यूरोपीय मुद्रा बाजारों में गुरुवार को तेज हलचल देखी गई, जहां यूरो ने स्विस फ्रैंक के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत की। स्विस नेशनल बैंक द्वारा अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को बिना किसी बदलाव के शून्य प्रतिशत पर बरकरार रखने के फैसले के तुरंत बाद विदेशी मुद्रा विनिमय में यह बदलाव देखने को मिला। केंद्रीय बैंक के इस कदम से अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले ब्याज दरों का अंतर बना रहा, जिससे स्विस फ्रैंक पर दबाव बढ़ा। उसी समय जर्मनी से आए बेहतर व्यावसायिक धारणा के आंकड़ों ने साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो को अतिरिक्त ताकत दी, जिसके चलते यूरो बनाम स्विस फ्रैंक जोड़ी में सकारात्मक रुख स्थापित हुआ।
स्विस नेशनल बैंक का नीतिगत फैसला और मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण
स्विस नेशनल बैंक ने वित्तीय बाजारों की पूर्व अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी प्रमुख नीतिगत दर को शून्य प्रतिशत पर ही यथावत रखने की घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि अन्य प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ ब्याज दरों का जो अंतर बना हुआ है, वह निवेशकों के लिए स्विस फ्रैंक के आकर्षण को कम कर रहा है। इसी के साथ बैंक ने देश में बैंकों द्वारा उसके पास रखी जाने वाली मांग जमा पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के अनुसार ही प्रतिफल देने की व्यवस्था जारी रखी है।
मूल्य वृद्धि के मोर्चे पर केंद्रीय बैंक ने अपने मुद्रास्फीति अनुमानों में मामूली बढ़ोतरी की है। बैंक का अनुमान है कि चालू वर्ष 2026 में मुद्रास्फीति की दर 0.7 प्रतिशत दर्ज की जा सकती है, जो पहले के 0.6 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी अधिक है। आने वाले वर्षों के लिए बैंक ने 2027 और 2028 दोनों ही वर्षों में मुद्रास्फीति 0.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। मौद्रिक नीति मूल्यांकन में माना गया कि मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति का दबाव केवल मामूली रूप से बढ़ा है। बैंक का आकलन है कि चालू वर्ष की चौथी तिमाही में कीमतों में वृद्धि की रफ्तार कुछ तेज हो सकती है, जिसके बाद वर्ष 2027 के दौरान इसमें क्रमिक गिरावट आने की संभावना है। इसके अलावा स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा जोखिम वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव से जुड़ा हुआ बताया गया है।
जर्मनी के कारोबारी आंकड़ों से मिला यूरो को मजबूत सहारा
यूरोपीय पक्ष की बात करें तो गुरुवार को जारी हुए जर्मनी के आर्थिक आंकड़ों ने यूरो की बढ़त को टिकाऊ आधार प्रदान किया। जर्मनी के प्रतिष्ठित आईएफओ बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स में सितंबर के दौरान उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया और यह बढ़कर 89.9 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 88.8 था। यह आंकड़ा वित्तीय बाजार के 89.0 के सर्वसम्मत अनुमान से भी बेहतर रहा।
इस रिपोर्ट के विभिन्न घटकों में भी स्पष्ट मजबूती दर्ज की गई। वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करने वाला सूचकांक पिछले 88.5 से सुधरकर 89.5 के स्तर पर आ गया। वहीं भविष्य की कारोबारी उम्मीदों को दर्शाने वाला सूचकांक उछलकर 90.4 पर पहुंच गया, जो फरवरी के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। एक तरफ कम ब्याज दरों के कारण स्विस फ्रैंक कमजोर हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ जर्मनी के इन मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने यूरो को आवश्यक संबल देकर मुद्रा विनिमय में तेजी बनाए रखने में मदद की।
तकनीकी विश्लेषण: प्रमुख स्तर और चार्ट पर रुझान
