चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है. विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है. बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वक्तव्य साझा करते हुए विपक्षी दल के रवैये को पूरी तरह नकारात्मक करार दिया. पार्टी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल का यह रुख किसी एक मसले तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में जब भी कोई संरचनात्मक बदलाव लाया जाता है, तब वह रुकावट डालने की कोशिश करता है.
पुराने बयानों के जरिए बीजेपी ने साधा निशाना
पार्टी की ओर से जारी वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दल की कार्यशैली को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जब भी देशहित में कोई नया कदम उठाया जाता है, तो कांग्रेस पार्टी तुरंत विरोध के रास्ते पर उतर आती है. प्रधानमंत्री ने कई नीतिगत फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन की पहल हो, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR हो, वक्फ बोर्ड में प्रशासनिक बदलाव हों या फिर सीएए का क्रियान्वयन, हर महत्वपूर्ण सुधार के सामने पार्टी विरोध, भ्रम और वोटबैंक की राजनीति का सहारा लेकर खड़ी हो जाती है. उनका कहना था कि देश लगातार आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, जबकि विपक्षी दल बदलाव की राह रोकने का काम कर रहा है.
सड़क पर उतरा विपक्ष, संसद से चुनाव आयोग तक मार्च
इस पूरे विवाद का केंद्र चुनाव आयोग की मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR है. कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं का दावा है कि इस सघन प्रक्रिया की वजह से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं. इसी आधार पर विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग कर रहे हैं.
इसी मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिली. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर पैदल मार्च शुरू किया. सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद सभी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए. इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा. माहौल तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने मंगलवार शाम राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया. उन्हें बस के जरिए किंग्सवे कैंप थाने ले जाया गया और कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया.
सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाए आरोप
विपक्षी नेताओं के धरने और मार्च पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके दावों को राजनीतिक स्वांग बताया. बीजेपी सांसद ने कहा कि दिनभर फैलाए गए भ्रम को चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति ने पूरी तरह उजागर कर दिया है.
सुधांशु त्रिवेदी ने दो मुख्य बिंदुओं पर विपक्षी दल के दावों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिनभर दावा करते रहे कि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि आयोग के अनुसार कांग्रेस या गठबंधन की तरफ से मिलने का कोई औपचारिक अनुरोध ही नहीं भेजा गया था. इसके अलावा, शाम 4 बजे पुलिस के डीसीपी के जरिए यह सूचना मिली कि राहुल गांधी मिलना चाहते हैं. चुनाव आयोग तय प्रक्रिया के तहत प्रतिनिधिमंडल से मिलने को तुरंत तैयार हो गया था, लेकिन राहुल गांधी इसके लिए आगे नहीं आए. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद अपनी बात रखना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक ड्रामा खड़ा करना था.
























