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म्यूचुअल फंड्स ने आईसीआईसीआई बैंक में झोंके ₹4,427 करोड़, IT और मेटल शेयरों में की जबरदस्त बिकवालीबाज़ार
21 जून 2026, 12:06 pm (45 दिन पहले)· 5

म्यूचुअल फंड्स ने आईसीआईसीआई बैंक में झोंके ₹4,427 करोड़, IT और मेटल शेयरों में की जबरदस्त बिकवाली

मई में घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने निर्यात आधारित सेक्टर्स छोड़कर बैंकिंग और कंजम्पशन शेयरों में बड़ा दांव लगाया. यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक में ₹4,427 करोड़ की खरीदारी हुई, जबकि इंफोसिस, विप्रो और वेदांता जैसे शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई.

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने मई में अपनी पूरी रणनीति बदल दी. यस सिक्योरिटीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फंड हाउसेज ने निर्यात पर निर्भर सेक्टर्स से बाहर निकलकर बैंकिंग, घरेलू खपत और इंडस्ट्रियल शेयरों की ओर रुख किया. इस पूरे बदलाव में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा लाभार्थी रहा, जिसमें फंड मैनेजरों ने अकेले ₹4,427 करोड़ की खरीदारी की.

बैंकिंग सेक्टर में एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी फंड हाउसेज की खरीद लिस्ट में ऊपर रहे. इसके अलावा फिनटेक प्लेटफॉर्म ग्रो और सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के शेयरों में भी म्यूचुअल फंड्स ने जमकर पैसा लगाया. एनर्जी और कॉन्ग्लोमेरेट सेक्टर में रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी एंटरप्राइजेज, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और गुजरात स्टेट पेट्रोनेट में भी फंड हाउसेज ने बड़ा निवेश किया. रिटेल ब्रांड लैंसकार्ट को भी फंड्स का अच्छा-खासा पैसा मिला.

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IT, मेटल और PSU शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली

जहां एक ओर बैंकिंग और घरेलू शेयरों पर पैसा बरसा, वहीं दूसरी ओर IT और मेटल सेक्टर के शेयरों में म्यूचुअल फंड्स ने मुनाफावसूली करते हुए पोजीशन घटा दी. IT सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों इंफोसिस और विप्रो में फंड हाउसेज की हिस्सेदारी काफी कम हो गई.

कमोडिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी बिकवाली का जोर रहा. वेदांता, हिंडालको और लार्सन एंड टुब्रो जैसी दिग्गज कंपनियों से फंड हाउसेज ने बड़ी मात्रा में पैसा बाहर निकाला. PSU सेक्टर में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और एनटीपीसी भी इस बिकवाली की चपेट में आए. इसके साथ ही फार्मा कंपनी ल्यूपिन और एमसीएक्स से भी फंड हाउसेज ने अपना पैसा निकाल लिया.

मिडकैप और स्मॉलकैप में लंबी रैली के संकेत

यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में भारतीय बाजार के लिए एक उत्साहजनक तस्वीर भी पेश की गई है. रिपोर्ट के अनुसार निफ्टी-500 इंडेक्स में SMID यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का वेटेज इस समय अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर है. विश्लेषकों का कहना है कि जब बाजार की चौड़ाई बढ़ती है और छोटे-मझोले शेयर बड़ी कंपनियों के शेयरों को पीछे छोड़ने लगते हैं, तो यह एक लंबी और टिकाऊ तेजी की नींव होती है.

NSE और BSE का मिला-जुला कैश टर्नओवर एक बार फिर अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गया है. यह बाजार में मजबूत लिक्विडिटी का साफ संकेत है. विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) दोनों ही फिलहाल स्मॉल और मिडकैप सेगमेंट में खरीदारी में जुटे हैं, जो इस सेगमेंट में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.

सवाल-जवाब

मई में म्यूचुअल फंड्स ने किस शेयर में सबसे ज्यादा पैसा लगाया?
आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा निवेश हुआ, जिसमें फंड हाउसेज ने ₹4,427 करोड़ डाले.
किन सेक्टर्स से म्यूचुअल फंड्स ने पैसा निकाला?
IT, PSU और मेटल सेक्टर से बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, जिसमें इंफोसिस, विप्रो, वेदांता, हिंडालको और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख रहे.
बैंकिंग के अलावा और किन शेयरों में फंड हाउसेज ने खरीदारी की?
एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ग्रो, एलआईसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी एंटरप्राइजेज, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट और लैंसकार्ट में भी खरीदारी हुई.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को लेकर क्या संकेत हैं?
यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी-500 में SMID शेयरों का वेटेज ऐतिहासिक उच्च पर है और FII-DII दोनों इस सेगमेंट में खरीदारी कर रहे हैं, जो लंबी रैली का संकेत हो सकता है.
NSE और BSE का संयुक्त कैश टर्नओवर किस स्तर पर है?
NSE और BSE का संयुक्त कैश टर्नओवर अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गया है, जो बाजार में मजबूत लिक्विडिटी दर्शाता है.
ल्यूपिन और एमसीएक्स से म्यूचुअल फंड्स ने क्यों पैसा निकाला?
रिपोर्ट के मुताबिक फंड हाउसेज ने ल्यूपिन और एमसीएक्स में मुनाफावसूली करते हुए अपनी पोजीशन घटाई.
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