अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान कैनेडियन डॉलर में मजबूती देखी गई, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह जोड़ी नरम होकर 1.4220 के करीब आ गई। मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों की निगाहें अब पूरी तरह से सितंबर के रोजगार आंकड़ों पर टिकी हैं। हाल के समय में बॉन्ड प्रतिफल और ब्याज दरों के अंतर ने इस मुद्रा जोड़ी को काफी प्रभावित किया है। कनाडा का दो साल का बॉन्ड प्रतिफल अमेरिकी प्रतिफल से करीब 152 आधार अंक (bps) नीचे चल रहा था, जो कि सोमवार को दर्ज किए गए 158 आधार अंक के अंतर से थोड़ा कम हुआ है। सोमवार को बना यह अंतर फरवरी 2025 के बाद का सबसे बड़ा स्तर था।
रोजगार डेटा और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर नजर
अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि सितंबर महीने में कनाडा की अर्थव्यवस्था में 7,000 रोजगार जुड़ सकते हैं। इससे पिछले महीने अगस्त में 41,700 नौकरियों की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके साथ ही सितंबर में बेरोजगारी दर 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। रोजगार बाजार से जुड़ा यह आंकड़ा कनाडा की आर्थिक सेहत का आकलन करने और बैंक ऑफ कनाडा के आगामी मौद्रिक नीतिगत फैसलों की दिशा तय करने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा।
कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक कारक
कमोडिटी से जुड़ी मुद्रा होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में नरमी कैनेडियन डॉलर की बढ़त को सीमित कर सकती है। कनाडा एक बड़ा तेल निर्यातक देश है और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आम तौर पर कैनेडियन मुद्रा को मजबूती प्रदान करती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वाशिंगटन नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा और उन्होंने तेहरान के साथ जारी सकारात्मक बातचीत पर जोर दिया। इस भू-राजनीतिक रुख से भी तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार की चाल पर असर पड़ा है।
नीतिगत अंतर और राबोबैंक का दृष्टिकोण
राबोबैंक के विश्लेषकों का कहना है कि 9 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चली तीव्र बिकवाली के बाद अब यह जोड़ी 1.425 के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। हालांकि 5 अक्टूबर को 1.43 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था, फिर भी यह सितंबर के 1.373 के निचले स्तर से मजबूत सुधार को दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और कनाडा के बीच मौद्रिक नीति का अंतर इस मुद्रा जोड़ी की चाल का मुख्य चालक बना हुआ है।
राबोबैंक का अनुमान है कि यह ब्याज दर अंतर मौजूदा 175 आधार अंक से बढ़कर इस साल के अंत तक 200 आधार अंक तक पहुंच सकता है और 2026 तक इसी स्तर पर बना रह सकता है। इस नीतिगत अंतर के चलते तीन महीने के नजरिए से यह जोड़ी 1.45 के स्तर तक जाने की संभावना जताई गई है। दूसरी तरफ, कनाडा की आर्थिक वृद्धि सुस्त होने और अमेरिका के साथ व्यापारिक परिस्थितियों में कमजोरी के बावजूद, कनाडाई ओआईएस कर्व अगले साल सितंबर तक बैंक ऑफ कनाडा द्वारा लगभग चार और दरों में बढ़ोतरी का संकेत दे रहा है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और तकनीकी विश्लेषण
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के वॉलर ने सख्त मौद्रिक नीति का संकेत दिया है, जिसे भाषण विश्लेषण में 8/10 का स्कोर दिया गया, जो इसके 7.2/10 के ऐतिहासिक औसत से अधिक है। एआई निवेश और ऊर्जा झटकों के कारण मुद्रास्फीति के दबाव और मजबूत श्रम बाजार को देखते हुए नीति को कड़ा बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
दैनिक तकनीकी चार्ट पर यह जोड़ी 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और बॉलिंजर मध्य बैंड के ऊपर टिकी हुई है, जिससे तेजी का रुख बना हुआ है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 65 पर है, जो मजबूत खरीद गति का संकेत देता है। नीचे की ओर बॉलिंजर मध्य बैंड 1.4125 पर शुरुआती मांग स्तर है, जिसके बाद 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 1.4015 और निचला बॉलिंजर बैंड 1.3895 पर मुख्य समर्थन प्रदान कर रहे हैं। ऊपर की ओर ऊपरी बॉलिंजर बैंड 1.4355 पर प्रतिरोध स्तर बना हुआ है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह मुद्रा जोड़ी 1.42 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 1.43 से 0.23 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। इसका 52-हफ्तों का दायरा 1.35 से 1.43 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 66 और एमएसीडी 0.01 पर है। 20-दिवसीय ईएमए 1.41, 50-दिवसीय ईएमए 1.40 और 200-दिवसीय ईएमए 1.39 पर है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस को दर्शाता है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
वैश्विक बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 की ओर बढ़ रहा है, जिसे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों से समर्थन मिला है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.00 के करीब बना हुआ है, जहां जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरने से येन पर दबाव पड़ा। इसके अलावा, सोना 4,200 डॉलर के स्तर पर वापस आ गया है और निचले स्तरों से सुधार दिखा रहा है।























