मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों की मुद्राएं नीतिगत अनिर्णय और बजटीय दबावों के चलते यूरो के मुकाबले कमजोरी का सामना कर रही हैं। हंगेरियन फ़ोरिंट सहित इस क्षेत्र की प्रमुख मुद्राओं में लगभग 3 प्रतिशत तक की गिरावट आने के आसार बने हुए हैं, जबकि वैश्विक पटल पर EUR/USD की विनिमय दर 1.14 के स्तर से नीचे फिसल गई है। मुद्रा बाजारों में यह उथल-पुथल ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग रुख के कारण वित्तीय संपत्तियों में व्यापक फेरबदल दर्ज किया जा रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD फिलहाल 1.14 पर स्थिर है, जिसका 14-दिवसीय RSI 31 और ADX 32 दर्ज हुआ है, जो इस जोड़ी के लंबे समय के गिरावट के रुझान को दर्शाता है।
हंगरी का मौद्रिक रुख और बॉन्ड यील्ड में तेजी
हंगरी के केंद्रीय बैंक, मग्यार नेमजेती बैंक ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों को 5.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। इसके साथ ही बैंक ने मुद्रास्फीति लक्ष्य को 3 प्रतिशत से घटाकर वर्ष 2028 से 2.5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। मौद्रिक नीति का यह समायोजन देश के 2030 तक यूरो मुद्रा अपनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है। केंद्रीय बैंक के इस कड़े रुख का असर मुद्रा विनिमय पर तुरंत दिखा, जिससे EUR/HUF कुछ समय के लिए 359.76 के स्तर पर स्थित अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज तक पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, सरकारी उधारी लागत में वृद्धि दर्ज हुई और 10-वर्षीय हंगेरियन सरकारी बॉन्ड की यील्ड 11 आधार अंक चढ़कर 5.87 प्रतिशत पर पहुंच गई।
चेक गणराज्य में बजट घाटा और रोमानिया में राजनीतिक गतिरोध
चेक गणराज्य में बजटीय असंतुलन गहराने से सरकारी बॉन्ड यील्ड प्रभावित हुई है। देश के मंत्रिमंडल द्वारा वर्ष 2027 के लिए 386 अरब चेक कोरुना के भारी बजट घाटे को मंजूरी दिए जाने के बाद 10-वर्षीय CZKGB यील्ड 5.40 प्रतिशत के साथ चार साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। यह घाटा देश के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा घाटा माना जा रहा है। घरेलू स्तर पर महंगाई और आम जनता पर दबाव को देखते हुए सरकार ने अक्टूबर के लिए ईंधन मूल्य नियंत्रण फिर से लागू किया है और डीजल पर उत्पाद शुल्क में अस्थायी कटौती को मंजूरी दी है।
रोमानिया में स्थिति राजनीतिक अनिर्णय और रेटिंग एजेंसी की चेतावनी के कारण और अधिक जटिल हो गई है। EUR/RON की दर 5.27 के पार निकल गई है और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 7.45 प्रतिशत के स्तर से ऊपर चली गई है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में देश की क्रेडिट रेटिंग की समीक्षा करने वाली है, जिसमें रेटिंग को घटाकर जंक श्रेणी में डालने का खतरा मंडरा रहा है। बाजार विश्लेषक समय से पहले किसी अघोषित समीक्षा की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। इस बीच, नामित प्रधानमंत्री मुरेसैन अगले मंगलवार को विश्वास मत हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं और वे सोशल डेमोक्रेट्स का समर्थन जुटाने के लिए समझौते और रियायतें देने की कोशिशों में जुटे हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर का प्रभुत्व और केंद्रीय बैंकों का रुख
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और कच्चे तेल की कीमतों में दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दी है। इस वजह से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और डॉलर दो महीने के उच्च स्तर पर बना हुआ है। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 0.7000 के नाजुक स्तर पर दिखा, जो रात में अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे लुढ़क गया था। इस कमजोरी ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि के दांवों को भी फीका कर दिया है।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की चाल में भी रोचक उतार-चढ़ाव दिखा। USD/JPY शुक्रवार को एशियाई सत्र में 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर से थोड़ा नीचे आया, क्योंकि व्यापारियों में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़ गई हैं। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने के बावजूद येन पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि दर वृद्धि के बावजूद नीतिगत सामान्यीकरण का यह कदम बेहद धीमा है, जिससे अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे येन की बढ़त सीमित रह सकती है।
सोने की चाल और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया। कीमती धातु 4,230 डॉलर के सपोर्ट क्षेत्र से उबरने के बाद 4,300 डॉलर प्रति औंस के ठीक नीचे कारोबार करती नजर आई। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी की आशंकाओं और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 5 प्रतिशत से ऊपर बने रहने के कारण सोने पर व्यापक मंदी का दबाव बरकरार है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शुक्रवार को स्थिरता का माहौल रहा। बिटकॉइन मामूली सुधार के साथ 84,000 डॉलर के स्तर से ठीक ऊपर कारोबार करता दिखा। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो संपत्ति एथेरियम ने भी बिटकॉइन के अनुरूप ही रुख अपनाया और कमजोरी दर्ज की। इसके विपरीत, रिपल से जुड़े एक्सआरपी ने अलग दिशा पकड़ी और बाजार के व्यापक रुख से हटकर प्रदर्शन किया।
अमेरिका-चीन वार्ता और द्विपक्षीय व्यापार संघर्ष
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 24 सितंबर को वॉशिंगटन में द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक बीजिंग में हुई पिछली वार्ता के ठीक चार महीने बाद आयोजित की गई। दोनों नेताओं ने व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध विराम को दो महीने के लिए आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस समझौते के तहत अब व्यापार युद्ध विराम की अवधि 10 जनवरी 2027 तक बढ़ा दी गई है, साथ ही दोनों पक्षों ने भविष्य में भी बातचीत जारी रखने का स्पष्ट संकेत दिया है।

















