बोनविले टी4 और टी40 भारतीय बाजार में उतरीं, 350 सीसी सेगमेंट में ट्रायम्फ ने पेश कीं दो नई मोटरसाइकिलेंरेड बॉल क्रिकेट में खास प्रतिद्वंद्वियों के सामने चला इन 5 दिग्गजों का बल्ला, ब्रैडमैन का शिखर आज भी अजेयकेंद्रीय कैबिनेट ने दी 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड को हरी झंडी, छोटे उद्यमों में सीधे होगा इक्विटी निवेशभोपाल में युवाओं के महाकुंभ में मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान: साल में 2 बार होगी पीएससी, 12 मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी खुलेंगीदिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नया एक्शन प्लान: बिना वैध पीयूसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 10,000 रुपये का चालानपहाड़ी सफर में भटक गए और फोन में नेटवर्क भी नहीं? अपनाएं ये 5 जरूरी सुरक्षा कदमफेड की ब्याज दरों पर नरमी के संकेत के बीच डॉलर की तेजी थमी, यूरो और सोने में हलचलकटिहार में वकील अजीजुद्दीन अंसारी की हत्या के मामले में पांच लोग गिरफ्तार, 12 घंटे में कार्रवाईबिना किसी शुल्क के टेलीविजन पर देखें लखनऊ टी20 मुकाबला, जानिए लाइव प्रसारण की पूरी जानकारीचीन के सी919 विमान पर अमेरिकी पाबंदी का साया, जेट इंजन सप्लाई रोककर दबाव बनाने की तैयारी
अमेरिकी डॉलर के सामने 158 के पार निकला जापानी येन, 160 के स्तर पर टिकी बाजार की नजरबाज़ार
6 अक्तू॰ 2026, 5:30 pm (1 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर के सामने 158 के पार निकला जापानी येन, 160 के स्तर पर टिकी बाजार की नजर

वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन 158 के पार पहुंच गया है, जहां विश्लेषक अगले बड़े ब्रेकआउट स्तरों का आकलन कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में लगातार हलचल देखी जा रही है। मंगलवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत के दौरान यह करेंसी जोड़ी एक बार फिर 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर निकल गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बने दबाव और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने डॉलर को मजबूती दी है, जबकि बैंक ऑफ जापान की तरफ से सख्त रुख के संकेतों और संभावित सरकारी दखल के बावजूद जापानी मुद्रा को तात्कालिक सहारा नहीं मिल पा रहा है। विश्लेषक इस समय मुद्रा जोड़ी की तेजी को लेकर एकमत दिखाई दे रहे हैं, हालांकि संभावित ब्रेकआउट कितना आगे जाएगा, इसे लेकर उनके अनुमान अलग हैं।

तकनीकी स्तर और प्रमुख लक्ष्य

बाजार के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, रोबोफॉरेक्स का आकलन एक संकुचित होते त्रिकोण यानी नैरोइंग ट्रायंगल पैटर्न की ओर इशारा करता है। इस विश्लेषण के तहत पहला तात्कालिक लक्ष्य 158.77 आंका गया है। यदि भाव इस स्तर को पार करने में सफल रहते हैं, तो पुष्टि के बाद अगला स्तर 159.36 का खुल सकता है। दूसरी तरफ, विश्लेषक श्वेदेव का मानना है कि सातवें क्रम के भारी सप्लाई क्लस्टर का तीन बार रीटेस्ट हो चुका है। उनका अनुमान है कि यह ढांचा एक ब्रेकआउट कैस्केड तैयार कर रहा है, जो मुद्रा जोड़ी को सीधे 160.00 के स्तर तक ले जा सकता है।

ये भी पढ़ें

कारोबारियों के लिए 158.77 से 158.85 का दायरा बेहद संवेदनशील बना हुआ है। यदि दैनिक आधार पर भाव इस दायरे से ऊपर बंद होते हैं, तो दोनों विश्लेषणों में तालमेल बैठता है और 159.36 से लेकर 160.00 तक का रास्ता साफ हो जाता है। इसके विपरीत, यदि गिरावट आती है और भाव 157.54 के नीचे फिसलते हैं, तो मौजूदा तेजी का रुख खारिज हो जाएगा और यह जोड़ी 156.50 के स्तर तक गिर सकती है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड की स्थिति

फिक्स्ड इनकम बाजार में जारी बिकवाली के चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब टिकी हुई है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हुई हैं, फिर भी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर को अपने साल के उच्चतम स्तर के पास बनाए रखा है। यही कारण है कि डॉलर इंडेक्स में लचीलापन बना हुआ है और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

अन्य वैश्विक मुद्राओं और सोने की स्थिति

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर में कमजोरी दर्ज की गई। पिछले हफ्ते छुए गए दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिन की रिकवरी यहां रुक गई। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा इसी महीने ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए मददगार हो सकती हैं।

सोने के बाजार में यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सुधार देखा गया। पीली धातु अपने 4,100 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर से उछलकर 4,150 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई। सितंबर के निचले स्तर से हालिया डॉलर रैली में ठहराव आने और फेड द्वारा दरें न बढ़ाने की संभावनाओं से ब्याज न देने वाले बुलियन को कुछ सहारा मिला है।

यूरोप और फ्रांस के राजनीतिक हालात

यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने महंगाई को लेकर जटिल स्थिति बनी हुई है। आमतौर पर तय लक्ष्य से दोगुनी चल रही महंगाई पर काबू पाने के लिए दरों में बढ़ोतरी सीधी प्रतिक्रिया होती है, लेकिन मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती का एक बड़ा हिस्सा खुद पूरा कर रहा है, जिससे बैंक के सामने नीतिगत असमंजस पैदा हो गया है। साथ ही फ्रांस में आने वाले दिनों की राजनीतिक हलचल पर नजरें हैं, जहां बजट को लेकर सोशलिस्ट पार्टी और मरीन ले पेन की नेशनल रैली मौजूदा सरकार को गिराने के संकेत दे सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं।

सवाल-जवाब

जापानी येन और डॉलर की जोड़ी में कौन से तकनीकी स्तर अहम हैं?
कारोबारी 158.77 से 158.85 के दायरे पर नजर रख रहे हैं, जबकि नीचे की ओर 157.54 का स्तर तेजी के रुख को अमान्य कर सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार अधिकतम तेजी का लक्ष्य क्या हो सकता है?
रोबोफॉरेक्स का पहला लक्ष्य 158.77 और अगला 159.36 है, जबकि श्वेदेव 160.00 के स्तर तक ब्रेकआउट की संभावना देख रहे हैं।
सोने के भाव में किस तरह की हलचल देखी गई?
सोना अपने 4,100 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर से उबरकर 4,150 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने क्या दुविधा है?
महंगाई तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार पहले ही सख्ती कर रहा है, जिससे दरों पर फैसला लेना जटिल हो गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp