कच्चे तेल की चाल और फेडरल रिजर्व के रुख से अमेरिकी डॉलर में तेजी के आसारगुरुग्राम में युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के बाद पुलिस ने बिना पहचान किए कर दिया अंतिम संस्कार, परिजनों ने खड़े किए गंभीर सवालबैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरें 1.25% कीं, लेकिन दो सदस्यों की असहमति से कमजोर पड़ा येनअमेरिकी स्टील्थ फाइटर F-35 का गोपनीय पुर्जा ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका जाते समय हांगकांग में उतरा, पेंटागन में हड़कंपदिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट दरें बढ़ा सकता है यूरोपीय सेंट्रल बैंक, राबोबैंक ने लगाया अनुमानअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त हुआ यूरो, केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियों और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई हलचलफेडरल रिजर्व की दर वृद्धि और पश्चिम एशिया संकट से अमेरिकी डॉलर मजबूत, यूरो पर बढ़ा दबावअमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.40 के करीब फिसला कनाडाई डॉलर, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कमजोरी से बढ़ा दबावभूमध्य सागर में फैले माइक्रोएल्गी ने रोकी इज़राइल के डिसेलिनेशन प्लांटों की रफ्तारधनु राशिफल 19 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र और व्यापार में नए अवसर, प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती से ब्याज दरें और बढ़ने के आसार, बैंक ऑफ जापान ने भी बढ़ाया नीतिगत रुखबाज़ार
19 सित॰ 2026, 10:49 am (15 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती से ब्याज दरें और बढ़ने के आसार, बैंक ऑफ जापान ने भी बढ़ाया नीतिगत रुख

मजबूत रोजगार बाजार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भारी निवेश के चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में अतिरिक्त वृद्धि की संभावना बढ़ रही है। वहीं बैंक ऑफ जापान ने भी नीतिगत दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में लगातार बनी मजबूती और महंगाई के दबाव कम न होने के संकेतों के बीच मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त बनाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। श्रम बाजार के मजबूत बने रहने से मौजूदा आर्थिक हालात नीति निर्माताओं को उधार लागत बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान मौद्रिक नीति आर्थिक गति को देखते हुए पर्याप्त रूप से सख्त नहीं है, जिसके कारण दो और ब्याज दर वृद्धि के अनुमान लगाए जा रहे हैं और जोखिम ऊपर की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है। फेडरल रिजर्व की समिति के वर्ष के अंत के अनुमानित आंकड़ों में भी एक और बढ़ोतरी का संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

श्रम बाजार की तंगी और मजदूरी पर बढ़ता दबाव

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नए श्रमिकों की सीमित आपूर्ति को देखते हुए रोजगार में निरंतर वृद्धि श्रम बाजार को और अधिक कड़ा बना सकती है। इससे बेरोजगारी दर पर लगातार नीचे की ओर दबाव बना रह सकता है। आर्थिक समीक्षाओं और वार्श के प्रेस सम्मेलन के बयानों में इस बात की पुष्टि की गई कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था लगभग पूर्ण रोजगार की स्थिति में काम कर रही है। मजबूत आर्थिक विस्तार के साथ श्रम बाजार की यह स्थिरता अंततः तेजी से बढ़ती मजदूरी और मजदूरी से जुड़े नए दबावों में बदल सकती है, जो महंगाई को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रख सकती है। जब तक रोजगार और मजदूरी की यह तेजी नियंत्रित नहीं होती, तब तक ब्याज दरों में कमी की संभावना बहुत कम दिखाई दे रही है।

ये भी पढ़ें

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग और बुनियादी ढांचे पर असर

अर्थव्यवस्था में समग्र मांग को बनाए रखने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से संबंधित जबरदस्त मांग का भी बड़ा हाथ है। बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश अर्थव्यवस्था में प्रवाहित हो रहा है, जिससे समग्र बाजार मांग को मजबूत सहारा मिल रहा है। डेटा केंद्रों का तेजी से हो रहा निर्माण सीमित संसाधनों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहा है। इसमें मुख्य रूप से बिजली, आवश्यक कमोडिटी और निर्माण क्षमता शामिल हैं। इसके अलावा डेटा केंद्र कुशल कामगारों जैसे इलेक्ट्रीशियन और इंजीनियरों के लिए पारंपरिक कारखानों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व ने भी विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया है कि AI निर्माण से जुड़े विशिष्ट निर्माण कार्यों में मजदूरी दरों में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिल रहा है।

