यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो पर बुधवार को लगातार दबाव देखा गया, जहां EUR/USD की दर 1.1350 के दायरे तक मामूली सुधार के बावजूद अपने व्यापक मंदी के रुख में बनी रही। यूरोज़ोन की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी से आए कमजोर श्रम और खुदरा आंकड़ों ने मुद्रा को कोई ठोस सहारा नहीं दिया। इसके साथ ही फ्रांस के तेजी से बढ़ते सार्वजनिक कर्ज को लेकर वित्तीय बाजारों में गहराती चिंता यूरो पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों ने बुधवार को थोड़ी राहत प्रदान की, जिससे सीमित सुधार देखने को मिला, लेकिन निवेशकों की हिचकिचाहट बरकरार है।
जर्मनी में बेरोजगारी और खुदरा खपत के कमजोर आंकड़े
जर्मनी के सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में बेरोजगारी दर 6.4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। हालांकि, काम की तलाश कर रहे बेरोजगार श्रमिकों की संख्या में 12,000 की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा जुलाई में दर्ज की गई 4,000 की वृद्धि से कहीं अधिक है और बाजार के 5,000 के आम सहमति अनुमान के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा रहा। रोजगार बाजार में यह कमजोरी अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की गति पर सवाल खड़े करती है।
इससे पहले सामने आए जर्मन खुदरा बिक्री के आंकड़ों से पता चला कि अगस्त महीने में घरेलू खपत में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई। जुलाई में दर्ज 2.5 प्रतिशत की भारी गिरावट के बाद अगस्त में खुदरा बिक्री में 0.4 प्रतिशत का संकुचन देखा गया। वार्षिक आधार पर अगर गणना की जाए, तो जुलाई में 3.4 प्रतिशत की गिरावट के बाद अगस्त में 1.3 प्रतिशत का सुधार जरूर दर्ज हुआ, लेकिन यह आंकड़ा भी बाजार के 2 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान से काफी पीछे रह गया। खुदरा क्षेत्र में सुस्ती यह संकेत देती है कि जर्मन उपभोक्ता अभी भी बड़े खर्च करने से बच रहे हैं।
फ्रांस में महंगाई दर में उछाल और आर्थिक सुस्ती का दोहरा संकट
बुधवार को फ्रांस से भी कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े सामने आए। फ्रांस के प्रारंभिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार, सितंबर में महंगाई दर बढ़कर 3.4 प्रतिशत के वार्षिक स्तर पर पहुंच गई, जो अगस्त में 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई थी। यह आंकड़ा बाजार के 3 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक रहा, जिससे मूल्य दबाव बढ़ने के संकेत मिले हैं।
दूसरी ओर, फ्रांस में उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) अगस्त में घटकर 1 प्रतिशत पर आ गया, जो जुलाई में 1.3 प्रतिशत था। इसके साथ ही अगस्त महीने में फ्रांस के उपभोक्ता खर्च में 0.5 प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया गया, जबकि विश्लेषक इस आंकड़े के सपाट रहने की उम्मीद कर रहे थे। एक तरफ बढ़ती उपभोक्ता महंगाई और दूसरी तरफ गिरता उपभोक्ता खर्च तथा बढ़ता सार्वजनिक कर्ज फ्रांस के आर्थिक परिदृश्य को जटिल बना रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है।
एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भी दबाव साफ नजर आया। AUD/USD एशियाई कारोबारी सत्र में 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने के अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिसने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को कमजोर कर दिया। इसके अतिरिक्त, चीन से आए कमजोर पीएमआई आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सहारा नहीं दिया, भले ही अमेरिकी डॉलर की बढ़त की रफ्तार कुछ देर के लिए थम गई थी।
दूसरी तरफ, जापानी मुद्रा के मामले में USD/JPY एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे नुकसान में बना रहा। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को समर्थन दिया। इस समर्थन ने जापान के निराशाजनक घरेलू फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़ों के नकारात्मक असर को संतुलित करने में मदद की। साथ ही अमेरिकी डॉलर में व्यापक नरमी ने भी इस जोड़ी को नीचे बनाए रखने में भूमिका निभाई।
सोने में स्थिरता और अमेरिका के पीसीई महंगाई आंकड़ों का इंतजार
यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले सोने की कीमतों में मिलाजुला रुख देखा गया और यह 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से नीचे खींचा, जिससे गैर-ब्याज वाली इस कीमती धातु को हल्का सहारा मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति से जुड़े अनुमानों ने सोने की बढ़त को सीमित रखा। वैश्विक ट्रेडर नई दिशा तय करने के लिए आगामी अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विशेष रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका का आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के लिए व्यक्तिगत उपभोग व्यय मूल्य सूचकांक (PCE Price Index) आंकड़े जारी करेगा। वित्तीय बाजार प्रतिभागी पीसीई सूचकांक पर पैनी नजर रखते हैं, क्योंकि यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मुद्रास्फीति मापने का सबसे पसंदीदा पैमाना है और यह केंद्रीय बैंक के भविष्य के नीतिगत दृष्टिकोण को गहराई से प्रभावित कर सकता है।
क्रिप्टो बाजार: आवे में मुनाफावसूली और नए टोकन बर्न का प्रस्ताव
डिजिटल एसेट बाजार में, आवे (AAVE) का टोकन पिछले दिन 10 प्रतिशत से अधिक उछलने के बाद बुधवार को 161 डॉलर के नीचे फिसल गया। ब्लॉकचेन डेटा से संकेत मिला कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसके चलते कीमत में यह गिरावट देखने को मिली।
इसी बीच, आवे के संस्थापक स्टैनी कुलेचोव आवेनॉमिक्स 3.0 योजना के तहत एक नए AAVE टोकन-बर्न तंत्र पर विचार कर रहे हैं। टोकन की आपूर्ति कम करने वाला यह प्रस्तावित तंत्र भविष्य में AAVE के लिए एक सकारात्मक उत्प्रेरक साबित हो सकता है, जिस पर क्रिप्टो निवेशक नजर बनाए हुए हैं।



















