कॉनकॉर्ड बायोटेक के निदेशक मंडल ने अपने निवेशकों की शेयरधारिता दोगुनी करने के उद्देश्य से कंपनी के इतिहास में पहली बार बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बुधवार, 23 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 अनुपात के बोनस इश्यू पर मुहर लगाई गई। इस कॉर्पोरेट कार्रवाई के तहत कंपनी के पात्र निवेशकों को रिकॉर्ड तिथि पर धारित प्रत्येक 1 रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयर के बदले उसी अंकित मूल्य का एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त दिया जाएगा। हालांकि, यह पूरा प्रस्ताव अभी शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करता है, जिसके बाद ही आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पूंजी आधार और नए शेयरों का ढांचा
इस बोनस निर्गम के जरिए कॉनकॉर्ड बायोटेक कुल 10,46,16,204 नए इक्विटी शेयर जारी करने की तैयारी में है। इन नए शेयरों का कुल अंकित मूल्य 10.46 करोड़ रुपये बैठता है। वर्तमान में कंपनी की चुकता शेयर पूंजी 10.46 करोड़ रुपये है, जो इस बोनस आवंटन के पूरा होने के बाद बढ़कर 20.92 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही बाजार में कंपनी के कुल शेयरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे शेयर की लिक्विडिटी में सुधार होने की उम्मीद है।
शेयर प्रीमियम खाते से होगा पूंजीकरण
इस बोनस शेयर वितरण के लिए कॉनकॉर्ड बायोटेक की ओर से कोई नकद भुगतान नहीं किया जाएगा। कंपनी अपने शेयर प्रीमियम खाते से 10.46 करोड़ रुपये का पूंजीकरण करके इन बोनस शेयरों को जारी करेगी। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक कंपनी के शेयर प्रीमियम खाते में 81.97 करोड़ रुपये का अधिशेष शेष था, जिससे इस पूंजीकरण को सुगमता से पूरा किया जा सकता है। यह कदम कंपनी के मजबूत वित्तीय भंडार और आंतरिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को दर्शाता है।
रिकॉर्ड तिथि और पात्रता का नियम
कंपनी की ओर से पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए रिकॉर्ड तिथि की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। रिकॉर्ड तिथि वह निर्णायक दिन होगा, जिसके आधार पर यह तय होगा कि कौन से निवेशक इन बोनस शेयरों के हकदार होंगे। जो निवेशक इस बोनस का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें लागू निपटान नियमों के अनुसार संबंधित एक्स-डेट अथवा रिकॉर्ड तिथि से पहले कॉनकॉर्ड बायोटेक के शेयर अपने डीमैट खातों में रखने होंगे। शेयरधारकों की औपचारिक स्वीकृति मिलने के उपरांत कंपनी रिकॉर्ड तिथि की तारीख स्पष्ट करेगी।
निवेशकों के पोर्टफोलियो पर गणितीय प्रभाव
बोनस शेयर मिलने से निवेशक के पास शेयरों की संख्या तो दोगुनी हो जाती है, लेकिन कुल निवेश मूल्य में तात्कालिक रूप से कोई स्वतः वृद्धि नहीं होती। इसे एक सामान्य उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि किसी निवेशक के पास 1,560 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 100 शेयर मौजूद हैं, तो बोनस से पहले उसके कुल निवेश का मूल्य 1.56 लाख रुपये होता है। 1:1 बोनस के प्रभावी होने पर शेयरों की कुल संख्या बढ़कर 200 हो जाएगी। इसके साथ ही शेयर का सैद्धांतिक समायोजित भाव गिरकर लगभग 780 रुपये प्रति शेयर पर आ जाएगा, जिससे 200 शेयरों का कुल मूल्य फिर से 1.56 लाख रुपये ही रहेगा। हालांकि, भविष्य में कंपनी के वित्तीय विस्तार का लाभ बढ़े हुए शेयरों पर मिलता है।
शेयर प्रदर्शन और वित्तीय आंकड़े
शेयर बाजार में कॉनकॉर्ड बायोटेक का प्रदर्शन मिश्रित देखने को मिला है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर 24 सितंबर को कंपनी का शेयर 5.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 1,480 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इसके बावजूद मध्यम से लंबी अवधि में स्टॉक ने सकारात्मक रिटर्न दिया है। एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह महीनों के दौरान इस शेयर में करीब 42.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक यह लगभग 10.76 प्रतिशत का मुनाफा दे चुका है।
कंपनी के बुनियादी वित्तीय नतीजे भी स्थिर वृद्धि को दर्शाते हैं। जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान कॉनकॉर्ड बायोटेक की समेकित शुद्ध बिक्री 257.49 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 203.99 करोड़ रुपये की तुलना में 26.23 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 32.84 प्रतिशत की छलांग लगाकर 58.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। संचालन स्तर पर भी मजबूती दिखी, जहां एबिटा 26.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 95.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

















