अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर ने जोरदार वापसी करते हुए अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव बना दिया। शुरुआती कारोबार में यूरो ने मजबूत जीडीपी आंकड़ों और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सख्त नीतिगत संकेतों के सहारे बढ़त हासिल की थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही यूरो दिन के उच्चतम स्तर से फिसल गया। वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI क्षेत्र में अत्यधिक खर्च को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ी हैं, वहीं लगातार बनी हुई महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को कड़ा रखने के संकेत से ग्रीनबैक को अतिरिक्त मजबूती मिली है।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट के बाद तेजी से सुधार
छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की चाल को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) दिन के दौरान पहले गिरकर 101.53 के स्तर तक आ गया था। हालांकि, इसके बाद इसमें तेज उछाल देखने को मिला और यह दोबारा 102.00 के पार निकल गया। डॉलर में इस गिरावट को सीमित रखने में पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के चलते ऊर्जा कीमतों में आई तेजी ने अहम भूमिका निभाई है। ईंधन महंगा होने से मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ा है, जिसने फेडरल रिजर्व को नीतिगत दरों पर सख्त रुख बनाए रखने पर मजबूर किया है।
फेडरल रिजर्व का रुख और दिसंबर में दर वृद्धि की संभावना
ब्याज दरों के मोर्चे पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को अपनी बेंचमार्क नीतिगत दरों को 3.75%-4.00% के दायरे में स्थिर रखा था। केंद्रीय बैंक ने मूल्य स्थिरता हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस नीतिगत निर्णय के बीच बारकिन ने कहा कि फेड ने क्रमिक दृष्टिकोण का संकेत दिया है। नीति निर्माताओं के बयानों और जारी आंकड़ों के बीच व्यापारी दिसंबर में संभावित ब्याज दर वृद्धि के पक्ष में बने हुए हैं। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के CME FedWatch Tool के मुताबिक, दिसंबर की बैठक में दर वृद्धि की संभावना करीब 75% आंकी गई है।
वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन
मुद्रा बाजार में आज अमेरिकी डॉलर ने अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में सबसे ज्यादा मजबूती यूरो के खिलाफ दर्ज की है। मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव को मापने वाले संकेतकों से साफ है कि आधार मुद्रा के तौर पर डॉलर अधिकांश प्रमुख मुद्राओं पर भारी पड़ा। हालांकि, एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने कुछ अलग रुख दिखाया। AUD/USD जोड़ी शुक्रवार को सुधरकर 0.7035 के करीब पहुंच गई। ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आधारित मुद्रास्फीति के गर्म आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा भविष्य में दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को हवा दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला।
येन की स्थिति और सोने पर ब्याज दरों की मार
दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले डॉलर का रुख मिला-जुला रहा। USD/JPY जोड़ी में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में नरमी देखी गई। यह जोड़ी 157.00 के दायरे तक फिसलने के बाद हल्की रिकवरी की कोशिश करती नजर आई। निवेशक बैंक ऑफ जापान की ताजा बैठक के नतीजों का विश्लेषण कर रहे हैं, जहां जापानी केंद्रीय बैंक ने पूर्व अनुमानों के मुताबिक नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया और उन्हें अपरिवर्तित छोड़ दिया।
मुद्रा बाजार के इस उतार-चढ़ाव और दर वृद्धि की संभावनाओं का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा है। शुक्रवार को सोना गिरकर इस साल के नए निचले स्तर यानी वर्ष के न्यूनतम स्तर पर आ गया। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने के सामान्य माहौल के बावजूद सोने को समर्थन नहीं मिल पा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे भी ब्याज दरें बढ़ाए जाने की लगातार बनी आशंकाओं ने सोने की कीमतों पर भारी दबाव बनाया है, जिससे यह कीमती धातु चालू महीने का अंत नकारात्मक दायरे में करने की राह पर दिखाई दे रही है।



















