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बैंक ऑफ कोरिया के सख्त रुख और चिप शेयरों में भारी बिकवाली से सियोल बाजार में हलचल, एसके हाइनिक्स 11.5% लुढ़काबाज़ार
17 जुल॰ 2026, 4:57 am (45 दिन पहले)· 0

बैंक ऑफ कोरिया के सख्त रुख और चिप शेयरों में भारी बिकवाली से सियोल बाजार में हलचल, एसके हाइनिक्स 11.5% लुढ़का

बैंक ऑफ कोरिया ने ब्याज दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 2.75% कर दी और साथ ही सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज गिरावट ने कोस्पी और कोरियाई मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया।

दक्षिण कोरिया की मुद्रा और शेयर बाजार इस समय दोहरे दबाव में हैं। एक तरफ बैंक ऑफ कोरिया ने अपने रुख को सख्त किया है, तो दूसरी तरफ सियोल बाजार की रीढ़ माने जाने वाले सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली है। बीएनवाई के जेफ यू के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2.75% पर पहुंचा दिया है। साथ ही यह संकेत भी दिया है कि आर्थिक वृद्धि और कोर महंगाई, दोनों अब पहले के अनुमानों से ऊपर रह सकती हैं।

बैंक ऑफ कोरिया का सख्त रुख

चौथाई फीसदी की इस बढ़ोतरी के साथ केंद्रीय बैंक ने साफ संदेश दिया है कि महंगाई उतनी तेजी से नहीं घट रही, जितनी उम्मीद थी। बैंक का मानना है कि तेल की कीमतें नीचे आने के बावजूद महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी। अब कोर महंगाई के मई में लगाए गए 2.4% के अनुमान से ऊपर जाने की आशंका है, जबकि हेडलाइन महंगाई के 2.7% पर टिके रहने की उम्मीद है। नीति निर्माताओं ने अपने इस सतर्क रुख के पीछे मजबूत आंकड़ों का हवाला दिया, जिनमें सेमीकंडक्टर की अगुवाई में दमदार निर्यात, मजबूत निवेश और घरेलू मांग में सुधार शामिल हैं।

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लेकिन यही मजबूती अपने साथ कुछ चिंताएं भी लेकर आई है। बैंक ने घरों की कीमतों में तेज उछाल, बढ़ते घरेलू कर्ज और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को ऐसे जोखिम बताया है, जिन पर वह करीबी नजर रख रहा है। कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था इतनी अच्छी चल रही है कि महंगाई चिपकी हुई है, और यही वजह है कि केंद्रीय बैंक का रुख सख्त रहा और GDP व कोर महंगाई के अनुमानों को ऊपर की ओर बढ़ाया गया।

चिप शेयर क्यों गिर रहे हैं

बाजार में इस उथल-पुथल की सीधी वजह अमेरिकी चिप कंपनियों में आई तेज बिकवाली रही, जिसका असर एशियाई सेमीकंडक्टर शेयरों पर पड़ा। इस कमजोरी के पीछे कंपनियों की बुनियादी सेहत में किसी साफ गिरावट का हाथ नहीं है, बल्कि मुनाफावसूली और AI से जुड़े शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन को लेकर दोबारा पैदा हुई सावधानी बड़ी वजह है। सियोल में एसके हाइनिक्स का शेयर 11.5% टूट गया, वह भी हाल के भारी उतार-चढ़ाव के बाद। वहीं सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 8% से ज्यादा गिर गया और दक्षिण कोरिया की दूसरी चिप कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट रही। इस बिकवाली का बोझ कोस्पी इंडेक्स और USD/KRW दोनों पर पड़ा।

सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड प्रोडक्ट्स पर शिकंजा

बाजार में बढ़ती उठापटक के बीच दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड ETF/ETN प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त कदमों का ऐलान किया है। इस कदम का मकसद बाजार में ओवरहीटिंग पर लगाम लगाना, निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करना और मेमोरी चिप शेयरों में और उतार-चढ़ाव के जोखिम को घटाना है। दरअसल, लॉन्च के बाद से ही इन प्रोडक्ट्स में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे सट्टेबाजी वाले लीवरेज को थामना जरूरी हो गया था।

नए नियम और सख्त जोखिम नियंत्रण

नए नियमों के तहत सिंगल-स्टॉक प्रोडक्ट्स की नई लिस्टिंग को, जिसमें इनवर्स और कवर्ड कॉल वाले वेरिएंट भी शामिल हैं, बाजार के स्थिर होने तक अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। इनके विज्ञापन और इवेंट मार्केटिंग पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा जोखिम नियंत्रण को कई मोर्चों पर कड़ा किया जाएगा, जिसमें LP डेविएशन की सीमा घटाना, सख्त जुर्माने, जोखिम भरे प्रोडक्ट्स की तेजी से पहचान, निवेश से पहले निवेशकों को दी जाने वाली शिक्षा का विस्तार और अपने आप चलने वाले जोखिम अलर्ट शामिल हैं।

महंगाई के आंकड़ों में नरमी

दूसरी ओर महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत भी दिखी है। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इसके चलते सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई और लगातार तीन महीने से चली आ रही तेजी की रफ्तार टूट गई। वहीं कोर कीमतें महीने के दौरान लगभग स्थिर रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं, जो दोनों ही अनुमानों से नीचे रहीं।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ कोरिया ने ब्याज दर कितनी बढ़ाई?
केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है, जिससे यह 2.75% पर पहुंच गई है।
एसके हाइनिक्स का शेयर कितना गिरा?
सियोल में एसके हाइनिक्स का शेयर 11.5% टूट गया, जबकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स 8% से ज्यादा गिरा।
चिप शेयरों में गिरावट की वजह क्या है?
अमेरिकी चिप कंपनियों में तेज बिकवाली, मुनाफावसूली और AI से जुड़ी ऊंची वैल्यूएशन पर सावधानी इसकी बड़ी वजह रही, न कि कंपनियों की बुनियादी सेहत में गिरावट।
कोर महंगाई का अनुमान क्या है?
अब कोर महंगाई के मई में लगाए गए 2.4% के अनुमान से ऊपर जाने की आशंका है, जबकि हेडलाइन महंगाई 2.7% पर टिकी रह सकती है।
सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड प्रोडक्ट्स पर क्या पाबंदी लगी है?
इनवर्स और कवर्ड कॉल वेरिएंट सहित नई लिस्टिंग बाजार के स्थिर होने तक अस्थायी रूप से रोक दी गई है और इनके विज्ञापन व इवेंट मार्केटिंग पर पाबंदी लगा दी गई है।
जून में CPI के आंकड़े कैसे रहे?
जून में CPI महीने-दर-महीने 0.4% गिरा और सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई, जो अप्रैल 2020 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
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