अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले निचले स्तरों से कुछ सुधार दर्ज किया है, हालांकि यह अब भी करीब 0.15% की गिरावट के साथ 1.3220 के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी श्रम बाजार के हालिया आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक नीति अपनाने की उम्मीदों में आई नरमी ने डॉलर की तेज बढ़त पर अंकुश लगाया है। इसके बावजूद तकनीकी स्तरों पर पाउंड पर दबाव बना हुआ है, जबकि निवेशक आने वाले अमेरिकी सेवा क्षेत्र के आंकड़ों और ब्रिटेन के राष्ट्रीय बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी की उम्मीद
शुक्रवार को जारी किए गए सितंबर महीने के अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स यानी एनएफपी आंकड़ों में रोजगार वृद्धि की गति बेहद मध्यम दर्ज की गई थी। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं को कम कर दिया है। बाजार का मानना है कि सख्त मौद्रिक नीति की कमजोर पड़ती उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर की तेजी को काफी हद तक सीमित कर दिया है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं को कुछ राहत मिली है। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों में फेडरल रिजर्व की अतिरिक्त सख्ती को लेकर लगाए जा रहे दांव भी ठंडे पड़ते नजर आए हैं।
ब्रिटिश पाउंड के लिए यूके बजट रहेगा सबसे अहम घटनाक्रम
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग के लिए आने वाले दिनों का सबसे महत्वपूर्ण प्रेरक यूके का आगामी राष्ट्रीय बजट होगा, जिसकी घोषणा इसी महीने के उत्तरार्ध में होने वाली है। इस बजट में पेश किए जाने वाले राजकोषीय प्रावधान और आर्थिक नीतियां पाउंड की मध्यम अवधि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी यह बारीकी से देख रहे हैं कि ब्रिटिश सरकार कर्ज, खर्च और आर्थिक विकास के संतुलन को किस तरह साधती है, क्योंकि किसी भी प्रकार की राजकोषीय अनिश्चितता मुद्रा पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी 1.3225 के स्तर पर कारोबार कर रहा है और इसका अल्पावधि रुख मंदी की ओर झुका हुआ है क्योंकि हाजिर भाव 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए स्तर 1.3326 से नीचे टिका हुआ है। मुद्रा जोड़ी इस अल्पकालिक प्रवृत्ति संकेतक से काफी नीचे फिसल गई है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि जब तक कीमत इस ईएमए के नीचे बनी रहती है, तब तक किसी भी तेजी के सीमित रहने की संभावना है।
तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 34.9 पर स्थित है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के ठीक ऊपर है। यह स्थिति बिकवाली के पूरी तरह समाप्त होने के बजाय लगातार बने हुए मंदी के दबाव की ओर इशारा करती है। यदि पाउंड में तेजी आती है, तो ऊपर की ओर तात्कालिक बाधा 20-दिवसीय ईएमए यानी 1.3326 के स्तर पर मौजूद है। पाउंड में निरंतर सुधार का मार्ग प्रशस्त करने और मौजूदा मंदी के दबाव को कम करने के लिए खरीदारों को इस महत्वपूर्ण स्तर को वापस हासिल करना होगा। जब तक यह अवरोध पार नहीं होता, तकनीकी स्थिति निचले स्तरों पर और गिरावट या सीमित दायरे में कारोबार के पक्ष में बनी हुई है, और हालिया उच्च स्तरों से आई व्यापक गिरावट के बीच किसी भी उछाल को केवल सुधारात्मक माना जाएगा।
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक जीबीपी/यूएसडी 1.32 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.32 के मुकाबले 0.16% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 33 पर और एमएसीडी -0.01 पर है, जबकि सिग्नल लाइन -0.01 और हिस्टोग्राम -0.00 पर मंदी का रुख दर्शा रहे हैं। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर हैं, जबकि 50-दिवसीय एसएमए 1.35 और 200-दिवसीय एसएमए 1.34 पर हैं। मूल्य दीर्घकालिक गिरावट में है और 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाना डेथ क्रॉस की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 1.31 से 1.36 के बीच हैं और कीमत इनके भीतर बनी हुई है। 14-दिवसीय एडीएक्स 34 पर ट्रेंडिंग गति को दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 12 और सिग्नल लाइन 14 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 0.01 है जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। 20-दिवसीय सपोर्ट 1.32 और रेजिस्टेंस 1.36 के करीब है। प्रमुख स्तरों में पिवट 1.32, रेजिस्टेंस आर1 1.33, आर2 1.33 और सपोर्ट एस1 1.32, एस2 1.32 हैं।