बैंक ऑफ जापान का ऐतिहासिक फैसला और मुद्रा बाजारों का रुख

वैश्विक केंद्रीय बैंकों के रुख के बीच बैंक ऑफ जापान ने भी अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला बाजार की पूर्व अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा। हालांकि इस फैसले के पक्ष में भारी बहुमत होने के बावजूद दो असहमति मतों ने जापानी येन पर दबाव डाला। गवर्नर उएदा के सख्त बयानों के बावजूद येन में कमजोरी देखी गई और USD/JPY जोड़ी शुक्रवार को यूरोपीय सत्र में अपनी बढ़त जारी रखते हुए दो सप्ताह के उच्च स्तर को छूकर 158.00 के करीब पहुंच गई। जापान की अति-कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित किया था, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में शामिल रहा था। अब इस लाभ की स्थिति एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जहां जापान भी सख्त नीति अपनाने की राह पर बढ़ रहा है।

मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और सोने की चमक

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी सकारात्मक दायरे में नजर आया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर के खरीदार दबाव में रहे, जिससे AUD/USD शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने वहां दर वृद्धि के दांव को बढ़ावा दिया और ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूत किया। हालांकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर के नुकसान को सीमित रखा और इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त पर एक सीमा तय कर दी।

दूसरी ओर कमोडिटी बाजार में सोने ने लगातार दूसरे दिन मजबूती दर्ज की। शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोना नए साप्ताहिक उच्च स्तर को छूता नजर आया। बाजार के खरीदार अब आगे की तेजी के लिए 4,400 डॉलर के स्तर से ऊपर एक स्थायी कदम का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त को रोके रखा, जबकि निवेशक आने वाले फेड अधिकारियों के भाषणों और मध्यम श्रेणी के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बिटकॉइन की रिकवरी और दीर्घकालिक रुझान

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी महत्वपूर्ण हलचल दर्ज की गई है। बिटकॉइन ने जुलाई के दौरान 57,800 डॉलर के अपने वार्षिक निचले स्तर तक गिरने के बाद जोरदार वापसी की है। इस डिजिटल मुद्रा ने लगभग 33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और जुलाई तथा अगस्त में लगातार दो महीने सकारात्मक लाभ दर्ज किया। इस सुधार के बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से लगभग 40 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। बाजार के कारोबारियों के सामने अब यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या यह उछाल एक नए तेजी के दौर की शुरुआत है, या फिर यह एक व्यापक मंदी चक्र के भीतर केवल एक अस्थाई रिकवरी है।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना क्यों जताई जा रही है?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती, महंगाई के कम न होने और श्रम बाजार में सीमित आपूर्ति के बावजूद नौकरियों में निरंतर वृद्धि के कारण दरें और बढ़ने के आसार हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव मुद्रास्फीति पर किस प्रकार पड़ रहा है?
डेटा केंद्रों के निर्माण से बिजली, निर्माण संसाधनों और कुशल इंजीनियरों की मांग बढ़ी है, जिससे निर्माण क्षेत्र में मजदूरी और समग्र आर्थिक मांग में तेजी आई है।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की क्या स्थिति रही?
बैंक ऑफ जापान के दर बढ़ाने के बावजूद दो सदस्यों की असहमति के कारण येन कमजोर हुआ और USD/JPY दो सप्ताह के उच्च स्तर को छूते हुए 158.00 के करीब पहुंच गया।
सोने की कीमत में हाल ही में क्या हलचल देखी गई है?
सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई और खरीदार अब 4,400 डॉलर के स्तर से ऊपर एक स्थायी कदम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
हाल के महीनों में बिटकॉइन का प्रदर्शन कैसा रहा है?
बिटकॉइन जुलाई में 57,800 डॉलर के निचले स्तर से लगभग 33 प्रतिशत सुधरा है, हालांकि यह अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 40 प्रतिशत नीचे है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp