पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्डधारकों को 1 नवंबर 2026 से अपनी जेब पहले से अधिक ढीली करनी पड़ेगी। बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड संचालन से जुड़े शुल्क ढांचे में व्यापक संशोधन की घोषणा की है। यह संशोधन मुख्य रूप से वीज़ा और रुपे प्लेटफॉर्म पर चलने वाले कार्ड्स पर प्रभावी होगा, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट के एवज में जारी होने वाले कार्ड्स के लिए अलग नियम तय किए गए हैं। वित्तीय बदलावों का दायरा एटीएम नकदी निकासी, समय पर भुगतान न होने की स्थिति में लेट पेनल्टी, असफल ऑटो डेबिट, रिवॉर्ड पॉइंट भुनाने और भारी भरकम बिजली या अन्य उपयोगिता बिलों के भुगतान तक फैला हुआ है।
एटीएम से नकदी निकासी पर बढ़ी फीस
क्रेडिट कार्ड के जरिए नकदी निकालने की सुविधा अब काफी महंगी होने जा रही है। लागू होने वाले नए नियमों के तहत कैश एडवांस फीस को बढ़ाकर निकाली गई राशि का 2.5 प्रतिशत या न्यूनतम 400 रुपये कर दिया गया है, इनमें से जो भी अधिक होगा वह वसूला जाएगा। पहले यह चार्ज निकाली गई रकम का 2 प्रतिशत या 150 रुपये से 200 रुपये (जो भी अधिक हो) लिया जाता था।
इसके अलावा, यदि कोई कार्डधारक दूसरे घरेलू बैंकों के एटीएम या फिर विदेश में मौजूद एटीएम से कैश निकालता है, तो संशोधित दर 2.5 प्रतिशत या न्यूनतम 500 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी, जो भी अधिक हो। यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस कैश एडवांस चार्ज के अतिरिक्त बैंक द्वारा तय ब्याज दर और लागू सरकारी टैक्स अलग से जोड़े जाएंगे।
लेट पेमेंट पेनल्टी का नया स्लैब
वीज़ा और रुपे क्रेडिट कार्ड्स के लिए बैंक ने बकाया राशि के आधार पर लेट पेमेंट चार्ज का एक नया स्लैब पेश किया है
- 500 रुपये या उससे कम की कुल बकाया राशि पर: कोई लेट पेमेंट चार्ज नहीं लगेगा।
- 501 रुपये से 1,000 रुपये तक के बकाये पर: 500 रुपये पेनल्टी लगेगी।
- 1,001 रुपये से 10,000 रुपये तक के बकाये पर: 750 रुपये शुल्क वसूला जाएगा।
- 10,001 रुपये से 50,000 रुपये तक की राशि पर: 1,000 रुपये चार्ज लगेगा।
- 50,000 रुपये से अधिक की बकाया राशि पर: 1,200 रुपये का जुर्माना देना होगा।
पुराने नियमों पर नजर डालें तो पहले 1,000 रुपये तक के बकाये पर कोई विलंब शुल्क नहीं लिया जाता था, जबकि 10,000 रुपये से अधिक के बकाये पर अधिकतम चार्ज 750 रुपये तय था। फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले लिए गए क्रेडिट कार्ड्स के मामले में नियम पहले की तरह ही रहेंगे, जहां देय न्यूनतम राशि का 30 प्रतिशत वसूला जाता है, जिसकी न्यूनतम सीमा 200 रुपये और अधिकतम सीमा 500 रुपये प्रति बिलिंग चक्र है। इसके अलावा पीएनबी मेटल क्रेडिट कार्ड लक्ज़ूरा और एफडी पर जारी पीएनबी लक्ज़ूरा कार्ड्स पर नियमित लक्ज़ूरा कार्ड शुल्क लागू रहेंगे।
ऑटो डेबिट और चेक बाउंस पर अतिरिक्त जुर्माना
नियत तारीख पर भुगतान असफल होना ग्राहकों पर भारी पड़ सकता है। पात्र वीज़ा और रुपे कार्ड्स पर चेक बाउंस होने, ईसीएस फेल होने या ऑटो डेबिट निर्देश खारिज होने पर कुल भुगतान राशि का 2 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जिसमें न्यूनतम सीमा 400 रुपये तय की गई है। एफडी से जुड़े क्रेडिट कार्ड्स के लिए यह पेनल्टी 100 रुपये प्रति इंस्ट्रूमेंट रखी गई है। यदि भुगतान विफल होने के बाद नियत तारीख तक बिल नहीं भरा गया, तो ग्राहक को लेट पेमेंट पेनल्टी भी अलग से भुगतनी होगी।
रिवॉर्ड पॉइंट्स और डुप्लीकेट स्टेटमेंट पर चार्ज
रिवॉर्ड पॉइंट्स भुनाने वाले ग्राहकों को भी अब बैंक को भुगतान करना होगा। वीज़ा और रुपे कार्ड्स पर रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन के प्रत्येक योग्य अनुरोध पर 99 रुपये का नया शुल्क लागू किया जा रहा है। यह सुविधा अब तक पूरी तरह मुफ्त थी।
इसके साथ ही, यदि कोई ग्राहक तीन महीने से पुराने क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की डुप्लीकेट कॉपी मांगता है, तो उसे 50 रुपये प्रति माह के हिसाब से शुल्क देना पड़ेगा। हालांकि, ईमेल के जरिए मिलने वाले ई-स्टेटमेंट्स पहले की तरह पूरी तरह निशुल्क बने रहेंगे।
50,000 रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिलों पर अधिभार
एक बिलिंग चक्र के दौरान 50,000 रुपये से अधिक के बिजली, पानी या अन्य उपयोगिता बिलों का भुगतान करने पर बैंक ने 1 प्रतिशत का अतिरिक्त अधिभार लगाने का फैसला किया है। इसके साथ लागू टैक्स भी लगेंगे और यह चार्ज प्रति लेनदेन अधिकतम 2,000 रुपये तक सीमित रहेगा। यह नया नियम वीज़ा और रुपे कार्ड्स पर लागू होगा, जबकि पहले इस श्रेणी पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाता था। नए नियमों के चलते ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खर्च, नकदी निकासी और भुगतान समय सारिणी की नियमित समीक्षा करें।



















