महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में सोना खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए इस हफ्ते बड़ी राहत वाली खबर आई है। पिछले दो दिनों में शहर में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट, तीनों तरह के सोने के दाम तेजी से गिरे हैं। सबसे बड़ी गिरावट 24 कैरेट सोने में दर्ज की गई है, जो सिर्फ दो दिन के भीतर 33,500 रुपये प्रति 100 ग्राम तक सस्ता हो गया है। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातु फिसलकर सात महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। मुंबई के गहना खरीदारों और निवेशकों के लिए यह दाम एक आकर्षक मौके की तरह सामने आया है।
मुंबई में आज सोने का भाव
गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार 24 जून को दोपहर 12 बजे मुंबई में 24 कैरेट सोना 27 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 14,433 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट सोना 25 रुपये प्रति ग्राम सस्ता होकर 13,230 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया। इसी तरह 18 कैरेट सोने में भी 20 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट आई और यह 10,825 रुपये प्रति ग्राम पर रहा। आंकड़े बताते हैं कि बीते दो दिनों में 24 कैरेट सोना 335 रुपये प्रति ग्राम तक लुढ़का है, यानी हर 100 ग्राम पर 33,500 रुपये की कमी।
चांदी के दाम स्थिर
सोने के उलट चांदी के भाव में बुधवार को कोई हलचल नहीं रही। मुंबई में चांदी 245 रुपये प्रति ग्राम और 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रही। चांदी का यह ठहराव इसलिए भी खास है क्योंकि जनवरी और फरवरी में इस सफेद धातु की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाल
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें लगातार गिर रही हैं और सात महीने के निचले स्तर के करीब मंडरा रही हैं। बुधवार को वैश्विक बाजार में सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया। इसकी बड़ी वजह यह रही कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त नीति की उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे पर भारी असर डाला।
क्या मुंबईकरों के लिए खरीदारी का सही वक्त है?
जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह उठापटक तनावपूर्ण भू-राजनीतिक हालात के बीच आई है, और मौजूदा गिरावट निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर बन सकती है। भारत में त्योहारी सीजन की वजह से अगस्त और सितंबर में अक्सर सोने में तेजी का रुख देखा जाता है।
कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने हालात समझाते हुए कहा कि फिलहाल सोना एक तनावपूर्ण माहौल में कारोबार कर रहा है। पहली छमाही के लगभग पूरे दौर में आर्थिक उथल-पुथल और डॉलर के लिहाज से करीब 15% की गिरावट झेलने के बाद दूसरी छमाही में सोने का प्रदर्शन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है, बशर्ते कोई ठोस शांति समझौता हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि परंपरागत रूप से त्योहारी सीजन और पश्चिम में छुट्टियों के मौसम को देखते हुए अगस्त से अक्टूबर के दौरान सोने की कीमतों में तेजी आती है। हालांकि इस उम्मीद के बीच यह देखना बेहद जरूरी है कि आगे हालात किस करवट बैठते हैं।













