घरेलू प्राथमिक पूंजी बाजार में एसआरआईटी इंडिया के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ में बोली लगाने के तीसरे और आखिरी दिन निवेशकों की ओर से जबरदस्त दिलचस्पी दर्ज की गई। 30 सितंबर को दोपहर तक इस इश्यू को 19.33 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन हासिल हो चुका था। अंतिम दिन संस्थागत, गैर-संस्थागत और खुदरा वर्ग के बिडर्स की ओर से आई भारी मांग ने पूरी पेशकश को कई गुना ओवरसब्सक्राइब करा दिया है। इस मजबूत मांग के बीच अनऑफिशियल मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और संभावित लिस्टिंग का गणित
बाजार में चल रहे अनौपचारिक कारोबार के आंकड़ों के अनुसार, एसआरआईटी इंडिया का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी 30 सितंबर को सुबह 10:37 बजे 33 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया। कंपनी ने अपने इश्यू के लिए 123 रुपये से 130 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। यदि अपर प्राइस बैंड 130 रुपये को आधार माना जाए और इसमें 33 रुपये का जीएमपी जोड़ा जाए, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 163 रुपये प्रति शेयर बैठती है। यह गणना इश्यू के ऊपरी मूल्य के मुकाबले करीब 25.38 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करती है। ग्रे मार्केट का यह ट्रेंड बताता है कि सेकेंडरी मार्केट में पहले दिन शेयर प्रीमियम पर कदम रख सकता है।
इश्यू का आकार, प्राइस बैंड और लॉट साइज
एसआरआईटी इंडिया का यह बुक-बिल्ट पब्लिक ऑफरिंग कुल 218.40 करोड़ रुपये का है। इस पूरे इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से 1.68 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू है, जिससे जुटाई जाने वाली कुल राशि 218.40 करोड़ रुपये बनती है। कंपनी द्वारा निर्धारित प्राइस बैंड 123 रुपये से 130 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के दायरे में रखा गया है।
खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 115 शेयरों का तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड 130 रुपये के स्तर पर आवेदन करने वाले एक रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए न्यूनतम 14,950 रुपये की पूंजी लगानी होगी। निवेशक इसी लॉट साइज के गुणकों में अतिरिक्त बिड सबमिट कर सकते हैं। इश्यू का आकार अपेक्षाकृत संतुलित होने और पूरी राशि नए शेयरों से जुटाए जाने के कारण बिडिंग विंडो के दौरान मजबूत पूंजी प्रवाह बना रहा।
सब्सक्रिप्शन शेड्यूल, अलॉटमेंट और लिस्टिंग की अहम तारीखें
एसआरआईटी इंडिया का यह पब्लिक इश्यू निवेशकों के लिए 28 सितंबर को खुला था और बोली लगाने की प्रक्रिया 30 सितंबर को बंद हो रही है। तीन दिनों तक चली इस प्रक्रिया के बाद अब निवेशकों की नजरें शेयर आवंटन के आधार पर टिकी हुई हैं।
कंपनी के आईपीओ अलॉटमेंट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावित तारीख 1 अक्टूबर तय की गई है। जिन निवेशकों के आवेदन सफल रहेंगे, उनके डीमैट खातों में लिस्टिंग से पहले शेयरों को क्रेडिट कर दिया जाएगा। वहीं जिन आवेदकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके बैंक खातों में आवेदन के लिए ब्लॉक की गई राशि को संबंधित आईपीओ नियमों के तहत अनब्लॉक या रिफंड कर दिया जाएगा। दोनों प्रमुख राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंजों यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 6 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।



















