अमेरिकी शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई अचानक तेजी के दम पर जोरदार उछाल देखने को मिला है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख सूचकांक नास्डैक कंपोजिट ने करीब 2 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर बाजार में सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 भी लगभग 1-1 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुए। इस तेजी के पीछे एनवीडिया, माइक्रोन, इंटेल और एएमडी जैसी दिग्गज चिप निर्माता कंपनियों में जबरदस्त खरीदारी का रुख रहा। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी किए जाने के बाद वॉल स्ट्रीट पर लगातार चल रहे गिरावट के सिलसिले पर विराम लगा। हालांकि, शुक्रवार सुबह अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में नरमी देखी जा रही है, जो बाजार के सतर्क रुख की तरफ इशारा कर रही है।
वॉल स्ट्रीट सूचकांकों का प्रदर्शन और समापन आंकड़े
बीती रात के कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.14 अंक यानी 0.61 प्रतिशत चढ़कर 51,778.04 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 सूचकांक 85.95 अंक या 1.14 प्रतिशत की छलांग लगाकर 7,637.76 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान नास्डैक कंपोजिट ने सबसे आगे रहते हुए 439.88 अंक यानी 1.7 प्रतिशत की जोरदार रैली दर्ज की और 26,418.30 पर अपने सत्र का समापन किया। 17 सितंबर 2026 को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट और बॉन्ड यील्ड में नरमी के कारण वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार हुआ। इसके अलावा चिप शेयरों में खरीदारी के बने नए मोमेंटम ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई।
चिप निर्माता कंपनियों में जोरदार खरीदारी और एआई से जुड़ी चिंताएं
शेयर बाजार की इस तेजी की कमान पूरी तरह से चिप कंपनियों के हाथों में रही। सप्ताह की शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं ने एआई से संबंधित पूंजीगत खर्च (कैपिटल स्पेंडिंग) पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिससे शेयरों में गिरावट आई थी। हालांकि, गुरुवार को इन शेयरों ने शानदार वापसी की। माइक्रोन के शेयरों में 5.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनवीडिया 2.5 प्रतिशत उछला। सबसे तगड़ा प्रदर्शन इंटेल ने दिखाया, जिसके शेयर 7.7 प्रतिशत चढ़े। इसके अलावा एएमडी 6.4 प्रतिशत और सैनडिस्क 6.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के भाव घटने से महंगाई को लेकर बाजार की चिंताएं कुछ कम हुईं, जिससे ट्रेजरी बॉन्ड बाजार में खरीदारी लौटी। इस नरमी के बीच अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड इस सप्ताह 5 प्रतिशत के स्तर को छूने के बाद गिरकर लगभग 4.93 प्रतिशत पर आ गई। फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें बढ़ाए जाने के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली, भले ही नीति निर्माताओं ने संकेत दिया है कि महंगाई पर पूरी तरह काबू पाने के लिए मौद्रिक सख्ती का दौर आगे भी जारी रह सकता है।
शुक्रवार के वायदा कारोबार में सुस्ती का माहौल
वॉल स्ट्रीट पर आई इस तेजी के बावजूद 18 सितंबर 2026, शुक्रवार के शुरुआती घंटों में अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। शुरुआती कारोबार के दौरान डाउ जोन्स फ्यूचर्स मामूली गिरावट के साथ 51,804 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 6.50 अंक फिसलकर 7,633.50 पर आ गया, जबकि नास्डैक 100 फ्यूचर्स में सबसे ज्यादा 63 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 29,383.75 के स्तर पर आ गया। चार्ल्स श्वाब के एक नोट के अनुसार, निवेशक तीन से अधिक वर्षों में फेड की पहली ब्याज दर बढ़ोतरी के व्यापक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं, जबकि भू-राजनीतिक तनाव, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की पैनी नजर बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतें और 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड की स्थिति
शुक्रवार सुबह के शुरुआती घंटों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, लेकिन यह अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी हुई है। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 1 प्रतिशत गिरकर लगभग 101 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत टूटकर करीब 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक गैस और गैसोलीन की कीमतों में भी 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड गुरुवार को घटकर 4.95 प्रतिशत पर आ गई। यह हाल ही में 5.04 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो 2007 के बाद का इसका उच्चतम स्तर था। बॉन्ड यील्ड में यह गिरावट फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व के चेयरपर्सन वॉर्श द्वारा महंगाई से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता दोहराए जाने के बाद देखने को मिली। चेयरपर्सन के इस रुख ने कीमतों के दबाव को रोकने और नीतिगत विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट का घटनाक्रम
कच्चे तेल की कीमतों में आई मामूली गिरावट के बावजूद लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता और संघर्ष का नए मोर्चों पर विस्तार वैश्विक बाजारों के लिए एक बड़ा दबाव बना हुआ है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, निवेशक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि तनाव में किसी भी नए इजाफे से कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट तेजी से उलट सकती है और बाजार में दोबारा भारी उतार-चढ़ाव लौट सकता है।
एससीएफआर के डेरिवेटिव्स रिसर्च और स्ट्रैटेजी डायरेक्टर नाथन पीटरसन ने बाजार की दिशा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां तक तेजी के पहलू का सवाल है, पिछले छह हफ्तों में तेल की कीमतें ऊपर आने के बावजूद उपभोक्ता मजबूत बना हुआ है और बॉन्ड यील्ड ऊंची जरूर है लेकिन अनियंत्रित नहीं हुई है। नाथन पीटरसन ने यह भी रेखांकित किया कि निकट अवधि के ट्रेडिंग नजरिए से सबसे अहम संकेतक ईरान युद्ध की स्थिति है, और यह बहुत अच्छी दिशा में जाता नहीं दिख रहा है।
चार्ल्स श्वाब के दृष्टिकोण के मुताबिक, सप्ताह के अंत तक किसी बड़ी कमाई घोषणा या आर्थिक आंकड़ों की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से ऊंची ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक टकराव के बीच ब्याज दरों के भावी रास्ते पर ही टिका रहेगा। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कोई भी बड़ा आर्थिक डेटा या तिमाही नतीजों की घोषणा निर्धारित नहीं है।



















