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बैंक ऑफ जापान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठकों से पहले येन दबाव में, डॉलर मजबूत होकर 155 के करीब पहुंचाबाज़ार
19 सित॰ 2026, 4:05 pm (17 मिनट पहले)· 0

बैंक ऑफ जापान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठकों से पहले येन दबाव में, डॉलर मजबूत होकर 155 के करीब पहुंचा

केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में नरमी देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञ मुद्रा जोड़ी के लिए 155 के स्तर को अहम रेजिस्टेंस और 153 व 152 को महत्वपूर्ण सपोर्ट मान रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों के महत्वपूर्ण फैसलों से पहले भारी हलचल देखी जा रही है, जहां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई है। वैश्विक निवेशकों का ध्यान आगामी व्यापार आंकड़ों, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक पर टिका हुआ है। जी10 देशों की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में जापानी येन कमजोर प्रदर्शन कर रहा है, जबकि अमेरिकी डॉलर को मजबूत बॉन्ड यील्ड और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले बने माहौल से समर्थन मिल रहा है।

मुद्रा बाजार में डॉलर बनाम येन का तकनीकी ढांचा

स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकार शॉन ओसबोर्न और एरिक थियोरेट ने मुद्रा जोड़ी के व्यवहार पर विस्तृत तकनीकी परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावना पहले ही बाजार भाव में पूरी तरह समाहित हो चुकी है। अब निवेशकों का मुख्य ध्यान केंद्रीय बैंक के वक्तव्य, रुख और भविष्य में होने वाली दर वृद्धियों के मार्गदर्शन पर केंद्रित है। मौजूदा बाजार गणना के अनुसार वर्ष समाप्त होने से पहले एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना को लगभग पूरी तरह आंका जा चुका है।

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तकनीकी स्तरों के संदर्भ में रणनीतिकारों ने 155 के स्तर को एक बेहद अहम संभावित रेजिस्टेंस के रूप में चिह्नित किया है। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में हालिया सपोर्ट स्तर 153 पर बना हुआ है, जबकि अतिरिक्त सुरक्षात्मक सपोर्ट 152 के करीब दिखाई दे रहा है। शॉन ओसबोर्न और एरिक थियोरेट के शब्दों में,

"The 155 level remains an important level of anticipated resistance."
यदि बैंक ऑफ जापान की ओर से नीतिगत सामान्यीकरण का अधिक सख्त मार्ग अपनाया जाता है, तो इससे जापानी येन को कुछ सहारा मिल सकता है और डॉलर-येन जोड़ी की तेजी सीमित हो सकती है।

फेड की ब्याज दरों की आशंका और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब टिकी हुई हैं। इसके पीछे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जुड़ी आशंकाएं और कच्चे तेल की कीमतों के कारण उत्पन्न महंगाई के खतरे प्रमुख कारक बने हुए हैं। अमेरिकी डॉलर की निरंतर मजबूती के चलते मंगलवार की सुबह यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी बढ़कर 155.00 के स्तर की दिशा में आगे बढ़ती नजर आई। वैश्विक मुद्रा व्यापारी इस पूरे सप्ताह फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसके कारण बाजार में आक्रामकता और सावधानी दोनों का मिलाजुला रुख देखा जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी आर्थिक आंकड़ों की स्थिति

अमेरिकी डॉलर के व्यापक दबदबे का असर सिर्फ येन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और वैश्विक मुद्राओं पर भी इसका दबाव साफ देखा जा सकता है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7150 के नीचे कमजोर रुख के साथ कारोबार करता रहा। यह स्तर पिछले कारोबारी दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बहुवर्षीय मजबूती के अतिरिक्त चीन से आए अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को किसी प्रकार का सहारा नहीं दिया। चीन के आर्थिक संकेतकों में स्पष्ट सुधार न दिखने के कारण इस जोड़ी पर दोतरफा दबाव बना हुआ है, जिससे निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।

सोने की कीमतों में सुस्ती और गिरावट का रुख

मुद्रा बाजार की हलचल के साथ-साथ कीमती धातुओं के बाजार में भी निराशाजनक रुख देखा गया है। सोने की कीमतों ने सोमवार की सुस्ती को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को प्रति ट्रॉय औंस 4,260 डॉलर के दायरे का फिर से परीक्षण किया। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इस पीली धातु में कमजोरी का सीधा संबंध अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और ट्रेजरी यील्ड की स्थिति से है। फेडरल रिजर्व की बैठक से पूर्व बाजार में छाई अनिश्चितता ने सोने के खरीदारों को बैकफुट पर धकेल दिया है, जिससे धातु में तत्काल सुधार के संकेत सीमित नजर आ रहे हैं।

अल्टकॉइन बाजार और क्लैरिटी एक्ट मतदान का दबाव

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मंगलवार को मंदी का असर देखने को मिला, जहां प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में बिकवाली का दबाव बना रहा। प्रमुख अल्टकॉइन्स जिनमें रिपल (एक्सआरपी), कार्डानो (एडीए) और हाइपरलिक्विड (एचवाइपीई) शामिल हैं, लाल निशान में कारोबार करते देखे गए और इनमें लगभग 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

डिजिटल परिसंपत्तियों पर बना यह नकारात्मक दबाव मुख्य रूप से मंगलवार को निर्धारित क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले उपजी विनियामक चिंताओं के कारण है। विनियामक घटनाक्रमों और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों की अनिश्चितता ने निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाने पर मजबूर किया है, जिसका खामियाजा क्रिप्टोकरेंसी बाजार को भुगतना पड़ रहा है।

सवाल-जवाब

डॉलर के मुकाबले जापानी येन में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बने रहने और फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले डॉलर की व्यापक मजबूती के कारण येन पर दबाव बना हुआ है।
यूएसडी/जेपीवाई के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से बताए गए हैं?
रणनीतिकारों ने 155 को महत्वपूर्ण संभावित रेजिस्टेंस माना है, जबकि 153 और 152 को अहम सपोर्ट स्तर बताया गया है।
सोने की कीमतों में मंगलवार को क्या बदलाव देखा गया?
सोने की कीमत में नरमी आई और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,260 डॉलर के दायरे में कारोबार करती नजर आई।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अल्टकॉइन्स में गिरावट क्यों आई?
क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले उपजी विनियामक अनिश्चितता के कारण एक्सआरपी, एडीए और एचवाइपीई जैसी प्रमुख मुद्राओं में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
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