दस साल पहले लगाया गया एक दांव अब Alphabet के लिए सोने की खान साबित हुआ है। Google की पैरेंट कंपनी Alphabet उन शुरुआती निवेशकों में से एक थी जिन्होंने 2015 में Elon Musk की कंपनी SpaceX पर भरोसा जताया था। Fidelity के साथ मिलकर इन दोनों ने कंपनी में 1 अरब डॉलर डाले थे, और तब भी उन्हें इसके बड़े भविष्य का अंदाज़ा था। अब जब SpaceX का शेयर (NASDAQ: SPCX) शुक्रवार, 12 जून 2026 को बाज़ार में लिस्ट हुआ, तो वही शुरुआती निवेश अरबों डॉलर में बदल गया।
एक नज़र में पूरा सफ़र
Alphabet ने किस तरह कदम दर कदम SpaceX में अपना पैसा लगाया और शेयर की लिस्टिंग से अरबों कमाए, यह समझने के लिए इस घटनाक्रम पर गौर कीजिए।
- 2015: यही वह शुरुआती दांव था। Fidelity के साथ मिलकर 1 अरब डॉलर का निवेश हुआ और बदले में SpaceX में 6% से 7.5% तक की हिस्सेदारी मिली।
- 2015 से 2024: इन वर्षों में Elon Musk की SpaceX ने अपना कामकाज तेज़ी से बढ़ाया और साथ ही साथ एक पूरे दशक तक फंडिंग के दौर हासिल किए। इसी दौरान कंपनी का xAI के साथ एक रणनीतिक विलय भी हुआ।
- 2025: चूंकि SpaceX को और ज़्यादा फंडिंग मिली, इसलिए Alphabet की हिस्सेदारी घटकर अनुमानित 5% से 6.11% रह गई।
- 2026: SpaceX के शेयर का IPO और उसका वैल्यूएशन इस निवेश की कीमत को आसमान पर ले गया। हर शेयर की तय कीमत 135 डॉलर रखी गई, जिससे कंपनी का मार्केट कैप ऐतिहासिक 1.77 ट्रिलियन डॉलर से 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
शेयर की लिस्टिंग और 100 अरब डॉलर का मुनाफ़ा
असली कमाल तब हुआ जब मंगलवार को SpaceX का शेयर 192 डॉलर तक चढ़ गया। इस स्तर पर Alphabet की 5% से 6% हिस्सेदारी की कीमत हैरान कर देने वाले 100 अरब डॉलर से 111 अरब डॉलर के बीच जा पहुंची। यानी एक ही दशक में साफ़ 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का फ़ायदा, जो उनकी मूल पूंजी पर लगभग 100 गुना रिटर्न के बराबर है।
ऐसा करिश्मा सिर्फ़ Alphabet तक सीमित नहीं रहा। एक धनी भारतीय फ़ैमिली ऑफ़िस ने भी 2017 में सेकंडरी मार्केट में कर्मचारियों के स्टॉक ऑप्शन (ESOP) के ज़रिए SpaceX में निवेश किया था, और उन्हें भी अपने पैसे पर 100 गुना रिटर्न मिला।
Alphabet ने अब तक नहीं बेची हिस्सेदारी
दिलचस्प बात यह है कि 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का मुनाफ़ा हो जाने के बावजूद Alphabet ने अपनी SpaceX वाली हिस्सेदारी अब तक नहीं बेची है। माना जा रहा है कि कंपनी को SpaceX की आगे की संभावनाओं पर पूरा भरोसा है और वह लंबे समय तक रुककर इससे और बड़ा इनाम पाने की उम्मीद रखती है। फ़िनिश लाइन तक पहुंचने के बाद भी Alphabet, Elon Musk की इस कंपनी के साथ अभी और लंबी दौड़ लगा सकती है। जिन निवेशकों ने शुरुआत में ही दांव लगा दिया था, उनके लिए आगे का रास्ता खुला और संभावनाओं से भरा हुआ है।













