अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन की ताजा मजबूती ने अमेरिकी डॉलर की हालिया बढ़त की रफ्तार को धीमा कर दिया है। टोक्यो में केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक से ठीक पहले निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर 155.80 के आसपास फिसलती दिखाई दी। जापानी नीति निर्माताओं द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करके दर को 1.25% तक पहुंचाने की व्यापक संभावनाओं ने घरेलू मुद्रा को सहारा दिया है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका में केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी दरों को लेकर दिखाए गए कड़े तेवरों के बाद डॉलर की लंबी छलांग अब थमती दिख रही है।
जापानी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक और दरों का गणित
बाजार का सारा ध्यान अब शुक्रवार को होने वाले बैंक ऑफ जापान के आधिकारिक निर्णय पर टिका हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार केंद्रीय बैंक केवल दरों में बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपने आगामी दिशा-निर्देशों में भी कड़ा रुख दर्शा सकता है। डांसके बैंक के रणनीतिकारों के अनुसार, बैंक ऑफ जापान इस बार सख्ती की रफ्तार को लेकर अधिक चुस्त रुख का संकेत दे सकता है। उनका मानना है कि अगर केंद्रीय बैंक ने ऐसा कोई स्पष्ट संदेश नहीं दिया, तो इसका सीधा नकारात्मक असर घरेलू मुद्रा पर पड़ सकता है।
बीते एक दशक से भी अधिक समय से जापान की शून्य के करीब ब्याज दरों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र को खरबों डॉलर के निवेश का सबसे सस्ता जरिया मुहैया कराया था। दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं जब महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक इजाफा कर रही थीं, तब जापान वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में अकेला ऐसा देश था जो अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति पर टिका रहा। अब यदि जापानी नीति निर्माता नीति को दोबारा सामान्य करने की राह पर कदम बढ़ाते हैं, तो दशकों पुराना यह सस्ता फंडिंग चक्र पूरी तरह नए दौर में प्रवेश कर जाएगा।
फेडरल रिजर्व का अनुमान और डॉलर की दिशा
अमेरिकी डॉलर को हाल के दिनों में फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति से तगड़ा सहारा मिला था। फेडरल रिजर्व के ताजा डॉट प्लॉट चार्ट से यह संकेत सामने आया कि नीति निर्धारण समिति के कुल 18 सदस्यों में से 16 सदस्य चालू वर्ष के दौरान कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि के पक्ष में खड़े हैं। इसी आक्रामक रुख के चलते अमेरिकी डॉलर सात हफ्तों के अपने उच्चतम स्तर तक चढ़ गया था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान की प्रत्याशित सख्ती के कारण डॉलर की तीन दिवसीय तेजी पर विराम लगता दिख रहा है।
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी मुद्रा ने 156.00 के नीचे की संक्षिप्त गिरावट से उबरने का प्रयास किया, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव कायम रहा। डॉलर की हालिया रैली थमने से अन्य प्रमुख मुद्राओं को भी राहत मिली है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर नए खरीदारों के समर्थन से एशियाई सत्र में 0.7100 का स्तर पार करने में कामयाब रहा। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के दांव और अमेरिका तथा ईरान के बीच राजनयिक बातचीत की उम्मीदों ने जोखिम उठाने की धारणा को बढ़ावा दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को नया बल मिला।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर रुझान
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 155.83 के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। जब तक यह विनिमय दर 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 156.46 के नीचे बनी रहती है, तब तक अल्पकालिक दृष्टिकोण मंदी की ओर झुका रहेगा। जोड़ी इस महत्वपूर्ण प्रतिरोध रेखा को फिर से हासिल करने में असमर्थ रही है, जिसने किसी भी बड़ी रिकवरी को सीमित कर रखा है।
तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरसोल्ड क्षेत्र से मामूली सुधार दिखाते हुए 43.79 के स्तर पर पहुंचा है। यह बदलाव बाजार में बिकवाली के तीव्र दबाव के कुछ धीमा पड़ने की ओर इशारा करता है, लेकिन इसे स्पष्ट तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता। चार्ट पर 20-दिवसीय EMA 156.46 का स्तर किसी भी सुधारात्मक उछाल के लिए पहली बड़ी रुकावट का काम कर रहा है। यदि गिरावट का रुख और गहराता है, तो नीचे की ओर 8 सितंबर का निचला स्तर 152.89 सबसे अहम सपोर्ट स्तर बना हुआ है। ताजा बाजार आंकड़ों में जोड़ी 156.85 के आसपास देखी गई है, जिसका 52 हफ्तों का दायरा 146.61 से 163.98 के बीच दर्ज है।
सोने की चाल और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
मुद्रा बाजार में डॉलर के स्थिर होने का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर भी दिखाई दिया है। यूरोपीय सत्र के शुरुआती हिस्से में सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई और इसने पिछले कारोबारी सत्र में छुए गए छह हफ्तों के निचले स्तर से उबरना जारी रखा। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई मामूली गिरावट ने डॉलर में मुनाफावसूली को प्रेरित किया, जिससे सोने को आवश्यक समर्थन मिला।
इसके बावजूद, फेडरल रिजर्व के आक्रामक नजरिए और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में ग्रीनबैक को सहारा मिलता रहेगा। इन परस्पर विरोधी परिस्थितियों के कारण बिना यील्ड वाली बहुमूल्य धातु सोने की बहुत बड़ी तेजी पर सीमित दायरा रहने का अनुमान है, जबकि विदेशी मुद्रा बाजार बैंक ऑफ जापान के आधिकारिक रुख का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।



















