अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दबाव का सामना कर रहा है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई जोरदार तेजी से अतिरिक्त बल मिल रहा है। इसके बावजूद न्यूजीलैंड की मुद्रा में भारी गिरावट नहीं देखी जा रही है, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा अक्टूबर महीने में नीतिगत ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की संभावनाओं में भारी इजाफा हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक नीतिगत कदमों पर टिकी हुई है।
न्यूजीलैंड में ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना 87 फीसदी तक पहुंची
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था में महंगाई का जोखिम फिर से बढ़ने लगा है। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव में आई तेजी ने घरेलू स्तर पर मूल्य वृद्धि की चिंताओं को गहरा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की ओर से मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने की अटकलें जोर पकड़ चुकी हैं। वित्तीय बाजारों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर की बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब बढ़कर 87% हो गई है। यह आंकड़ा महीने की शुरुआत में दर्ज की गई महज 20% की संभावना के मुकाबले एक बहुत बड़ा उछाल दर्शाता है।
नीतिगत सख्ती की इन उम्मीदों को रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की गवर्नर एना ब्रेमन की हालिया टिप्पणियों से भी समर्थन मिला है। केंद्रीय बैंक प्रमुख ने स्पष्ट तौर पर सचेत किया कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बने रहने से निकट अवधि की मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के ताजा अनुमानों से ऊपर निकल सकती है। एना ब्रेमन के अनुसार, ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर अर्थव्यवस्था में मांग को नियंत्रित रखने और मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिए प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति को जारी रखने की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाएगी।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर
न्यूजीलैंड डॉलर को घरेलू स्तर पर समर्थन मिलने के बावजूद, अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के कारण NZD/USD मुद्रा जोड़ी लगातार दबाव में बनी हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज उछाल देखा जा रहा है, जहां 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड चढ़कर लगभग 5.16% पर पहुंच गई है। यह स्तर वर्ष 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। इसी तरह, नीतिगत दरों के प्रति संवेदनशील मानी जाने वाली 2-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.91% के आसपास कारोबार कर रही है, जिसने डॉलर को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान की है।
ट्रेजरी यील्ड में यह तेजी हाल ही में जारी हुए मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद देखने को मिली है। सितंबर महीने में एसएंडपी ग्लोबल कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई अप्रत्याशित रूप से उछलकर 58.4 पर पहुंच गया, जो बीते पांच वर्षों का इसका सबसे ऊंचा स्तर है। इन आंकड़ों ने बाजार में इस धारणा को और पुख्ता कर दिया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी इतनी सशक्त स्थिति में है कि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि का सिलसिला जारी रख सकता है।
फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और सीएमई फेडवॉच के संकेत
अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा पिछले सप्ताह 25 आधार अंकों की दर वृद्धि किए जाने के बाद अब निवेशकों ने अक्टूबर की बैठक में भी दर बढ़ोतरी की संभावनाओं पर अपने दांव बढ़ा दिए हैं। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आगामी बैठक में फेड द्वारा ब्याज दरें एक बार फिर बढ़ाने की संभावना अब लगभग 68% हो गई है, जो कि एक सप्ताह पहले 55% दर्ज की गई थी। इस प्रकार, NZD/USD विनिमय दर दोनों दिशाओं से आ रहे विपरीत दबावों के बीच फंसी हुई है। एक तरफ जहां अमेरिकी डॉलर की तेजी और ऊंची बॉन्ड यील्ड इस जोड़ी को नीचे खींच रही है, वहीं दूसरी तरफ न्यूजीलैंड में मौद्रिक सख्ती की बढ़ती उम्मीदें किवी मुद्रा में आने वाली गिरावट पर ब्रेक लगाने का काम कर रही हैं।
