अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर ने स्विस फ्रैंक के मुकाबले तेज बढ़त दर्ज करते हुए 16 महीने के नए उच्च स्तर को छू लिया है। यह तेजी उस समय देखने को मिली जब स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को उम्मीद के मुताबिक शून्य प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के रुख ने डॉलर और फ्रैंक के बीच यील्ड अंतर को और बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी मुद्रा को जोरदार सहारा मिला है। मौजूदा बाजार आंकड़ों के अनुसार USD/CHF की विनिमय दर 0.8283 के आसपास चल रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.8208 के मुकाबले 0.91 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्शाती है।
स्विस नेशनल बैंक का मौद्रिक रुख और नीतिगत स्थिरता
स्विस नेशनल बैंक ने अपनी मौद्रic नीति समीक्षा में स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति को वार्षिक 2 प्रतिशत से नीचे रखने के मूल्य स्थिरता के लक्ष्य के लिए वर्तमान मौद्रिक नीति पूरी तरह उपयुक्त है। केंद्रीय बैंक ने हालांकि तेल उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति के अनुमान में मामूली बढ़ोतरी की है, लेकिन यह भी रेखांकित किया गया है कि पूरे अनुमानित क्षितिज के दौरान मुद्रास्फीति 1 प्रतिशत से नीचे ही बनी रहेगी। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 0.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.7 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति मूल्यांकन में यह प्रावधान भी रखा है कि स्विस नेशनल बैंक के पास रखे बैंकों के साइट डिपॉजिट्स पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के अनुसार ब्याज दिया जाएगा। केंद्रीय बैंक का मानना है कि स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रमों से जुड़ा हुआ है।
बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि स्विट्जरलैंड के मुकाबले अमेरिका और यूरोपीय संघ में बॉन्ड यील्ड का अंतर लगातार बढ़ रहा है। बीबीएच के अनुसार अमेरिका और स्विट्जरलैंड के साथ-साथ यूरोपीय संघ और स्विट्जरलैंड के बीच यील्ड गैप का विस्तार USD/CHF और EUR/CHF दोनों जोड़ियों पर ऊपर की ओर दबाव बनाए रखेगा। अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख के मुकाबले स्विस फ्रैंक की सुस्त ब्याज दर नीति के कारण फ्रैंक अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में पिछड़ रहा है, जिसका सीधा फायदा अमेरिकी डॉलर को मिल रहा है।
तकनीकी चार्ट पर तेजी का ढांचा और प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर USD/CHF की चाल सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है, जो निकट अवधि के लिए तेजी के रुझान को मजबूती प्रदान करती है। चार्ट पर 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 0.8122, 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 0.8045 और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 0.7947 के स्तर पर स्थित हैं, जो मोटे तौर पर 0.7950 से 0.8120 के दायरे में आते हैं। इसके अलावा लाइव तकनीकी आंकड़ों में 50-दिवसीय ईएमए 0.8116 और 200-दिवसीय ईएमए 0.8004 के साथ गोल्डन क्रॉस बना हुआ है, जो मध्यम से लंबी अवधि में तेजी के रुझान का संकेत देता है। 20-दिवसीय ईएमए 0.8169 और 52-सप्ताह का दायरा 0.7629 से 0.8284 के बीच फैला हुआ है।
मोमेंटम संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 68 से 69 के करीब पहुंच गया है, जो ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीद के क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD लाइन भी सकारात्मक क्षेत्र में बनी हुई है। हालांकि ओवरबॉट स्तरों के नजदीक होने के कारण निकट अवधि में एक सुधारात्मक गिरावट या पुलबैक का जोखिम भी पैदा हो गया है। तकनीकी लिहाज से ऊपर की ओर तत्काल प्रतिरोध 0.8302 और 0.8321 पर है, जिसके पार 0.8350 का प्रमुख अवरोध स्थित है। यदि कीमत 0.8350 के स्तर को पार करती है तो आगे की बढ़त का रास्ता खुलेगा, जबकि इस स्तर को पार करने में विफलता की स्थिति में गिरावट आ सकती है। गिरावट की स्थिति में पिवट बिंदु 0.8265 के नीचे पहला सपोर्ट 0.8246 और 0.8200 के क्षैतिज स्तर पर है, जिसके बाद 50-दिवसीय मूविंग एवरेज 0.8122, 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 0.8045 और 200-दिवसीय स्तर 0.7947 पर सहारा मिलेगा। इसके नीचे गहरा आधार 0.7800 के स्तर पर बना हुआ है।
वैश्विक मुद्राओं का उतार-चढ़ाव और व्यापक बाजार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में विभिन्न मुद्राओं के बीच आपसी उतार-चढ़ाव में भी महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए गए हैं। हीट मैप और दैनिक प्रतिशत बदलाव के अनुसार स्विस फ्रैंक ने जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं अन्य मुद्रा जोड़ियों में भी व्यापक आर्थिक घटनाक्रमों का असर देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर की ओर गिरता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने के रोजगार आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, हालांकि रोजगार परिवर्तन उम्मीद से बेहतर रहा और यह 39,500 दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
दूसरी ओर जापानी येन के मोर्चे पर बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7 के मुकाबले 2 मतों से लिया गया, जो काफी हद तक बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था। इसके बावजूद USD/JPY तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से पीछे हटकर एशियाई सत्र में 158.00 के करीब टिका रहा। जापानी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच येन को सहारा दिया, जबकि फेडरल रिजर्व की ओर से दरों को लेकर आक्रामक दांव और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दम पर डॉलर दो महीने के उच्च स्तर पर बना रहा।
कमोडिटी बाजार में सोने पर दबाव
मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के फैसलों के बीच कमोडिटी बाजार में भी हलचल देखी गई। सोना यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में लगातार दूसरे दिन नकारात्मक दायरे में रहा और 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार प्रतिभागी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच आगामी वार्ता पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। हालांकि इस बैठक से किसी बड़े ऐलान की उम्मीदें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन बाजार निवेशक दुर्लभ खनिजों, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा अमेरिका-चीन व्यापारिक युद्धविराम के विस्तार पर किसी भी प्रगति की तलाश में हैं। इन तमाम वैश्विक कारकों के बीच डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख ने विनिमय दरों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है।


















