वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान मुद्रा जोड़ी 23 सितंबर के बाद के अपने नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस तेजी के पीछे का मुख्य कारण ऑस्ट्रेलिया के हालिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के मजबूत आंकड़े रहे हैं। इन आंकड़ों के आने के बाद निवेशकों के बीच यह भरोसा काफी मजबूत हुआ है कि रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) आगामी नवंबर महीने की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर में पिछले तीन दिनों से जारी तेज बढ़त पर फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के अहम नीतिगत फैसले से पहले ठहराव देखने को मिला है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को अतिरिक्त सहारा मिला।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए तकनीकी परिदृश्य और अहम स्तर
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों के 24 घंटे के तकनीकी दृष्टिकोण के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में खरीदारी का रुझान बना हुआ है। पिछले कारोबारी दिन मुद्रा के 0.7005 से 0.7035 के दायरे में कारोबार करने का अनुमान था, लेकिन वास्तविक कारोबार इससे ऊंचे दायरे यानी 0.7010 से 0.7040 के बीच दर्ज किया गया। दिन के अंत में यह मुद्रा 0.12 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ 0.7025 के स्तर पर बंद हुई। बुधवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने तेजी दिखाते हुए 0.7055 के उच्च स्तर को छुआ। हालांकि ऊपर की ओर तेजी की गति धीरे-धीरे बन रही है, लेकिन यह बहुत आक्रामक नहीं है। वर्तमान गतिशीलता को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के पास 0.7060 के स्तर का परीक्षण करने की गुंजाइश दिख रही है। विश्लेषकों का मानना है कि 0.7070 का बड़ा तकनीकी रेजिस्टेंस फिलहाल पहुंच से बाहर रहने की संभावना है, जबकि नीचे की तरफ 0.7020 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है।
मध्यम अवधि यानी 1 से 3 सप्ताह के दृष्टिकोण पर नजर डालें तो पिछले सप्ताह के मध्य से बना सकारात्मक रुख अभी भी चर्चा में है। 27 अक्टूबर को जब स्पॉट स्तर 0.7020 पर था, तब यह रेखांकित किया गया था कि ऊपर की ओर मोमेंटम धीमा पड़ने लगा है। तकनीकी रूप से 0.6995 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट माना गया है, और यदि मुद्रा इस स्तर से नीचे फिसलती है तो इससे यह संकेत मिलेगा कि 0.7070 का ऊपरी लक्ष्य फिलहाल परिदृश्य से बाहर हो चुका है। हालांकि बुधवार को मुद्रा ने 0.7055 का उच्च स्तर छुआ है, फिर भी यह देखना बाकी है कि क्या यह वास्तव में 0.7070 के प्रमुख रेजिस्टेंस तक पहुंचने में सक्षम होगी या नहीं।
जापानी येन और अमेरिकी डॉलर की चाल
अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में USD/JPY ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन खरीदारों को आकर्षित किया। यह जोड़ी बुधवार को आने वाले FOMC के ब्याज दर फैसले और शुक्रवार को होने वाले बैंक ऑफ जापान (BoJ) के नीतिगत अपडेट से पहले अपने एक महीने के निचले स्तर से उबरने में सफल रही है। बाजार में इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों में बहुत आक्रामक बढ़ोतरी करने से बच सकता है। इस रुख के कारण जापानी येन पर दबाव देखा गया है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर अपनी तीन दिवसीय रैली के दम पर लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुंचने में कामयाब रहा, जिसने इस मुद्रा जोड़ी की तेजी को समर्थन दिया।
सोने और कच्चे तेल की बाजार स्थिति
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में पिछले दो दिनों के सुधार के बाद नरमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद सर्राफा बाजार में सोना 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है और यह स्तर फिलहाल नीचे की ओर नहीं टूटा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को लिए जाने वाले ब्याज दर फैसले से पहले निवेशक किसी भी बड़े दांव से बच रहे हैं, जिससे सोने में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी वैश्विक नजरें
बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी बहुप्रतीक्षित ब्याज दर नीति का ऐलान करने जा रहा है। एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आने वाला यह फैसला केंद्रीय बैंक के इस साल के अंत तक के मौद्रिक नीति परिदृश्य को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के फैसले और भविष्य के संकेतों का सीधा असर अमेरिकी डॉलर, वैश्विक बॉन्ड यील्ड, कमोडिटी और दुनिया भर की प्रमुख मुद्राओं पर पड़ेगा।



