तकनीकी विश्लेषण: प्रमुख स्तर और संकेतक
गुरुवार को बाजार सत्र के दौरान NZD/USD लगभग 0.5655 के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसमें दिन के आधार पर 0.30% की नरमी दर्ज की गई। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.5658 के स्तर पर चल रही है, जबकि इसका पिछला बंद 0.5724 पर रहा था, जो 1.16% की गिरावट को दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है, और मौजूदा कारोबारी वॉल्यूम इसके 20-दिवसीय औसत का 1.00 गुना बना हुआ है।
एक घंटे के तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो NZD/USD 0.5657 के स्तर पर कारोबार करते हुए मंदी का रुख दर्शा रहा है। यह जोड़ी 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए (0.5707) और 200-अवधि के एसएमए (0.5727) दोनों के नीचे टिकी हुई है। ऊपर की ओर, इस जोड़ी के लिए 0.5686 पर एक निकटवर्ती क्षैतिज प्रतिरोध बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई गिरकर ओवरसोल्ड दायरे में लगभग 29 के आसपास पहुंच गया है, जो किसी भी त्वरित सुधार के बजाय लगातार बने हुए मंदी के दबाव की पुष्टि करता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 14-अवधि का आरएसआई 25 दर्ज किया गया है।
मूविंग एवरेज के विश्लेषण में ईएमए 20 का स्तर 0.5789, ईएमए 50 का स्तर 0.5824 और ईएमए 200 का स्तर 0.5827 है, जबकि एसएमए 50 का स्तर 0.5850 और एसएमए 200 का स्तर 0.5852 पर स्थित है। ईएमए 50 के ईएमए 200 से नीचे आने के कारण चार्ट पर डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो दीर्घकालिक मंदी के रुझान की ओर इशारा करता है। बोलिंगर बैंड (20,2) की सीमा 0.5648 से 0.5983 के बीच फैली है और इसका मध्य स्तर 0.5816 है, जिसके भीतर ही भाव गतिशील है। 14-अवधि का एडीएक्स 43 पर है जो ट्रेंड की मजबूती को दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 2 और सिग्नल लाइन 11 पर है। 14-अवधि का एटीआर 0.00 पर है। 20-दिवसीय समर्थन स्तर लगभग 0.5653 और प्रतिरोध स्तर लगभग 0.5967 के पास देखा जा रहा है।
ट्रेडिंग के मुख्य स्तरों में पिवट बिंदु 0.5666 पर है। गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन एस1 0.5645 पर और दूसरा निचला स्तर एस2 0.5632 पर स्थित है। इसके अलावा 0.5649 का तात्कालिक समर्थन और उसके नीचे 0.5626 का क्षैतिज आधार मौजूद है, जो बिकवाली की नई लहर आने पर अहम भूमिका निभाएगा। तेजी की दिशा में दबाव कम करने के लिए 0.5686 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी होगा, जिसके बाद आर1 0.5679 और आर2 0.5700 का स्तर आता है। इसके ऊपर 0.5707 और 0.5727 का सघन प्रतिरोध दायरा तथा अगला अवरोध 0.5735 पर बना हुआ है।
अन्य एशियाई मुद्राओं और वैश्विक बाजारों की स्थिति
गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 0.7000 के स्तर की तरफ फिसलता नजर आया। यह गिरावट ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों के जारी होने के बाद आई, जिसमें बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5% की तुलना में बढ़कर 4.6% हो गई, हालांकि रोजगार परिवर्तन उम्मीदों से बेहतर रहा और यह 39.5 हजार दर्ज किया गया। मुद्रा कारोबारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक को लेकर भी सतर्क बने हुए हैं।
दूसरी ओर, डॉलर/येन की जोड़ी अपने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर एशियाई सत्र में 158.00 के करीब कारोबार करती दिखी। जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में आए उछाल और मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को सहारा दिया, यद्यपि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों और ऊंची अमेरिकी यील्ड के चलते डॉलर अपने दो महीने के उच्च स्तर के आसपास बना रहा। इस बीच बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम है और व्यापक बाजार अपेक्षाओं के अनुकूल रहा।
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव में लगातार दूसरे दिन मंदी का रुख बना रहा और यह यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे यानी एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। बाजार प्रतिभागी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि किसी बड़े समझौते की उम्मीदें काफी कम हैं, फिर भी निवेशक दुर्लभ खनिजों, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा व्यापार समझौते के विस्तार पर होने वाली प्रगति पर करीबी नजर रख रहे हैं।


















