च के निराशाजनक आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान के नीति निर्माता सातो के सख्त रुख के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बहु-दशक के उच्च स्तर से आई हालिया गिरावट के चलते डॉलर अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले नरमी दिखा रहा है, जिससे इस जोड़ी का दायरा काफी सिमट गया है।
घरेलू खर्च में लगातार गिरावट ने बढ़ाई येन की मुश्किलें
जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दौरान घरेलू खर्च में सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के विश्लेषक इसमें 3.6 प्रतिशत की भारी गिरावट की आशंका जता रहे थे, जिसकी तुलना में यह आंकड़ा थोड़ा कम खराब है, लेकिन यह लगातार आठवां महीना है जब जापानी घरेलू खर्च सिकुड़ा है। शुक्रवार के अन्य आंकड़ों में यह गिरावट लगातार नौवें महीने दर्ज होने की बात भी सामने आई है, जिसने घरेलू मांग की गहरी कमजोरी पर मुहर लगा दी है। जब देश के भीतर उपभोक्ता खर्च लगातार घट रहा हो, तो केंद्रीय बैंक के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश सीमित हो जाती है, जिसका सीधा नुकसान जापानी येन को झेलना पड़ रहा है।
तकनीकी स्तरों पर 200 दिनों का औसत बना अड़चन
चार्ट पर तकनीकी स्थिति को देखें तो सितंबर की रिकवरी के बाद इस जोड़ी की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। ताजा कारोबारी आंकड़ों में यह जोड़ी 158.39 के स्तर पर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर 158.06 से 0.21 प्रतिशत ऊपर है। यह 158.53 से 158.54 के आसपास स्थित 200 दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज के ठीक नीचे अटका हुआ है। तकनीकी संरचना व्यापक रूप से तेजी की बनी हुई है, जहां 50 दिनों का ईएमए 158.01 पर और 200 दिनों का ईएमए 157.76 पर है, जिससे गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, मौजूदा तेजी को मजबूत अवरोध का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक चार्ट पर 14 दिनों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 56 पर और एमएसीडी 0.20 के स्तर पर है, जो संकेत देता है कि सकारात्मक रुझान तो है, लेकिन बड़े ब्रेकआउट के लिए बाजार को एक मजबूत उत्प्रेरक की दरकार है। 14 दिनों का एडीएक्स 17 पर है, जो स्पष्ट करता है कि बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में है और किसी मजबूत ट्रेंड का अभाव है।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस के दायरे में फंसा बाजार
व्यापारियों के लिए तात्कालिक रेजिस्टेंस 158.54 पर स्थित 200 दिनों का एसएमए और 158.63 का आर1 स्तर है। इसके बाद ऊपर की ओर 158.86 का आर2 स्तर, सितंबर के अंत में देखा गया 159.00 का उच्चतम दायरा और 2 सितंबर का 160.39 का शिखर स्तर मुख्य बाधाएं हैं। दूसरी तरफ, नीचे की गिरावट को रोकने के लिए पहला मजबूत सपोर्ट 157.96 के एस1 स्तर और 157.50 के आसपास स्थित साप्ताहिक चैनल के निचले छोर पर मौजूद है। अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार 157.52 के एस2 स्तर, सितंबर के अंत के 156.40 के निचले स्तर और 17 सितंबर को दर्ज 155.34 के स्तर की ओर रुख कर सकता है। दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला एटीआर 1.18 पर है, जो स्टॉप-लॉस बफर तय करने में मददगार साबित हो सकता है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वैश्विक संपत्तियों का रुख
मुद्रा बाजार के व्यापक रुझान को देखें तो डॉलर अपने समकक्षों के मुकाबले मिला-जुला प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन जापानी येन के मुकाबले यह सबसे मजबूत स्थिति में उभरा है। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले साप्ताहिक निचले स्तर से संभलते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीदें भी इसे समर्थन दे रही हैं। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी सुधार देखा गया और यह दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर को फिर से छूने में कामयाब रहा। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के साथ डॉलर पर दबाव दिखा, हालांकि दैनिक आरएसआई अब भी सोने में सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है।























