अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में मंगलवार को जोरदार हलचल देखने को मिली, जब कच्चे तेल के भाव एक महीने के उच्चतम स्तर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बाद अचानक तेजी से नीचे फिसल गए। दिन के शुरुआती कारोबार में आई इस भारी गिरावट के चलते वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड 2.36 प्रतिशत गिरकर 95.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल कीमतों में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए सामने आया एक नया कूटनीतिक समझौता प्रस्ताव है, जिसने मध्य पूर्व में आपूर्ति संकट की आशंकाओं को तात्कालिक तौर पर शांत कर दिया है।
बाजार में इस नरमी से पहले तेल की कीमतों में भू-राजनीतिक तनाव के चलते भारी तेजी दर्ज की जा रही थी। हालांकि, जैसे ही कूटनीतिक कोशिशों की जानकारी सामने आई, निवेशकों ने अपनी पोजिशन हल्की करनी शुरू कर दी। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, कमोडिटी एक्सचेंज पर क्लोजिंग बेल के समय क्रूड ऑयल (CL=F) का भाव 97.79 डॉलर दर्ज किया गया, जो इसके पिछले बंद भाव 103.66 डॉलर के मुकाबले 5.66 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। दिनभर के उतार-चढ़ाव के दौरान वॉल्यूम भी 20 दिनों के औसत से 1.03 गुना अधिक रहा, जिससे साफ है कि बाजार के बड़े खिलाड़ी इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से बना शांति का खाका
इस पूरे कूटनीतिक घटनाक्रम में पाकिस्तान और कतर दोनों देशों के बीच मतभेदों को पाटने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों को मंगलवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा एक समझौता प्रस्ताव सौंपा गया है। इस प्रस्ताव को वॉशिंगटन से मंजूरी मिलने और तेहरान से प्रारंभिक सहमति मिलने की बात सामने आई है। इस पहल का मुख्य मकसद इलाके में किसी भी नए सैन्य टकराव को टालना और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच औपचारिक वार्ताओं को दोबारा पटरी पर लाना है।
प्रस्ताव के शुरुआती प्रावधानों के तहत ईरान की विदेशों में फंसी संपत्तियों की मांगों का आंशिक समाधान निकालने की कोशिश की गई है। इसके मुताबिक, कतर के बैंकों में जमा ईरान के लगभग 6 अरब डॉलर के फंड पर बनने वाले ब्याज को ईरान को ट्रांसफर किया जाएगा। यह वित्तीय रियायत मुख्य राशि को तुरंत जारी किए बिना बातचीत का रास्ता खोलने के लिए तैयार की गई है। इसके अलावा, इस प्रस्ताव में ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों के संभावित अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की बात भी शामिल की गई है। हालांकि, इन शर्तों को लेकर अभी दोनों पक्षों से आधिकारिक सार्वजनिक पुष्टि होना बाकी है, और प्रारंभिक सहमति अंतिम समझौते की कोई पक्की गारंटी नहीं देती।
चार घंटे के चार्ट पर तकनीकी ढांचा और प्रमुख स्तर
चार घंटे के ट्रेडिंग चार्ट पर WTI क्रूड की कीमत 95.61 डॉलर के आसपास बनी हुई है, जहां इसका बुनियादी ढांचा अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। भाव 100 अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA के 92.00 डॉलर और 200 अवधि के SMA के 93.15 डॉलर से ऊपर टिका हुआ है। इसके साथ ही, 95.00 डॉलर के पास मौजूद हॉरिजॉन्टल सपोर्ट के ऊपर ट्रेडिंग यह संकेत देती है कि गिरावट पर निचले स्तरों से खरीदारी की मांग बनी हुई है। चार घंटे के चार्ट पर 14 अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 46 के आसपास है, जो यह दर्शाता है कि तेजी की रफ्तार फिलहाल थमी है, लेकिन यह पूरी तरह से मंदी का संकेत नहीं है।
दैनिक तकनीकी संकेतकों और लाइव डेटा पर नजर डालें तो दैनिक RSI(14) 56 के स्तर पर है, जबकि MACD 1.91 पर बना हुआ है, जो इसके सिग्नल 1.05 से ऊपर है और इसका हिस्टोग्राम 0.86 पर बुशिश स्थिति दिखाता है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर 20 दिनों का EMA 95.13 डॉलर, 50 दिनों का EMA 92.08 डॉलर और 200 दिनों का EMA 82.59 डॉलर पर है, जबकि 50 दिनों का SMA 91.81 डॉलर और 200 दिनों का SMA 84.62 डॉलर पर मौजूद है। चार्ट पर 50 दिनों का EMA 200 दिनों के EMA से ऊपर बना हुआ है, जिसे तकनीकी रूप से गोल्डन क्रॉस माना जाता है, जिससे दीर्घकालिक ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।
सपोर्ट, रेजिस्टेंस और वोलैटिलिटी का दायरा
कारोबारियों के लिए आने वाले सत्रों में प्रमुख स्तरों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो नीचे की तरफ पहला तात्कालिक सपोर्ट 95.00 डॉलर के हॉरिजॉन्टल स्तर पर है। इसके बाद 200-पीरियड SMA 93.15 डॉलर और 100-पीरियड SMA 92.00 डॉलर के पास सहारा दे सकते हैं। लाइव पिवट स्तरों के मुताबिक मुख्य पिवट 98.14 डॉलर पर है, जबकि नीचे की ओर पहला सपोर्ट S1 94.90 डॉलर और दूसरा सपोर्ट S2 92.02 डॉलर पर स्थित है। 20 दिनों का सपोर्ट 86.86 डॉलर के आसपास आंका गया है।
ऊपर की तरफ, किसी भी सुधार की स्थिति में पहला बड़ा रेजिस्टेंस 101.05 डॉलर के पिछले स्तर पर देखा जा रहा है। लाइव डेटा के अनुसार R1 रेजिस्टेंस 101.02 डॉलर और R2 104.26 डॉलर पर है, जबकि 20 दिनों का रेजिस्टेंस 104.18 डॉलर पर बना हुआ है। यदि कीमतें 101.05 डॉलर के अवरोध को मजबूती से पार करती हैं, तो व्यापक तेजी का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) के अनुसार भाव 85.60 डॉलर से 101.39 डॉलर के दायरे में है, जहां मिडिल बैंड 93.49 डॉलर है। 14 दिनों का ADX 24 पर एक सीमित दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 63 और सिग्नल लाइन 86 पर है। दैनिक उतार-चढ़ाव मापने वाला ATR(14) 4.54 डॉलर पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि 52 हफ्तों का ट्रेडिंग दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है।
मुद्रा, सोना और अन्य संपत्तियों में मिला-जुला रुख
कच्चे तेल में नरमी के बीच वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला। मंगलवार को एशियाई सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7000 के स्तर की ओर मजबूत हुई, जिसे बाजार के सुधरते मिजाज और अमेरिकी डॉलर की तेजी थमने से सहारा मिला। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और टेक कंपनियों के AI अर्निंग्स नतीजों से पहले की सतर्कता ने इसकी बढ़त को सीमित रखा। दूसरी तरफ, USD/JPY 158.50 के आसपास स्थिर कारोबार करता दिखा, जहां शुक्रवार को आने वाले जापान के नेशनल कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI महंगाई आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स ने नई पोजिशन लेने से परहेज किया।
सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने के भाव बिना किसी स्पष्ट दिशा के 4,170 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में बने रहे और सोमवार की गिरावट के बाद तेजी पकड़ने के लिए जूझते नजर आए। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और डॉलर की सुस्ती के बीच पीली धातु में यह ठहराव देखा गया। उधर क्रिप्टो बाजार में भी सुस्ती का रुख रहा, जहां बिटकॉइन 81,000 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा था, जबकि ऑल्टकॉइन्स में एथेरियम 2,400 डॉलर से नीचे और रिपल 1.30 डॉलर से नीचे ट्रेड करते देखे गए। वित्तीय बाजारों का यह व्यापक मिजाज दर्शाता है कि जोखिम लेने की इच्छा बनी हुई है, लेकिन निवेशक व्यापक आर्थिक संकेतों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
























