माइक्रोन (MU) के शेयर की कीमत में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान एक बड़ी और तेज गिरावट देखने को मिली है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। 25 जून, 2026 को इस एसेट ने 1213.56 डॉलर के स्तर पर क्लोजिंग दी थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। 17 जुलाई, 2026 को बाजार बंद होने तक, शेयरों की कीमत लुढ़ककर 848.95 डॉलर पर आ गई। कीमतों में आई यह कमी लगभग 30% के करेक्शन को दर्शाती है। इस भारी गिरावट के बाद, बाजार विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर इस शेयर के नीचे गिरने की मुख्य वजहें क्या हैं और यह कब अपने सबसे निचले स्तर यानी बॉटम पर पहुंचेगा।
AI बूम और बाजार में दबदबा
इस मौजूदा गिरावट को समझने के लिए शेयर की पिछली शानदार बढ़त को देखना जरूरी है। माइक्रोन (MU) को AI बूम के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक माना जाता है। यह कंपनी, एसके हाइनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर AI मेमोरी चिप्स बनाने वाली "बिग थ्री" कंपनियों का हिस्सा है। भले ही GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एनवीडिया और एएमडी जैसे नाम सबसे ऊपर हैं, लेकिन ये दिग्गज कंपनियां भी पूरी तरह से उन मेमोरी चिप्स पर निर्भर हैं जो ये तीन शीर्ष कंपनियां मुहैया कराती हैं। इस मजबूत मांग के कारण ही पिछले कुछ महीनों में माइक्रोन के शेयरों ने नई ऊंचाइयों को छुआ था और यह 2026 के बाजार के सबसे बड़े हाइलाइट्स में से एक बन गया था।
मुनाफावसूली और बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंता
इतने मजबूत आधार के बावजूद, जून 2026 के अंत से इस शेयर में भारी करेक्शन शुरू हो गया। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का एक बड़ा कारण निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली है। कीमतों के नए शिखर पर पहुंचने के बाद, निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। लगातार महीनों की तेजी के बाद कई लोग पहले से ही कीमतों में गिरावट की उम्मीद कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अपने पोर्टफोलियो को डी-रिस्क करने का फैसला किया। इसके अलावा, बाजार में चीनी प्रतिस्पर्धियों के प्रवेश को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। निवेशकों को डर है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण माइक्रोन के मार्केट शेयर में कमी आ सकती है।
भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन के जोखिम
इस गिरावट के पीछे केवल कंपनी से जुड़े कारण ही नहीं हैं, बल्कि वैश्विक मुद्दे भी हावी हैं। माइक्रोन (MU) की कीमतों में आई कमी का एक और बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा मौजूदा संघर्ष हो सकता है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। निवेशकों को आशंका है कि इससे व्यापक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बाधित हो सकती है, और महंगे तेल के कारण कंपनियों की उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हो सकती है।
बढ़ती महंगाई और फेडरल रिजर्व का डर
इसके साथ ही, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कुछ आंकड़े भी स्थिति को मुश्किल बना रहे हैं। जून 2026 में अमेरिका में महंगाई दर लगभग 0.4% बढ़ गई, जो अप्रैल 2020 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। इस ताजा घटनाक्रम के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है जहां फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला ले सकता है। अगर ऐसा होता है, तो निवेशक माइक्रोन (MU) जैसे जोखिम भरे शेयरों से दूर जा सकते हैं और सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को चुन सकते हैं। इन परिस्थितियों में माइक्रोन (MU) के शेयर की कीमत और भी नीचे गिर सकती है।
क्या शेयर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है?
इन तमाम नकारात्मक कारकों के बावजूद, इस बात की प्रबल संभावना है कि माइक्रोन (MU) पहले ही अपने निचले स्तर (बॉटम) पर पहुंच चुका है। हालिया रुझान बताते हैं कि शेयर में वापसी हो रही है। प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान, इस एसेट ने 3.06% (25.88 अंक) की बढ़त हासिल की है। यह शानदार रिबाउंड इस बात का स्पष्ट संकेत हो सकता है कि शेयर अपनी हालिया गिरावट से उबर रहा है और निवेशकों को अब यहां से राहत मिल सकती है।



















