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कनाडा में नौकरियों में गिरावट के बाद भी लंबी अवधि में श्रम बाजार में सुधार के संकेतबाज़ार
9 अक्तू॰ 2026, 8:49 pm (19 दिन पहले)· 2

कनाडा में नौकरियों में गिरावट के बाद भी लंबी अवधि में श्रम बाजार में सुधार के संकेत

सितंबर में सरकारी क्षेत्रों में पदों की कमी के चलते कनाडा के रोजगार आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि 2026 तक बेरोजगारी दर धीरे-धीरे कम होगी।

कनाडा के रोजगार क्षेत्र में हालिया महीनों के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सितंबर के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश भर में कुल 68,000 नौकरियों की कमी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण सार्वजनिक सेवा क्षेत्रों में काम के अवसरों का घटना रहा। इस ताजा गिरावट ने गर्मियों के महीनों में हासिल की गई रोजगार बढ़त के एक बड़े हिस्से को निष्प्रभावी कर दिया है, जिसके चलते इस वर्ष अब तक का शुद्ध रोजगार आंकड़ा -41,000 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मासिक आंकड़ों में आने वाले तेज बदलावों को लेकर बहुत जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए, क्योंकि व्यापक स्तर पर बुनियादी आर्थिक रुझान अब भी पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्रों में काम के अवसरों पर असर

सितंबर माह में दर्ज की गई इस गिरावट का सबसे बड़ा भार सरकारी और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ा। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय संकुचन देखा गया। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब ठीक इससे पिछले महीने भी रोजगार बाजार से 42,000 पदों का नुकसान हुआ था। लगातार दो महीनों में आई इस संयुक्त गिरावट के कारण कुल वार्षिक शुद्ध रोजगार सृजन का संतुलन बिगड़ गया। हालांकि, इन कमजोर आंकड़ों के बीच एक राहत भरी बात यह है कि देश की कुल बेरोजगारी दर अब भी पिछले वर्ष की समान अवधि के स्तर से नीचे बनी हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कार्यबल की संपूर्ण संरचना में तुरंत कोई बड़ा संकट पैदा नहीं हुआ है।

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नियुक्ति के रुझान और अमेरिकी व्यापार शुल्क का प्रभाव

रॉयल बैंक ऑफ कनाडा (आरबीसी) की अर्थशास्त्री क्लेयर फैन ने इन मासिक संख्याओं के संदर्भ में अपनी आर्थिक व्याख्या पेश की है। उनके अनुसार मासिक स्तर पर आने वाले रोजगार आंकड़े स्वाभाविक रूप से काफी अस्थिर होते हैं, इसलिए एकल महीने की सुस्ती को जरूरत से ज्यादा गंभीर मान लेना उचित नहीं है। क्लेयर फैन के अनुसार, "The monthly employment counts are notoriously volatile, and there are reasons not to read too much into the softer reading too quickly."

भविष्य के परिदृश्य का मूल्यांकन करने के लिए अर्थशास्त्री कुछ प्रमुख अग्रणी संकेतकों की ओर ध्यान दिलाते हैं, जिनमें इंडीड डॉट कॉम पर उपलब्ध रिक्त पदों के आंकड़े शामिल हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए नए व्यापार शुल्कों के बावजूद कंपनियों की भर्ती मांग में कोई चिंताजनक गिरावट नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के ये नए शुल्क कनाडा के निर्यात के केवल एक बहुत छोटे हिस्से को ही प्रभावित करते हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि कनाडा के श्रम बाजार ने पहले जो प्रगति दर्ज की थी, वह मोटे तौर पर बरकरार रहेगी और बेरोजगारी दर में 2026 के अंत तक क्रमिक गिरावट जारी रहने की संभावना है।

वैश्विक मुद्रा बाजार और वित्तीय संपत्तियों की स्थिति

कनाडा के इस घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी अलग-अलग परिसंपत्तियों में अहम हलचल दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) में शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान तेजी देखी गई, जहां यह जोड़ी अपने साप्ताहिक निचले स्तर से संभलते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करती दिखी। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बना रहा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को अतिरिक्त सहारा मिला। इसके अलावा रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी सख्त मौद्रिक अपेक्षाओं ने भी इस मुद्रा जोड़ी को स्थिरता प्रदान की।

दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 158.00 के स्तर के आसपास मजबूत स्थिति में बना रहा। शुक्रवार को सामने आए आंकड़ों से पता चला कि जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है, जिसने जापानी येन को काफी कमजोर किया। हालांकि अमेरिकी डॉलर में बॉन्ड प्रतिफल की गिरावट के कारण कुछ दबाव दिखा, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने इस जोड़ी की गिरावट को सीमित रखने में मदद की।

सोने की कीमतों में सुधार और दबाव

कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में सप्ताह के दौरान बने शुरुआती लाभ के बाद कुछ कमजोरी देखी गई। हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंचने के एक तेज प्रयास के बाद, पीली धातु शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के निशान से नीचे फिसल गई। अमेरिकी डॉलर की तेज बढ़त की गति और पूरे कर्व पर अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में आई तेजी ने सोने में आगे होने वाली बढ़त पर दबाव बनाए रखा है। विभिन्न परिसंपत्तियों का यह मिला-जुला व्यवहार यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक नीतिगत दरों, सरकारी प्रतिफल और आर्थिक आंकड़ों के बीच संतुलन साधने का प्रयास कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

सितंबर महीने में कनाडा में कितनी नौकरियां कम हुईं?
सितंबर में कनाडा के श्रम बाजार में कुल 68,000 नौकरियों की गिरावट दर्ज की गई।
किन क्षेत्रों में नौकरियों का सबसे ज्यादा नुकसान देखा गया?
यह गिरावट मुख्य रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में दर्ज की गई।
वर्ष के दौरान अब तक का शुद्ध रोजगार आंकड़ा क्या रहा है?
वर्ष में अब तक का शुद्ध रोजगार आंकड़ा -41,000 पर पहुंच गया है।
आरबीसी की अर्थशास्त्री क्लेयर फैन का बेरोजगारी दर को लेकर क्या अनुमान है?
उनका अनुमान है कि पहले हुई प्रगति कायम रहेगी और 2026 के अंत तक बेरोजगारी दर में क्रमिक गिरावट आएगी।
सोने की कीमत किस स्तर से नीचे आ गई है?
सोने की कीमत शुरुआती तेजी के बाद शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे आ गई।
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