अमेरिकी आईएसएम सर्विसेज पीएमआई पर टिकीं निवेशकों की निगाहें
वैश्विक वित्तीय बाजार अब इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट यानी आईएसएम द्वारा जारी किए जाने वाले सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई के आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आईएसएम सर्विसेज पीएमआई अमेरिकी सेवा क्षेत्र की वर्तमान आर्थिक स्थिति को दर्शाता है, जो ऐतिहासिक रूप से अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा है।
इस सूचकांक में 50 से ऊपर का आंकड़ा सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है। उम्मीद से बेहतर आंकड़े आमतौर पर अमेरिकी डॉलर को अपनी प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूती प्रदान करने में मदद करते हैं। सितंबर महीने में अमेरिकी आईएसएम सर्विसेज पीएमआई में मामूली सुधार की उम्मीद है और सेवा क्षेत्र के मजबूती से विस्तार क्षेत्र में बने रहने का अनुमान है। मुख्य पीएमआई आंकड़े के अलावा, निवेशक इसके भीतर मौजूद एम्प्लॉयमेंट इंडेक्स और प्राइसेस पेड इंडेक्स पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि ये आंकड़े अमेरिकी श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति और मुद्रास्फीति के दबाव के संबंध में महत्वपूर्ण संकेत उपलब्ध कराते हैं।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कमोडिटी परिसंपत्तियों में भी डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक तनावों का असर देखा गया है। सोमवार को देर एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी/यूएसडी में नई बिकवाली देखी गई और यह 0.6900 की ओर गिर गया। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच अमेरिकी डॉलर की नई मजबूती ने इस जोड़ी पर दबाव डाला। इस प्रमुख मुद्रा जोड़ी में नए व्यापारिक रुझान के लिए कच्चा तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए की मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं पर ध्यान बना हुआ है।
दूसरी ओर, एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई ने अपनी शुरुआती गिरावट मिटा दी और 158.00 का स्तर दोबारा हासिल कर लिया। यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान यानी बीओजे द्वारा सख्त नीति अपनाने की अपेक्षाओं और मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के चलते इस जोड़ी की आगे की बढ़त सीमित रह सकती है, जिससे जापानी येन को समर्थन मिल सकता है।
कमोडिटी बाजार में सोने ने सोमवार को अपनी कुछ गिरावट को कम किया, लेकिन यह अपने पुराने सीमित दायरे में ही फंसा रहा। सोने की कीमतें 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित रहीं, जबकि दो महीने का निचला स्तर 4,110 डॉलर इससे कुछ ही दूरी पर बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हालिया नरमी ने कीमती धातुओं को कुछ सहारा दिया है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की ऊंची यील्ड डॉलर की गिरावट पर अंकुश लगा रही है।
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क में लगातार पांचवें दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.090 डॉलर से नीचे चला गया। हालांकि, खुदरा मांग मजबूत बनी हुई है और सक्रिय परपेचुअल्स का नोशनल मूल्य 10 मिलियन डॉलर से ऊपर बना हुआ है, लेकिन मंदी की गति बढ़ने से पाई का तकनीकी परिदृश्य कमजोर बना हुआ है।
यूरोपीय मोर्चे पर, यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर यानी ईयूआर/यूएसडी गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह जोड़ी बुधवार को 1.1312 के स्तर तक गिर गई थी और जनवरी के अपने 1.2082 के शिखर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। यूरो में यह भारी गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा की ऊंची कीमतों को लेकर यूरोप की संवेदनशीलता के संयुक्त प्रभाव को दर्शाती है।






















