होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, 2 नाविक लापता और 23 को बचाया गयाअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई के दबाव से चांदी में फिसलन, कच्चा तेल उछलने से ब्याज दर बढ़ने की आशंकालाइका की वाइल्डवुड का आखिरी ट्रेलर रिलीज, 15 साल के इंतजार के बाद स्टॉप मोशन फैंटेसी 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगीनए नेतृत्व की दौड़ तेज होने पर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में उछाल, दो वरिष्ठ नाम आगेपश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव के बीच कच्चा तेल 99 डॉलर के पार निकलाअमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर दबाव में, 50-दिवसीय ईएमए पर कड़ा इम्तिहानब्रिटेन के रोजगार आंकड़ों के बाद जापानी येन के मुकाबले कमजोर पड़ा ब्रिटिश पाउंडफेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने में दबाव, 4,260 डॉलर के स्तर पर फिसली कीमतेंझारखंड में 12 साल चला 20 एकड़ का झगड़ा और 13 मुकदमों का बोझ, अधिकारी की मध्यस्थता से भाइयों ने गले मिलकर खत्म की तकरारगंगटोक से डियर गणेश चतुर्थी बंपर लॉटरी के नतीजे होंगे जारी, टिकटधारकों के लिए इनाम और क्लेम की पूरी प्रक्रिया
कच्चे तेल में तेजी के बावजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर गहराया संशय, पाउंड पर दबावबाज़ार
19 सित॰ 2026, 4:26 pm (20 मिनट पहले)· 0

कच्चे तेल में तेजी के बावजूद बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर गहराया संशय, पाउंड पर दबाव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ब्रिटेन में ब्याज दरों में चार बढ़ोतरी की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन कमजोर लेबर मार्केट और बजट जोखिमों के कारण पाउंड पर नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी ने ब्रिटेन की मौद्रिक नीति को लेकर हलचल तेज कर दी है। यमन में हूती विद्रोहियों के आगे बढ़ने के बाद कच्चे तेल का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छूने की तैयारी कर रहा है। ऊर्जा लागत में आए इस भारी उछाल के कारण वित्तीय बाजारों में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें तेजी से बढ़ गई हैं। मौजूदा समय में बाजार यह मानकर चल रहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड मध्य 2027 तक अपनी नीतिगत दरों में चार बार बढ़ोतरी कर सकता है, जबकि जून के अंत तक केवल एक बार की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, ब्रिटेन के कमजोर श्रम बाजार और आगामी बजट वार्ताओं से जुड़े विकास संबंधी जोखिमों को देखते हुए इस पैमाने पर ब्याज दरों को सख्त किए जाने की संभावनाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ब्रिटेन का लेबर मार्केट संकट और मौद्रिक नीति के सामने असमंजस

ऊर्जा कीमतों और ब्याज दरों के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरा संबंध रहा है। जब भी कच्चे तेल की कीमतों में अस्वाभाविक उछाल आता है, मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर सख्त कदम उठाने की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। ब्रिटेन का केंद्रीय बैंक भी इस व्यापक आर्थिक प्रवृत्ति से अलग नहीं है। यही कारण है कि वित्तीय बाजारों ने दरों में आक्रामक बढ़ोतरी का अनुमान लगाना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद नीति निर्माताओं के लिए ब्याज दरों में बदलाव करना कतई आसान फैसला साबित नहीं होने वाला है।

ये भी पढ़ें

अर्थव्यवस्था के विकास के आंकड़े भले ही पहली नजर में बेहद मजबूत दिखाई दे रहे हों, लेकिन ब्रिटेन का लेबर मार्केट अभी भी एक गंभीर संकट से जूझ रहा है। रोजगार और श्रम बाजार में बनी यह नाजुक स्थिति केंद्रीय बैंक के लिए हाथ खोलने में सबसे बड़ा रोड़ा बन रही है। अगर कमजोर पड़ते श्रम बाजार के बीच दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की जाती है, तो इससे आर्थिक गतिविधियों को और बड़ा झटका लग सकता है।

कमर्शियल बैंक के माइकल फिस्टर ने कहा, "हम इस बात को लेकर संशय में हैं कि बाजार द्वारा प्रत्याशित पैमाने पर ब्याज दर वृद्धि यथार्थवादी है या नहीं।"

इसके अलावा माइकल फिस्टर ने रेखांकित किया कि आगामी बजट वार्ताओं से उत्पन्न होने वाले आर्थिक जोखिम भी परिदृश्य को धुंधला कर रहे हैं। यही वजह है कि जो निवेशक ब्रिटेन में दरों में तेज बढ़ोतरी पर दांव लगा रहे हैं, उन्हें अन्य बाजारों की ओर रुख करना पड़ सकता है। यह समूचा आर्थिक घटनाक्रम ब्रिटिश पाउंड के लिए एक कमजोर और नकारात्मक पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है।

वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा और येन का रुख

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक (FOMC) के प्रभाव साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में बना रहा। AUD/USD की जोड़ी 0.7150 के स्तर से नीचे फिसल गई, जो पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के निकट बनी हुई है। कच्चे तेल के कारण उत्पन्न महंगाई के जोखिम और आगामी FOMC बैठक ने अमेरिकी डॉलर को व्यापक मजबूती प्रदान की है। दूसरी ओर, चीन के अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों से भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई खास सहारा नहीं मिल सका।

इसी बीच, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। USD/JPY मंगलवार तड़के 155.00 के स्तर की ओर बढ़ता हुआ देखा गया। मुद्रा व्यापारी इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान (BoJ) दोनों की नीतिगत बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। फेड द्वारा दरों में संभावित बढ़ोतरी की दांव और तेल प्रेरित महंगाई ने डॉलर को सहारा दिया है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाने के संकेतों ने जापानी येन को भी कुछ हद तक जमीन दी है, जिससे USD/JPY की तेजी पर सीमित अंकुश लग सकता है।

सोने के भाव में ठहराव और निवेशकों की सतर्कता

कमोडिटी बाजार में सोने की चाल भी सीमित दायरे में सिमट गई है। एशियाई सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने के बाद सोना अपनी चमक बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखा और एक महीने के निचले स्तर के करीब बना रहा। यह पीली धातु वर्तमान में 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ठीक नीचे कारोबार कर रही है। आज से शुरू हो रही दो दिवसीय FOMC नीतिगत बैठक के महत्वपूर्ण फैसलों से पहले वैश्विक व्यापारी कोई बड़ा जोखिम उठाने से बच रहे हैं और उन्होंने सतर्कता का रुख अपना रखा है।

सवाल-जवाब

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण क्या है?
यमन में हूती विद्रोहियों के आगे बढ़ने के कारण तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई है, जिससे कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को निशाना बना रहा है।
बाजार मध्य 2027 तक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा कितनी ब्याज दर बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा है?
वित्तीय बाजार वर्तमान में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा मध्य 2027 तक चार ब्याज दर वृद्धि की संभावना मानकर चल रहे हैं, जबकि जून में यह केवल एक बढ़ोतरी थी।
ब्रिटेन में ब्याज दरें बढ़ाना नीति निर्माताओं के लिए कठिन क्यों माना जा रहा है?
मजबूत विकास आंकड़ों के बावजूद ब्रिटेन का श्रम बाजार एक गंभीर संकट में है और आगामी बजट वार्ताओं से भी आर्थिक विकास को जोखिम है।
वैश्विक बाजार में सोने और अमेरिकी डॉलर का क्या रुख है?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर रहने से डॉलर मजबूत हुआ है, जबकि सोना 4,300 डॉलर के ठीक नीचे एक महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp