जेटीएल इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार के कारोबार के दौरान शुरुआती पहर में मजबूत तेजी देखने को मिली, जिसके बाद सत्र के अंत में भाव सपाट स्तर पर बंद हुए। कंपनी ने सोमवार को बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसकी सहायक कंपनी जेटीएल इंजीनियरिंग लिमिटेड करीब 15 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च करेगी। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य संकीर्ण चौड़ाई वाले एचआर कॉइल के उत्पादन की क्षमता में विस्तार करना है।
क्षमता विस्तार और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी
इस नियोजित विस्तार योजना के तहत जेटीएल इंजीनियरिंग लिमिटेड की एचआर कॉइल निर्माण क्षमता मौजूदा 5,000 मीट्रिक टन प्रति माह से बढ़कर दोगुनी यानी 10,000 मीट्रिक टन प्रति माह हो जाएगी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई अपनी विनियामक फाइलिंग में कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्तावित विस्तार से अधिक चौड़े संकीर्ण एचआर कॉइल तैयार करने की काबिलियत मजबूत होगी। इसके तहत कॉइल की अधिकतम चौड़ाई वर्तमान 9 इंच यानी 228.6 मिलीमीटर से बढ़कर 11 इंच यानी 279.4 मिलीमीटर तक पहुंच जाएगी।
प्रबंधन का दृष्टिकोण
जेटीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मदन मोहन ने इस संबंध में कहा कि यह प्रस्तावित विस्तार जेटीएल इंजीनियरिंग लिमिटेड की निर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने और ग्राहकों को पेश किए जाने वाले उत्पादों की श्रृंखला को व्यापक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अतिरिक्त क्षमता और कॉइल की बढ़ी हुई चौड़ाई से हमें विभिन्न प्रकार की उत्पाद विशिष्टताओं और ग्राहकों की जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।
बांस और शेयर बाजार के आंकड़े
सोमवार के कारोबारी सत्र में बीएसई पर जेटीएल इंडस्ट्रीज का शेयर मूल्य 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.45 रुपये पर बंद हुआ। इस स्तर पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 3,123.03 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कारोबार के दौरान शेयर ने 80.88 रुपये का दिन का उच्च स्तर और 78.50 रुपये का निचला स्तर छुआ। इस शेयर का 52 हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर 6 जुलाई 2026 को 87.09 रुपये प्रति शेयर रहा था, जबकि 30 मार्च 2026 को यह लुढ़ककर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 40.31 रुपये पर आ गया था।
वित्तीय प्रदर्शन और रिटर्न अनुपात
कंपनी का शेयर बाजार में प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। जेटीएल इंडस्ट्रीज का रिटर्न ऑन इक्विटी 8.54 प्रतिशत है। इस शेयर ने साल-दर-साल आधार पर लगभग 34.62 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में लगभग 23.85 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया है। हालांकि, लंबी अवधि के लिहाज से देखें तो पिछले दो वर्षों में इस स्टॉक के मूल्य में लगभग 30.31 प्रतिशत की गिरावट भी आई है। बाजार विश्लेषक इन सभी आंकड़ों और निवेश योजनाओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं।



