एक घंटे के समय सीमा वाले चार्ट पर यूरो बनाम स्विस फ्रैंक का तकनीकी ढांचा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर नजर आ रहा है। मुद्रा जोड़ी 0.9417 के आसपास कारोबार करती दिखी, जो 0.9415 पर स्थित 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है। हालांकि ऊपर की ओर 0.9434 पर स्थित 200-अवधि का साधारण मूविंग एवरेज और 0.9433 पर स्थित क्षैतिज प्रतिरोध स्तर इस बढ़त को रोके हुए हैं। इस संरचना के कारण अल्पावधि का समग्र रुझान सतर्क मंदी का बना हुआ है, जहां हालिया निचले स्तरों से सुधार की कोशिश तो हो रही है लेकिन ऊपर की ओर विस्तार सीमित बना हुआ है।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 14 की अवधि पर 65 के स्तर पर पहुंच गया है, जो मजबूत गति तो दर्शाता है लेकिन साथ ही ओवरबॉट दायरे के करीब पहुंचने का संकेत भी देता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऊपरी प्रतिरोध स्तरों की ओर होने वाली किसी भी नई बढ़त को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि यह जोड़ी 0.9433 और 0.9434 के प्रतिरोध दायरे से ऊपर एक स्पष्ट घंटे का बंद देने में सफल रहती है, तभी उच्च स्तरों का रास्ता खुल सकेगा। इसके विपरीत, यदि गिरावट आती है तो पहला समर्थन 0.9415 पर 100-अवधि के मूविंग एवरेज पर मिलेगा, जिसके नीचे 0.9400 का मनोवैज्ञानिक स्तर और फिर 0.9373 का गहरा समर्थन स्तर स्थित है। 0.9373 से नीचे टूटने पर हालिया आधार की ओर पुनः बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
वैश्विक बाजारों की व्यापक तस्वीर और केंद्रीय बैंकों के कदम
यूरोपीय मुद्रा के इतर व्यापक विदेशी मुद्रा और जिंस बाजारों में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर की ओर फिसलता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि बाजार को इसके 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था। हालांकि रोजगार परिवर्तन के आंकड़े 39.5 हजार दर्ज किए गए, जो अनुमानों से बेहतर रहे।
एशियाई बाजारों में एक और बड़ा फैसला बैंक ऑफ जापान की ओर से आया। जापानी केंद्रीय बैंक ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया और बाजार की अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुकूल रहा। इस बीच जापानी बॉन्ड प्रतिफल में आए उछाल और सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन मजबूत हुआ, जिससे डॉलर-येन जोड़ी तीन सप्ताह के उच्च स्तर से फिसलकर 158.00 के करीब आ गई। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और वृद्धि की संभावनाओं और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती के कारण अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब टिका रहा।
जिंस बाजार में सोने की कीमतों पर लगातार दूसरे दिन दबाव बना रहा और यह यूरोपीय सत्र के पहले भाग में 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता रहा। वैश्विक वित्तीय बाजारों में कारोबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक को लेकर भी सतर्क बने रहे। हालांकि इस बैठक से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीदें कम हैं, लेकिन बाजार सहभागी दुर्लभ मृदा तत्वों, तकनीकी प्रतिबंधों और अमेरिका-चीन व्यापारिक संघर्ष विराम के विस्तार से जुड़े किसी भी संकेत पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
यूरोपीय मुद्रा बाजार का समग्र निष्कर्ष
स्विस नेशनल बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय यह स्पष्ट करता है कि यूरोप के भीतर मौद्रिक नीतियों में भिन्नता अभी भी बनी हुई है। जहां एक ओर बैंक ऑफ जापान जैसी संस्थाएं दरों को कड़ा कर रही हैं, वहीं स्विट्जरलैंड का दरें शून्य पर रखना उसकी मुद्रा के लिए कमजोरी का मुख्य कारण बना हुआ है। जर्मनी के औद्योगिक सुधार के संकेत यूरो को अल्पकालिक सहारा तो दे रहे हैं, लेकिन तकनीकी प्रतिरोध और वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच मुद्रा जोड़ी की आगे की दिशा आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर ही निर्भर करेगी।



















