6 नवंबर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में विरोधाभासी माहौल देखा गया। एक ओर जहां देश के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में सुबह के सत्र के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ व्यापक बाजार में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी के शेयरों में आई इस बिकवाली के चलते बाजार का संपूर्ण रुझान मिला-जुला बना रहा। बड़े पैमाने पर स्थापित कंपनियों में लिवाली का समर्थन मिला, जबकि छोटे और मंझोले स्तर की कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव स्पष्ट दिखाई दिया।
सेंसेक्स-निफ्टी की चाल और अस्थिरता सूचकांक
कारोबारी सत्र के दौरान सुबह 11:22 बजे सेंसेक्स 400 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,710 के स्तर पर पहुंच गया। इसी समय निफ्टी 58 अंक यानी 0.24 प्रतिशत का उछाल दर्ज करते हुए 24,595 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, बेंचमार्क सूचकांकों की इस मजबूती के बीच बाजार में वोलेटिलिटी यानी अस्थिरता काफी बढ़ गई। इंडिया VIX 9.5 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाकर 17.06 के स्तर पर आ गया, जो निवेशकों के बीच अनिश्चितता और जोखिम का संकेत देता है। क्षेत्रवार प्रदर्शन देखें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइवेट बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में लिवाली देखने को मिली, जबकि रियल्टी, मेटल, एनर्जी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में कमजोरी छाई रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आई गिरावट
गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद शुक्रवार को व्यापक बाजार यानी ब्रॉडर मार्केट में तेज मुनाफावसूली देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स भी 1.45 प्रतिशत नीचे फिसल गया। इस बिकवाली के कारण कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए। पीआई इंडस्ट्रीज का शेयर 2.17 प्रतिशत टूटकर 1,731.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया और गोदरेज प्रॉपर्टीज के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया। यस बैंक का शेयर 2.16 प्रतिशत गिरकर 15.89 रुपये और न्यू इंडिया एश्योरेंस का शेयर 2.10 प्रतिशत की मंदी के साथ 155.21 रुपये पर आ गया। सबसे अधिक नुकसान सुप्रीम इंडस्ट्रीज को हुआ, जिसका शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा फिसलकर 3,112 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया।
आईटी सेक्टर और मिडकैप के चुनिंदा शेयरों में तेजी
बाजार की इस चौतरफा उथल-पुथल के बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स ने मजबूती का प्रदर्शन किया और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। आईटी सूचकांक को ऊपर ले जाने में एम्फेसिस, एचसीएल टेक और टीसीएस का सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा। निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स की बात करें तो एम्फेसिस का शेयर 4.55 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ 2,624.10 रुपये पर पहुंचकर शीर्ष पर रहा। इसके अतिरिक्त एनएचपीसी में 2.42 प्रतिशत, यूनाइटेड ब्रुअरीज में 2.28 प्रतिशत, कल्याण ज्वैलर्स में 1.57 प्रतिशत और परसिस्टेंट में 1.54 प्रतिशत का उछाल देखा गया।
गुजरात एनर्जी के तिमाही नतीजे और अन्य आंकड़े
कॉर्पोरेट नतीजों के मोर्चे पर गुजरात एनर्जी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने आंकड़े जारी किए। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 35.9 प्रतिशत घटकर 639.3 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 998 करोड़ रुपये था। हालांकि, परिचालन से कंपनी की कुल आय 1.5 प्रतिशत बढ़कर 9,590 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। परिचालन लाभ यानी EBITDA में 38.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 797.2 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले 13.72 प्रतिशत से गिरकर 8.31 प्रतिशत पर सिमट गया। कमजोर वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा के बाद कंपनी का शेयर 3.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 217 रुपये के स्तर पर आ गया। सत्र के उत्तरार्ध में सेंसेक्स 211.34 अंक (0.27 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 79,521.35 पर था, जबकि निफ्टी 8.05 अंक (0.03 प्रतिशत) की मामूली सुस्ती के साथ 24,528.55 पर आ गया।



















