अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में ब्रिटिश पाउंड को ब्रिटेन के मजबूत खुदरा बिक्री आंकड़ों से ठोस समर्थन मिला है, जिससे यूरो के मुकाबले यह मुद्रा मजबूती दर्शाने के बावजूद सीमित दायरे में बनी हुई है। यूरोजोन और ब्रिटेन की आर्थिक प्राथमिकताओं तथा नीतिगत दिशा को तौल रहे ट्रेडर्स के कारण यूरो और पाउंड का विनिमय भाव करीब एक महीने से बने अपने पुराने ट्रेडिंग दायरे के भीतर ही अटका हुआ है। हालांकि ब्रिटेन के आंतरिक उपभोग डेटा ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन दर्ज कराया, पर केंद्रीय बैंक के नपे-तुले रवैये ने मुद्रा में एकतरफा तेजी की गुंजाइश को सीमित कर दिया है।
ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में उम्मीद से बेहतर उछाल
ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स द्वारा हालिया आर्थिक प्रदर्शन को लेकर जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में ब्रिटेन की खुदरा बिक्री में मासिक आधार पर 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों के उस अनुमान से काफी बेहतर साबित हुआ, जिसमें बिक्री में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका जताई गई थी। घरेलू मांग में आई इस अप्रत्याशित मजबूती ने निवेशकों के विश्वास को कुछ समय के लिए बढ़ाया है।
सालाना आधार पर तुलना करने पर ब्रिटेन में खुदरा बिक्री 2.4 प्रतिशत बढ़ी है, जो कि पूर्व में अनुमानित 1.9 प्रतिशत के स्तर से काफी अधिक रही। इसके अलावा ईंधन की कीमतों के प्रभाव को अलग रखते हुए देखें तो बिना ईंधन वाली खुदरा बिक्री में मासिक स्तर पर 0.6 प्रतिशत और वार्षिक स्तर पर 2.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इन आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि आम ब्रिटिश उपभोक्ता लगातार दबाव के बावजूद जरूरी और गैर-ईंधन वस्तुओं पर खर्च जारी रखे हुए हैं।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों पर रणनीति और नीतिगत रुख
आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ मौद्रिक नीति की चाल पर भी बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपनी हालिया नीतिगत समीक्षा के दौरान प्रमुख ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर ही यथावत रखने का फैसला किया। नीति निर्माताओं के बीच यह निर्णय 6-3 के बहुमत से हुआ, जो कि लगातार छठी ऐसी बैठक रही जिसमें उधारी लागत में कोई बदलाव नहीं किया गया।
केंद्रीय बैंक के नीति निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का घरेलू उपभोक्ता मूल्यों और वेतन वृद्धि पर गंभीर दूसरा असर पड़ने के स्पष्ट संकेत फिलहाल बेहद कम हैं। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि मुद्रास्फीति को लेकर जोखिम अभी भी ऊपरी स्तरों की ओर ही झुके हुए हैं, जिस पर सतत निगरानी की दरकार है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ब्याज दर वृद्धि के विकल्प
मौद्रिक नीति पर अपने विचार रखते हुए बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने भविष्य में दरों में संभावित बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज नहीं किया। एंड्रयू बेली ने कहा, “यदि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबे समय तक बना रहता है, जैसा कि प्रतीत हो रहा है, और दूसरे दौर के प्रभावों का जोखिम बढ़ता है, तो संभव है कि नीति को और सख्त करना पड़े।”
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के एलियास हद्दाद ने बाजार की अपेक्षाओं का विश्लेषण करते हुए बताया कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को लेकर वित्तीय बाजार की मूल्य निर्धारण धारणा काफी आक्रामक बनी हुई है। एलियास हद्दाद के मुताबिक स्वैप कर्व अगले बारह महीनों के भीतर बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा 100 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी करते हुए इसे 4.75 प्रतिशत तक ले जाने का संकेत दे रहा है। ऐसे अनुमानों से संकेत मिलता है कि व्यापारी आने वाले समय में सख्त मौद्रिक फैसलों के लिए तैयार हैं।
वैश्विक फॉरेक्स बाजार में प्रमुख मुद्राओं का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के बीच ब्रिटिश पाउंड का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां यह जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में देखा गया। वहीं अन्य प्रमुख करेंसी जोड़ों में भी केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णयों का सीधा असर देखने को मिला है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी दिन बढ़त की ओर अग्रसर रहा और शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को बैकफुट पर रखा, जबकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक के सख्त बयानों ने दरों में बढ़ोतरी के दावों को बल दिया। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक चिंताओं ने डॉलर की गिरावट को नियंत्रित रखा।
दूसरी ओर यूरोपीय कारोबारी सत्र में शुक्रवार को यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी ने फिर से बढ़त हासिल की और 158.00 के करीब पहुंचकर दो सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छुआ। बैंक ऑफ जापान द्वारा अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने के बावजूद जापानी येन में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा। नीति सामान्यीकरण के तहत 7-2 के बहुमत से लिए गए इस फैसले और गवर्नर उएदा के सख्त बयानों के बाद भी नीति समिति के दो सदस्यों द्वारा बढ़ोतरी के खिलाफ दिए गए असहमति मत ने येन पर नकारात्मक दबाव बनाया। दशकों तक बेहद कम ब्याज दरों के चलते जापानी येन वैश्विक निवेश जुटाने का सबसे सस्ता जरिया बना रहा, लेकिन नीतिगत बदलाव के इस नए चरण ने बाजार की रूपरेखा को संवेदनशील बना दिया है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की गतिविधियां
मुद्रा विनिमय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के पूर्वार्ध में लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और इसने नए साप्ताहिक उच्च स्तर को छुआ। सर्राफा खरीदार आगे किसी बड़ी स्थिति के लिए 4,400 डॉलर प्रति औंस के पार टिकाऊ मजबूती की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर सूचकांक को रोके रखा, जिससे कीमती धातुओं को समर्थन मिला।
वहीं डिजिटल एसेट बाजार में बीटीसी ने जुलाई महीने में 57,800 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर तक फिसलने के बाद जोरदार वापसी दर्ज की है। इस डिजिटल संपत्ति ने निचले स्तरों से लगभग 33 प्रतिशत की तेजी दर्ज की और जुलाई तथा अगस्त के दौरान लगातार दो महीनों में मासिक बढ़त हासिल की। इसके बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे बना हुआ है, जिससे ट्रेडर्स यह परखने में जुटे हैं कि क्या यह नए तेजी चक्र का आगाज है अथवा सिर्फ एक व्यापक मंदी चक्र के भीतर आई तात्कालिक रिकवरी है।

















